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एमसी चुनाव: दिखा शपथ पत्र का असर, 225 की जगह हुए 120 आवेदन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 26 Oct 2016 02:04 AM IST
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चंडीगढ़ कांग्रेस की जनसभा
- फोटो : File Photo
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कांग्रेस टिकट के लिए आवेदन के साथ शपथ पत्र लेने पर दावेदारों की संख्या कम हो गई है। जबकि ड्रा से पहले 225 दावेदारों ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने पर इच्छा जताई थी, लेकिन अब संख्या कम रहने पर तिवारी गुट ने बंसल गुट पर सवाल उठाया है। तिवारी गुट शुरू से ही शपथ पत्र लेने का विरोध करा रहा है।
टिकट आवेदन की समय सीमा भी अब समाप्त हो गई है ऐसे में शपथ पत्र लेने के मामले में तिवारी और बंसल गुट आपस में भिड़ गए हैं। मामला हाईकमान तक भी पहुंच गया है। शपथ पत्र के साथ आवेदन का विरोध करते हुए तिवारी गुट के नेताओं ने चुनाव के लिए आवेदन नहीं किया है।
मालूम हो कि शपथ पत्र में दावेदार की ओर से कहा गया है कि वह भविष्य में पार्टी छोड़कर नहीं जाएगा। साथ ही पिछले वर्षों में पार्टी छोड़ने और पार्टी की ओर से की गई कार्रवाई की भी जानकारी दावेदारों से ली गई है।
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टिकट आवेदन की समय सीमा भी अब समाप्त हो गई है ऐसे में शपथ पत्र लेने के मामले में तिवारी और बंसल गुट आपस में भिड़ गए हैं। मामला हाईकमान तक भी पहुंच गया है। शपथ पत्र के साथ आवेदन का विरोध करते हुए तिवारी गुट के नेताओं ने चुनाव के लिए आवेदन नहीं किया है।
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मालूम हो कि शपथ पत्र में दावेदार की ओर से कहा गया है कि वह भविष्य में पार्टी छोड़कर नहीं जाएगा। साथ ही पिछले वर्षों में पार्टी छोड़ने और पार्टी की ओर से की गई कार्रवाई की भी जानकारी दावेदारों से ली गई है।
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आवेदन के साथ शपथ पत्र लेेने पर तिवारी और बंसल गुट में बवाल
पवन बंसल
- फोटो : File Photo
तिवारी गुट के सीनियर नेता चंद्रमुखी शर्मा का कहना है कि 225 से आवेदन कम होकर 120 क्यों हो गए। अगर दावेदार कम हुए हैं तो इसका मतलब आवेदन प्रक्रिया में कोई न कोई खामी है। उन्होंने कहा कि दावेदारों की ओर से टिकट मांगा जा रहा है न कि कोई सरकारी नौकरी।
हाईकमान के नेताओं को उन्होंने मामले से अवगत करा दिया है। उनका कहना है कि शपथ पत्र लेने के बाद भी अगर कोई पार्टी छोड़ देता है तो क्या होगा। उन्होंने कहा कि निष्ठा दस्तावेज भरकर नहीं बताई जा सकती। चंद्रमुखी का दावा है कि वर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष को भी वह ही राजनीति में लेकर आए थे।
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि टिकट आवेदन के साथ शपथ पत्र लेने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया था। उनका कहना है कि जिन दावेदारों ने आवेदन नहीं किया है उन पर विचार नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि चंडीगढ़ कांग्रेस में कोई गुट नहीं है। शहर में पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल के नेतृत्व में ही पार्टी काम कर रही है।
हाईकमान के नेताओं को उन्होंने मामले से अवगत करा दिया है। उनका कहना है कि शपथ पत्र लेने के बाद भी अगर कोई पार्टी छोड़ देता है तो क्या होगा। उन्होंने कहा कि निष्ठा दस्तावेज भरकर नहीं बताई जा सकती। चंद्रमुखी का दावा है कि वर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष को भी वह ही राजनीति में लेकर आए थे।
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि टिकट आवेदन के साथ शपथ पत्र लेने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया था। उनका कहना है कि जिन दावेदारों ने आवेदन नहीं किया है उन पर विचार नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि चंडीगढ़ कांग्रेस में कोई गुट नहीं है। शहर में पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल के नेतृत्व में ही पार्टी काम कर रही है।