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कमाई कम घाटा ज्यादा, कुछ ऐसे हैं 50 करोड़ की मल्टीलेवल पार्किंग के हाल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 18 May 2017 02:42 PM IST
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multilevel parking sector 17
- फोटो : amar ujala
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सेक्टर-17 में 50 करोड़ की लागत से बनी शहर की पहली मल्टीलेवल पार्किंग निगम सफेद हाथी बन गई है, जबकि निगम पहले ही वित्तीय संकट से जूझ रहा है। मल्टीलेवल पार्किंग के रखरखाव के कारण ही निगम को एक साल में 70 लाख रुपये से ज्यादा का घाटा पड़ चुका है, जबकि हर माह यहां से कमाई सिर्फ 75 से 80 हजार रुपये ही है। इससे यहां का बिजली का खर्चा भी पूरा नहीं हो रहा है। पिछले साल 10 मई को तत्कालीन प्रशासक कप्तान सिंह सोलंकी ने मल्टीलेवल पार्किंग का उद्घाटन किया था।
इसलिए घाटे में
- निगम लोगों में मल्टीलेवल पार्किंग में वाहन पार्क करने की आदत नहीं डाल पाया।
- मल्टीलेवल के अलावा सेक्टर-17 में प्लाजा के आसपास जो अन्य पार्किंग हैं, वे पूरी तरह से निशुल्क हैं।
- निगम की साहिब सिंह और इंपायर स्टोर की पार्किंग बंद करके यहां पर नए सिरे से प्लाजा के निर्माण की योजना थी जो कि अभी पूरी नहीं हो पाई।
- सेक्टर-17 के भी नाममात्र व्यापारी ही यहां पर अपने वाहन पार्क कर रहे हैं।
- निगम ने मल्टीलेवल पार्किंग के सरफेस में विज्ञापन की मंजूरी मांगी थी, जिसे प्रशासन ने खारिज कर दिया। निगम विज्ञापन करके कमाई करना चाहता है।
- यहां पर कार पार्क करने का शुल्क 5 और स्कूटर का दो रुपये है, जो काफी कम है।
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इसलिए घाटे में
- निगम लोगों में मल्टीलेवल पार्किंग में वाहन पार्क करने की आदत नहीं डाल पाया।
- मल्टीलेवल के अलावा सेक्टर-17 में प्लाजा के आसपास जो अन्य पार्किंग हैं, वे पूरी तरह से निशुल्क हैं।
- निगम की साहिब सिंह और इंपायर स्टोर की पार्किंग बंद करके यहां पर नए सिरे से प्लाजा के निर्माण की योजना थी जो कि अभी पूरी नहीं हो पाई।
- सेक्टर-17 के भी नाममात्र व्यापारी ही यहां पर अपने वाहन पार्क कर रहे हैं।
- निगम ने मल्टीलेवल पार्किंग के सरफेस में विज्ञापन की मंजूरी मांगी थी, जिसे प्रशासन ने खारिज कर दिया। निगम विज्ञापन करके कमाई करना चाहता है।
- यहां पर कार पार्क करने का शुल्क 5 और स्कूटर का दो रुपये है, जो काफी कम है।
और कम हो गई कमाई
multilevel parking sector 17
- फोटो : amar ujala
पिछले साल जब मल्टीलेवल पार्किंग शुरू हुई थी तो एक माह की कमाई डेढ़ लाख रुपये हुई थी लेकिन अब यह कमाई कम होकर 75 से 80 हजार रुपये रह गई है। अब मल्टीलेवल पार्किंग को इंजीनियरिंग विंग चला रहा है, जबकि पहले पार्किंग कंपनी के हवाले थी।
इसके साथ ही मल्टीलेवल पार्किंग के सरफेस पर बागवानी और लैंड स्केपिंग के रखरखाव पर अलग से खर्च किया जा रहा है। इसका कारण यह भी है कि निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने नो पार्किंग पार्क होने वाले वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई को बंद कर दिया है।
कभी फुल नहीं हुई
एक साल में ऐसा कभी नहीं हुआ कि मल्टीलेवल के अंडरग्राउंड तीनों फ्लोर वाहनों से भर गए हों, यहां पर 724 कारें एक साथ पार्क हो सकती हैं। सवाल यह है कि पहली मल्टीलेवल पार्किंग प्रोजेक्ट को निगम सफल नहीं कर पा रहा है। ऐसे में सेक्टर-17 में स्मार्ट सिटी और मास्टर प्लान के तहत बनने वाली तीन और मल्टीलेवल पार्किंग कैसे चलेंगी।
कैफेटेरिया और इटिंग ज्वाइंटस खोले जाने चाहिए
सेक्टर-18 की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील चोपड़ा का कहना है कि मल्टीलेवल पार्किग के सरफेस पर कैफेटेरिया और इटिंग ज्वाइंटस खोले जाने चाहिए। यह स्थल खुलने से सेक्टर-17 की रौनक और बढ़ जाएगी और निगम की कमाई भी बढ़ जाएगी।
