चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव : कांग्रेस देगी भाजपा की बागी चंद्रावती शुक्ला को समर्थन, बैठ सकते हैं बबला
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भाजपा में बगावत के बाद कांग्रेस ने अपनी रणनीति बदल ली है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि पार्टी भाजपा की बागी आजाद उम्मीदवार चंद्रावती शुक्ला को समर्थन देगी। ऐसे में कांग्र्रेस प्रत्याशी देवेंद्र सिंह बबला अपना नाम वापस ले सकते हैं। इस बारे में मंगलवार को पार्टी फैसला ले सकती है। छाबड़ा ने कहा कि भाजपा ने उत्तराखंड व पूर्वांचल के लोगों को सिर्फ वोट बैंक समझा।
उन्हें नेतृत्व देने के बजाय छलते आए हैं। भाजपा के उम्मीदवार पर पिछले चार वर्षों में कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। वहीं, कांग्रेस के मेयर उम्मीदवार देवेंद्र सिंह बबला का कहना है कि उन्हें पूर्वांचल के साथियों से प्यार है। आरोप लगाया कि बीजेपी ने तो उत्तराखंड और पूर्वांचल को कभी चंडीगढ़ नगर निगम में प्रतिनिधित्व ही नहीं दिया। साथ ही कहा कि इनकी खातिर मैं अपना नाम वापस ले सकता हूं। वहीं, कांग्रेस नेता सुभाष चावला ने कहा कि भाजपा का चरित्र सामने आ चुका है।
चंद्रावती को मिल सकता है शिअद का भी समर्थन
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) चंडीगढ़ इकाई के अध्यक्ष हरदीप सिंह का कहना है कि वह चंद्रावती शुक्ला को समर्थन दे सकते हैं। हालांकि इस बारे में पार्टी आलाकमान ही अंतिम फैसला करेगा। भाजपा से गठबंधन टूटने के बाद अकाली ने मेयर चुनाव में हिस्सा न लेने की बात कही थी लेकिन अब बदली हुई परिस्थिति में शिअद अपनी रणनीति बदल सकता है।
देवेंद्र सिंह बबला
कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी देवेंद्र सिंह बबला कॉलेज के समय से ही राजनीति में हैं। वह समाजवादी जनता पार्टी चंडीगढ़ के भी अध्यक्ष रहे हैं। साल 1999 में कांग्रेस में शामिल हुए। नगर निगम का पहला चुनाव बबला सौ वोट से हार गए थे। दूसरी बार उनकी पत्नी हरप्रीत कौर बबला चुनाव जीतीं। उसके बाद बबला ने चुनाव लड़ा। वह दो बार निगम का चुनाव जीत चुके हैं। इस समय वह पार्टी के महासचिव हैं।
रविंदर कौर गुजराल
सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए उम्मीदवार रविंदर कौर गुजराल ने साल 2016 में पहला नगर निगम का चुनाव लड़ा और जीत गईं। वार्ड नंबर 15 से पार्षद गुजराल के पति एएस गुजराल पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में एडवोकेट हैं। उनकी बेटी डॉक्टर हैं जबकि बेटा एडवोकेट। रविंदर कौर साहित्य में एमए हैं और पीटीयू से आर्किटेक्ट की पढ़ाई की है।
सतीश कैंथ
डिप्टी मेयर पद के लिए उम्मीदवार सतीश कैंथ वर्ष 1979 में युवा कांग्रेस में शामिल हुए। पहली बार कांग्रेस के टिकट पर जीते और बाद में भाजपा में शामिल हो गए। साल 2019 में भाजपा से बगावत कर कांग्रेस में शामिल हो गए। साल 2013 में डिप्टी मेयर भी रहे हैं।