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इस तारीख तक प्रॉपर्टी और हाउस टैक्स जमा कराएंगे तो मिलेगी छूट, जानिए कितनी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 26 Mar 2018 09:57 AM IST
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house tax
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अगर आप नए वित्तीय वर्ष में प्रॉपर्टी और हाउस टैक्स में छूट चाहते हैं तो आपको 31 मई तक खुद ही अपने घर का टैक्स जमा करवाना होगा। इसके लिए जरूरी नहीं कि आपको नगर निगम कार्यालय ही जाना पड़े। आप एक अप्रैल से घर बैठे ही ऑनलाइन टैक्स जमा करवा सकते हैं। नगर निगम यह सुविधा देने जा रहा है। शहर में एक लाख से ज्यादा मकान हैं, जो कि प्रापर्टी और हॉउस टैक्स के तहत आते हैं। एक अप्रैल से 31 मई तक प्रापर्टी टैक्स जमा करवाने पर सेल्फ असेसमेंट स्कीम के तहत प्रॉपर्टी टैक्स अदा करने वाले व्यापारियों को 10 प्रतिशत और हाउस टैक्स जमा करवाने पर 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
पिछले साल नगर निगम ने प्रापर्टी टैक्स के रेट में 10 प्रतिशत का भी इजाफा किया है। शहर में 26 हजार कामर्शियल और 70 हजार रिहायशी इमारतें हैं, जो टैक्स के दायरे में आती हैं। ऐसे में जो लोग 31 मई तक हाउस टैक्स जमा नहीं करवाएंगे, उनसे 25 प्रतिशत अतिरिक्त हाउस और प्रापर्टी टैक्स लिया जाएगा जबकि 12 प्रतिशत ब्याज भी अलग से चार्ज किया जाएगा। मालूम हो कि शहर में हाउस टैक्स 5 मरले से ऊपर तक के मकानों पर एक रुपये प्रति गज के हिसाब से टैक्स चार्ज किया जा रहा है।
40 करोड़ की कमाई
पिछले वित्तीय वर्ष में नगर निगम की हाउस और प्रापर्टी टैक्स से रिकार्ड तोड़ कमाई हुई है। नगर निगम मंगलवार तक 40 करोड़ रुपये की कमाई कर चुका है। इसका कारण यह भी है कि नगर निगम ने डिफाल्टरों से शिकंजा कस कर बकाया राशि इकट्ठी की है। इतनी कमाई इससे पहले कभी नहीं हुई है।
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विभाग भी जमा करवा रहे हैं सर्विस चार्ज
सरकारी मकानों का भी सर्विस चार्ज जमा होता है। अभी संबंधित विभाग अपने सरकारी मकानों के हाउस टैक्स जमा करवा रहे हैं जिनके कर्मचारियों सरकारी मकान में रहते हैं। सर्विस चार्ज का रेट हाउस टैक्स के मुकाबले में 75 प्रतिशत है।
एक अप्रैल से शहरवासियों को ऑनलाइन प्रापर्टी और हाउस टैक्स जमा करवाने की सुविधा लांच की जाएगी। इसके साथ ही एक अप्रैल से 31 मई तक सेल्फ असेसमेंट स्कीम के तहत खुद टैक्स जमा करवाने पर छूट मिलेगी। इस बार नगर निगम की ओर से पहली बार टैक्स का बिल भी सभी घरों को नगर निगम की ओर से भेजा जाएगा। एक अप्रैल से ऑनलाइन टैक्स जमा करवाने वाले नगर निगम और ई संपर्क की वेबसाइट पर अपना कैलकुलेट टैक्स (जिसका भुगतान करना है) का रिकार्ड भी देख पाएंगे।
- अनिल गर्ग, अतिरिक्त कमिश्नर, नगर निगम
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पिछले साल नगर निगम ने प्रापर्टी टैक्स के रेट में 10 प्रतिशत का भी इजाफा किया है। शहर में 26 हजार कामर्शियल और 70 हजार रिहायशी इमारतें हैं, जो टैक्स के दायरे में आती हैं। ऐसे में जो लोग 31 मई तक हाउस टैक्स जमा नहीं करवाएंगे, उनसे 25 प्रतिशत अतिरिक्त हाउस और प्रापर्टी टैक्स लिया जाएगा जबकि 12 प्रतिशत ब्याज भी अलग से चार्ज किया जाएगा। मालूम हो कि शहर में हाउस टैक्स 5 मरले से ऊपर तक के मकानों पर एक रुपये प्रति गज के हिसाब से टैक्स चार्ज किया जा रहा है।
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40 करोड़ की कमाई
पिछले वित्तीय वर्ष में नगर निगम की हाउस और प्रापर्टी टैक्स से रिकार्ड तोड़ कमाई हुई है। नगर निगम मंगलवार तक 40 करोड़ रुपये की कमाई कर चुका है। इसका कारण यह भी है कि नगर निगम ने डिफाल्टरों से शिकंजा कस कर बकाया राशि इकट्ठी की है। इतनी कमाई इससे पहले कभी नहीं हुई है।
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विभाग भी जमा करवा रहे हैं सर्विस चार्ज
सरकारी मकानों का भी सर्विस चार्ज जमा होता है। अभी संबंधित विभाग अपने सरकारी मकानों के हाउस टैक्स जमा करवा रहे हैं जिनके कर्मचारियों सरकारी मकान में रहते हैं। सर्विस चार्ज का रेट हाउस टैक्स के मुकाबले में 75 प्रतिशत है।
एक अप्रैल से शहरवासियों को ऑनलाइन प्रापर्टी और हाउस टैक्स जमा करवाने की सुविधा लांच की जाएगी। इसके साथ ही एक अप्रैल से 31 मई तक सेल्फ असेसमेंट स्कीम के तहत खुद टैक्स जमा करवाने पर छूट मिलेगी। इस बार नगर निगम की ओर से पहली बार टैक्स का बिल भी सभी घरों को नगर निगम की ओर से भेजा जाएगा। एक अप्रैल से ऑनलाइन टैक्स जमा करवाने वाले नगर निगम और ई संपर्क की वेबसाइट पर अपना कैलकुलेट टैक्स (जिसका भुगतान करना है) का रिकार्ड भी देख पाएंगे।
- अनिल गर्ग, अतिरिक्त कमिश्नर, नगर निगम