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Chandigarh: समय पर लाइसेंस फीस देने वाले वेंडर्स का बीमा करेगा निगम, बच्चों को पढ़ाने के लिए भी लाएगा नीति
Thu, 12 Oct 2023 02:08 PM IST
निवेदिता वर्मा
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 12 Oct 2023 02:08 PM IST
सार
निगम की नीति के अनुसार मुख्य रूप से स्ट्रीट वेंडर्स का ग्रुप इंश्योरेंस पॉलिसी, आर्थिक रूप से कमजोर वेंडर्स के बच्चों की पढ़ाई के लिए सहायता राशि और बच्चों की शादी के लिए शगुन के रूप में करीब 25 हजार रुपये देने की योजना है। इसके अलावा केंद्र सरकार की तरफ से दी जाने वाली सहायता भी जारी रहेगी।
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चंडीगढ़
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
हर महीने समय पर लाइसेंस फीस जमा कराने वाले वेंडर्स की मदद के लिए चंडीगढ़ नगर निगम एक नीति बना रहा है। इसमें वेंडर्स की ग्रुप इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ बच्चों की पढ़ाई, बेटी की शादी के लिए शगुन समेत अन्य तरह से सहायता करने की योजना है। नीति का ड्राफ्ट नगर निगम ने तैयार कर लिया है।
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नगर निगम शहर के वेंडर्स से अक्टूबर 2017 से लाइसेंस फीस ले रहा है। जानकारी के अनुसार निगम ने अब तक लाइसेंस फीस के रूप में 40 करोड़ से ज्यादा वसूले हैं। स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट में इस बात का जिक्र था कि लाइसेंस फीस के रूप में जो भी पैसे नगर निगम की ओर से लिए जाएंगे, उनसे वेंडर्स के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई जाएंगी, ताकि उनका जीवन और बेहतर हो सके। नगर निगम ने अब जाकर इस पर काम शुरू किया है और वेंडरों के लिए वेलफेयर नीति का ड्राफ्ट तैयार किया है।
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नीति के अनुसार मुख्य रूप से स्ट्रीट वेंडर्स का ग्रुप इंश्योरेंस पॉलिसी, आर्थिक रूप से कमजोर वेंडर्स के बच्चों की पढ़ाई के लिए सहायता राशि और बच्चों की शादी के लिए शगुन के रूप में करीब 25 हजार रुपये देने की योजना है। इसके अलावा केंद्र सरकार की तरफ से दी जाने वाली सहायता भी जारी रहेगी। हालांकि, इन सभी का लाभ नगर निगम में पंजीकृत उन वेंडर्स को ही मिलेगा, जो नियमित रूप से लाइसेंस फीस जमा कर रहे हैं और उनके ऊपर निगम का कोई बकाया नहीं है। अधिकारियों द्वारा नीति को हरी झंडी मिलने के बाद इसे टाउन वेंडिंग कमेटी में रखा जाएगा, जहां पर सभी के विचार लिए जाएंगे। उसके बाद इसे लागू करने की योजना है।
अधिकतर वेंडर हर महीने नहीं जमा कर रहे लाइसेंस फीस
नगर निगम में 10,920 वेंडर पंजीकृत हैं, लेकिन इनमें से करीब साढ़े तीन हजार वेंडर की ही हर माह लाइसेंस फीस जमा करवा रहे हैं, जबकि शहर में इससे चार गुना वेंडर काम कर रहे हैं। अन्य वेंडर नगर निगम को अपनी लाइसेंस फीस जमा नहीं करवा रहे हैं। नगर निगम को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। शहर में स्ट्रीट वेंडर एक्ट लागू है। बाकी बचे वेंडर बिना लाइसेंस फीस के शहर में कारोबार कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें: Sidhu Moosewala Murder: 17 महीने बाद हुआ सबसे बड़ा खुलासा... इस कारण गोलियों से भूना गया था मूसेवाला
नगर निगम ने सेक्टर-1 से 6 और सेक्टर-17 को नो वेंडिंग जोन घोषित किया हुआ है। बावजूद यहां पर वेंडर बैठ रहे हैं। इस बारे में व्यापारी कई बार नगर निगम के समक्ष मुद्दा उठा चुके हैं। राक गार्डन और सुखना लेक के बाहर भी वेंडर को बैठने की मंजूरी नहीं है। बावजूद यहां पर वेंडर होते हैं।
जुलाई में 2410 वेंडरों का लाइसेंस रद्द करने का हुआ है फैसला
जुलाई माह में हुई टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में काफी समय से फीस नहीं देने वाले करीब 2410 वेंडरों का लाइसेंस रद्द करने का फैसला हुआ था। इन वेंडरों ने अप्रैल 2018 में रजिस्ट्रेशन के बाद से ही फीस जमा नहीं कराई। निगम ने अखबारों में नोटिस भी निकाला था और फीस जमा कराने का समय दिया था लेकिन इन्होंने फीस जमा नहीं कराई। बता दें कि पूरे शहर में 46 वेंडिंग जोन साइट हैं, लेकिन यहां पर भी सुविधाओं का अभाव है। वेंडर्स को धूप और बारिश से बचने की कोई सुविधा नहीं दी गई है, जिसको लेकर भी वेंडर्स में काफी नाराजगी है। इस वजह से ही कई वेंडिंग साइट खाली पड़े हैं।
नगर निगम में 10,920 वेंडर पंजीकृत हैं, लेकिन इनमें से करीब साढ़े तीन हजार वेंडर की ही हर माह लाइसेंस फीस जमा करवा रहे हैं, जबकि शहर में इससे चार गुना वेंडर काम कर रहे हैं। अन्य वेंडर नगर निगम को अपनी लाइसेंस फीस जमा नहीं करवा रहे हैं। नगर निगम को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। शहर में स्ट्रीट वेंडर एक्ट लागू है। बाकी बचे वेंडर बिना लाइसेंस फीस के शहर में कारोबार कर रहे हैं।
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नगर निगम ने सेक्टर-1 से 6 और सेक्टर-17 को नो वेंडिंग जोन घोषित किया हुआ है। बावजूद यहां पर वेंडर बैठ रहे हैं। इस बारे में व्यापारी कई बार नगर निगम के समक्ष मुद्दा उठा चुके हैं। राक गार्डन और सुखना लेक के बाहर भी वेंडर को बैठने की मंजूरी नहीं है। बावजूद यहां पर वेंडर होते हैं।
जुलाई में 2410 वेंडरों का लाइसेंस रद्द करने का हुआ है फैसला
जुलाई माह में हुई टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में काफी समय से फीस नहीं देने वाले करीब 2410 वेंडरों का लाइसेंस रद्द करने का फैसला हुआ था। इन वेंडरों ने अप्रैल 2018 में रजिस्ट्रेशन के बाद से ही फीस जमा नहीं कराई। निगम ने अखबारों में नोटिस भी निकाला था और फीस जमा कराने का समय दिया था लेकिन इन्होंने फीस जमा नहीं कराई। बता दें कि पूरे शहर में 46 वेंडिंग जोन साइट हैं, लेकिन यहां पर भी सुविधाओं का अभाव है। वेंडर्स को धूप और बारिश से बचने की कोई सुविधा नहीं दी गई है, जिसको लेकर भी वेंडर्स में काफी नाराजगी है। इस वजह से ही कई वेंडिंग साइट खाली पड़े हैं।