इसके साथ ही मल्टीलेवल पार्किंग के सरफेस पर बागवानी और लैंड स्केपिंग के रखरखाव पर अलग से खर्च किया जा रहा है। इसका कारण यह भी है कि निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने नो पार्किंग पार्क होने वाले वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई को बंद कर दिया है।
कभी फुल नहीं हुई
एक साल में ऐसा कभी नहीं हुआ कि मल्टीलेवल के अंडरग्राउंड तीनों फ्लोर वाहनों से भर गए हों, यहां पर 724 कारें एक साथ पार्क हो सकती हैं। सवाल यह है कि पहली मल्टीलेवल पार्किंग प्रोजेक्ट को निगम सफल नहीं कर पा रहा है। ऐसे में सेक्टर-17 में स्मार्ट सिटी और मास्टर प्लान के तहत बनने वाली तीन और मल्टीलेवल पार्किंग कैसे चलेंगी।
कैफेटेरिया और इटिंग ज्वाइंटस खोले जाने चाहिए
सेक्टर-18 की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील चोपड़ा का कहना है कि मल्टीलेवल पार्किग के सरफेस पर कैफेटेरिया और इटिंग ज्वाइंटस खोले जाने चाहिए। यह स्थल खुलने से सेक्टर-17 की रौनक और बढ़ जाएगी और निगम की कमाई भी बढ़ जाएगी।
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25 पार्किंग के साथ मल्टीलेवल भी चलानी होगी
multilevel parking sector 17
- फोटो : amar ujala
शहर की सभी 25 पार्किंगों को स्मार्ट बनाने का निर्णय सदन में हो चुका है। जो कंपनी शहर की अन्य पेड पार्किंग चलाएगी, वहीं मल्टीलेवल पार्किंग चलाएगी। अभी पार्किंगों को लेकर एक मामला विचाराधीन है। फैसला जल्द आने के तुरंत बाद टेंडर अलॉट कर दिया जाएगा।
- एनपी शर्मा, चीफ इंजीनियर
क्या कहते हैं व्यापारी
निगम ने हालांकि पार्किंग पास का रेट 700 से 300 कर दिया है, लेकिन अभी 300 रुपये में पास नहीं बन रहे हैं। सरफेस पर भी वाहन पार्क हो रहे हैं, नो पार्किंग में पार्क कारों के चालान होने चाहिए। मल्टीलेवल पार्किग में अब यह भी शिकायत आ रही है कि अंदर कार पार्क करके कुछ लड़के और लड़कियां अंदर ही कई कई घंटे बैठे रहते हैं। यह ठीक नहीं। पहले से बनी अंडरग्राउंड पार्किंग खंडहर बन गई है यह पार्किंग चलनी चाहिए। मल्टीलेवल पार्किंग में कई सुविधाएं हैं।
- संजीव चड्ढा, व्यापारी, व्यापार मंडल के महासचिव एवं सेक्टर-17
मल्टीलेवल पार्किंग में वाहन ज्यादा सेफ रहते हैं। निगम को इसके शुल्क में इजाफा कर देना चाहिए लेकिन सेक्टर-17 की अन्य पार्किंग भी पेड और स्मार्ट होनी चाहिए उनके रेट मल्टीलेवल पार्किंग से ज्यादा होने चाहिए, ताकि जो लोग ज्यादा शुल्क देकर शोरूमों के सामने बनी पार्किंगों में वाहन पार्क करना चाहते हैं वह कर सकें और जो कम शुल्क देना चाहते हैं वह मल्टीलेवल में वाहन पार्क करें।
- बलजिंदर सिंह बिट्टू, चेयरमैन, फॉसवेक
- एनपी शर्मा, चीफ इंजीनियर
क्या कहते हैं व्यापारी
निगम ने हालांकि पार्किंग पास का रेट 700 से 300 कर दिया है, लेकिन अभी 300 रुपये में पास नहीं बन रहे हैं। सरफेस पर भी वाहन पार्क हो रहे हैं, नो पार्किंग में पार्क कारों के चालान होने चाहिए। मल्टीलेवल पार्किग में अब यह भी शिकायत आ रही है कि अंदर कार पार्क करके कुछ लड़के और लड़कियां अंदर ही कई कई घंटे बैठे रहते हैं। यह ठीक नहीं। पहले से बनी अंडरग्राउंड पार्किंग खंडहर बन गई है यह पार्किंग चलनी चाहिए। मल्टीलेवल पार्किंग में कई सुविधाएं हैं।
- संजीव चड्ढा, व्यापारी, व्यापार मंडल के महासचिव एवं सेक्टर-17
मल्टीलेवल पार्किंग में वाहन ज्यादा सेफ रहते हैं। निगम को इसके शुल्क में इजाफा कर देना चाहिए लेकिन सेक्टर-17 की अन्य पार्किंग भी पेड और स्मार्ट होनी चाहिए उनके रेट मल्टीलेवल पार्किंग से ज्यादा होने चाहिए, ताकि जो लोग ज्यादा शुल्क देकर शोरूमों के सामने बनी पार्किंगों में वाहन पार्क करना चाहते हैं वह कर सकें और जो कम शुल्क देना चाहते हैं वह मल्टीलेवल में वाहन पार्क करें।
- बलजिंदर सिंह बिट्टू, चेयरमैन, फॉसवेक