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चंडीगढ़ प्रशासन का सिटीजन चार्टर फेल हुआ, तय समय पर काम नहीं हो रहा है
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 15 May 2017 04:17 PM IST
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जनता की सहूलियत के लिए बना सिटीजन चार्टर लागू करने में चंडीगढ़ प्रशासन में पूरी तरह फेल साबित हो रहा है, क्योंकि लोग धक्के खा रहे हैं। शहरवासियों को नक्शा पास करवाने, एनओसी लेने और ट्रांसफर कराने के लिए एस्टेट आफिस व बिल्डिंग ब्रांच के महीनों चक्कर लगाने पड़ रहे है। एस्टेट आफिस में आज भी न्यू बिल्डिंग प्लान, नक्शा पास करवाने, एनओसी की 100 से ज्यादा फाइलें पेंडिंग पड़ी हैं।
सिटीजन चार्टर लागू करते समय प्रशासन ने यह दावा किया था कि तय समय सीमा पर लोगों का काम होगा। समय पर काम न होने पर अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन प्रशासन के बड़े-बड़े दावे खोखले नजर आ रहे हैं। सेक्टर-38 ए के मकान नंबर 202 निवासी राजवंशी ने बताया कि उसने एस्टेट आफिस में बिल्डिंग प्लान तो जमा करवा दिए। एक माह से ज्यादा का समय गुजर चुका है। स्वामित्व सत्यापन के चलते आज महीनों से एस्टेट आफिस में उनकी फाइल पेंडिंग पड़ी है।
सिटीजन चार्टर की अगर बात करें तो यह काम 31 दिन के भीतर हो जाना चाहिए। वहीं, आर्किटेक्ट हरीश सैनी ने बताया कि न्यू बिल्डिंग बायलॉज में पार्किंग को लेकर किए गए बदलाव के चलते नक्शे पास नहीं हो पा रहे है। प्रशासन ने न्यू बिल्डिंग बायलॉज पर 31 मई तक लोगों की राय मांगी है। न्यू बिल्डिंग बायलॉज की फाइनल नोटिफिकेशन तक एस्टेट आफिस के कई कार्य प्रभावित हो सकते है।
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नक्शा पास करवाने, एनओसी लेने और बिल्डिंग प्लान अप्रूव कराने में आज भी लोगों को काफी परेशानी हो रही है, प्रशासन के अधिकारियों को चाहिए कि सिटीजन चार्टर को ढंग से लागू किया जाए।
- सुरेंद्र बहगा, पूर्व चेयरमैन, इंडियन इंस्टीट्यूट आफ आर्किटेक्ट
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। अगर इस तरह की शिकायत मिलती है तो वह इस मसले पर संबंधित अधिकारियों से फीड बैक लेंगे। जनता को काई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- अजीत बालाजी जोशी, डीसी, चंडीगढ़
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सिटीजन चार्टर लागू करते समय प्रशासन ने यह दावा किया था कि तय समय सीमा पर लोगों का काम होगा। समय पर काम न होने पर अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन प्रशासन के बड़े-बड़े दावे खोखले नजर आ रहे हैं। सेक्टर-38 ए के मकान नंबर 202 निवासी राजवंशी ने बताया कि उसने एस्टेट आफिस में बिल्डिंग प्लान तो जमा करवा दिए। एक माह से ज्यादा का समय गुजर चुका है। स्वामित्व सत्यापन के चलते आज महीनों से एस्टेट आफिस में उनकी फाइल पेंडिंग पड़ी है।
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सिटीजन चार्टर की अगर बात करें तो यह काम 31 दिन के भीतर हो जाना चाहिए। वहीं, आर्किटेक्ट हरीश सैनी ने बताया कि न्यू बिल्डिंग बायलॉज में पार्किंग को लेकर किए गए बदलाव के चलते नक्शे पास नहीं हो पा रहे है। प्रशासन ने न्यू बिल्डिंग बायलॉज पर 31 मई तक लोगों की राय मांगी है। न्यू बिल्डिंग बायलॉज की फाइनल नोटिफिकेशन तक एस्टेट आफिस के कई कार्य प्रभावित हो सकते है।
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नक्शा पास करवाने, एनओसी लेने और बिल्डिंग प्लान अप्रूव कराने में आज भी लोगों को काफी परेशानी हो रही है, प्रशासन के अधिकारियों को चाहिए कि सिटीजन चार्टर को ढंग से लागू किया जाए।
- सुरेंद्र बहगा, पूर्व चेयरमैन, इंडियन इंस्टीट्यूट आफ आर्किटेक्ट
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। अगर इस तरह की शिकायत मिलती है तो वह इस मसले पर संबंधित अधिकारियों से फीड बैक लेंगे। जनता को काई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- अजीत बालाजी जोशी, डीसी, चंडीगढ़