Chandigarh: नगर निगम की हालत खस्ता, पेंशन फंड से अब निकाले 50 करोड़ रुपये; कर्मचारियों को देंगे सैलरी
पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने 10 मार्च के बाद नगर निगम को कुछ पैसे देने का आश्वासन दिया था लेकिन निगम को अब तक प्रशासन से कोई रुपया नहीं मिला है। ऐसे में निगम के पास कोई चारा नहीं बचा है।
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चंडीगढ़ नगर निगम ने एक बार फिर पेंशन फंड से बड़ी रकम निकाली है। पहले बिजली बिल भरने के लिए 6 करोड़ रुपये निकाले गए थे और अब कर्मचारियों की सैलरी देने के लिए 50 करोड़ रुपये निकाले गए हैं। ब्याज दरों को देखते हुए निगम ने लोन लेने से परहेज किया है और अप्रैल में ग्रांट मिलने के बाद पेंशन फंड में यह राशि वापस जमा करने की योजना बनाई है।
नगर निगम गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रहा है। निगम के इतिहास में पहली बार रेगुलर कर्मचारियों की भी अभी तक सैलरी नहीं आई है। आउटसोर्स कर्मियों की सैलरी भी रुकी हुई है। कर्मचारी भड़के हुए हैं क्योंकि शुक्रवार को होली का त्योहार है और कर्मियों के पास पैसे नहीं हैं। वेतन न मिलने से कर्मचारियों में नाराजगी चरम पर है। कई कर्मचारियों ने कहा कि उनकी लोन की किस्त बाउंस हो गई हैं, क्योंकि सैलरी नहीं मिली। कुछ ने कहा कि बच्चों के एडमिशन का महीना चल रहा है। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
कई कर्मी मेयर से लेकर आयुक्त के पास भी पहुंचे, जिसके बाद वीरवार को निगम ने फिर से निगम के पेंशन फंड से पैसे निकालने का फैसला लिया है। करीब 50 करोड़ रुपये निकाले गए हैं। इनसे कर्मियों को सैलरी दी जाएगी। एक अधिकारी ने बताया कि शनिवार को कर्मचारियों की सैलरी आ जाएगी। इससे पहले निगम के कुछ दिन पहले कजौली वाटर वर्क्स के बिजली का बिल भरने के लिए पेंशन फंड से 6 करोड़ रुपये निकाले थे।
लोन लेने में देना पड़ रहा था ब्याजः हरप्रीत कौर बबला
मेयर हरप्रीत कौर बबला ने कहा कि कर्मचारियों को सैलरी देना बहुत जरूरी है। निगम ने पहले लोन लेने पर विचार किया था लेकिन उसमें ब्याज देना पड़ रहा था। जैसे घर में बजट कम होने पर दूसरे फंड से पैसा निकाल कर काम चलाया जाता है, वैसे ही पेंशन फंड से 50 करोड़ रुपये निकाल कर कर्मचारियों को वेतन दिया जा रहा है। अप्रैल के पहले हफ्ते में जैसे ही प्रशासन से ग्रांट-इन-एड आएगी तो लोन लेने पर जो ब्याज लगता था, उसके साथ कर्मचारियों के पेंशन फंड में यह 50 करोड़ रुपये जमा कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शनिवार को कर्मचारियों की सैलरी आ जाएगी।
पेंशन फंड से पैसा निकालने पर भड़के पुराने कर्मी
लगातार पेंशन फंड से पैसा निकालने की वजह से नगर निगम के पुराने कर्मचारी भड़के हुए हैं। उनका कहना है कि निगम कर्मचारियों के पैसे ही कर्मचारियों को दे रहा है। निगम की आर्थिक स्थिति लंबे समय तक खराब रहने वाली है। पेंशन फंड से पैसे निकालकर कर्मचारियों को देना बहुत गलत है। एक बार यह प्रथा शुरू हो गई तो आने वाले समय में हर बार नगर निगम द्वारा ऐसे ही किया जाएगा। पेंशन फंड किसी कर्मचारी के बुढ़ापे का सहारा होता है। ऐसे में अगर पेंशन फंड भी खत्म हो गया तो रिटायर होने वाले कर्मचारी कहीं के नहीं रहेंगे।