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Chandigarh News: चंडीगढ़ मिलेट्स मिशन शुरू, जागरूकता के लिए बनेंगे लाइव किचन
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चंडीगढ़। पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने सोमवार को पंजाब राजभवन में चंडीगढ़ मिलेट्स मिशन की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने नई सलाहकार परिषद के सदस्यों, अधिकारियों व अन्य के लिए मोटे अनाज से तैयार लंच का आयोजन किया। प्रशासक ने कहा कि लोगों को मोटे अनाज के प्रति लोगों को जागरूक करने की जरूरत है, इसलिए जगह-जगह लाइव किचन के साथ लोगों को इसके फायदे गिनाए जाने चाहिए।
राजभवन में मोटा अनाज से तैयार मीठे व्यंजन, विशेष रूप से लिटिल मिलेट खीर (कुटकी की खीर), रागी हलवा और स्टीम्ड रागी गुलगुले मेहमानों को काफी पसंद आए। प्रशासक ने बताया कि मोटा अनाज को बढ़ावा देना भारत के पोषण कार्यक्रमों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है। ये एक स्मार्ट फूड हैं, क्योंकि इनकी खेती करना आसान है। ये ज्यादातर जैविक हैं और इनमें उच्च पोषण तत्व होते हैं। मोटा अनाज उपभोक्ताओं, किसानों और जलवायु के लिए अच्छे हैं। बनवारीलाल पुरोहित ने सभी से अपनी रसोई से शुरुआत करते हुए मोटा अनाज को लोकप्रिय बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर मेयर सरबजीत कौर, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन, पंजाब के मुख्य सचिव वीके जंजुआ, राज्यपाल के प्रधान सचिव राखी गुप्ता भंडारी, प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल, डीजीपी प्रवीर रंजन आदि उपस्थित रहे।
आंगनबाड़ी केंद्रों में ज्वार और बाजरा पूरक पोषाहार कार्यक्रम में शामिल
ज्वार और बाजरा को सभी 450 आंगनबाड़ी केंद्रों के लाभार्थियों के लिए पूरक पोषाहार कार्यक्रम में शामिल किया गया है। वर्तमान में लाभार्थियों को मोटा अनाज से तैयार खिचड़ी व दलिया परोसा जा रहा है। प्रशासन का सामाजिक कल्याण विभाग पीजीआई, होम साइंस कॉलेज, डायटीशियन जीएमएसएच-16, जीएमसीएच-32 चंडीगढ़ के साथ मिलकर काम कर रहा है। चंडीगढ़ मिलेट्स मिशन के तहत, पीजीआई के सहयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों के सभी सर्किलों में ज्वार, रागी, कोदो बाजरा, छेना बाजरा जैसे मोटा अनाज से तैयार व्यंजनों के प्रदर्शन के लिए लाइव किचन सत्र जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। यूटी गेस्ट हाउस में मिलेट थाली और मिलेट स्नैक्स (कबाब/कटलेट) वाले मेन्यू की शुरुआत की गई है।
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राजभवन में मोटा अनाज से तैयार मीठे व्यंजन, विशेष रूप से लिटिल मिलेट खीर (कुटकी की खीर), रागी हलवा और स्टीम्ड रागी गुलगुले मेहमानों को काफी पसंद आए। प्रशासक ने बताया कि मोटा अनाज को बढ़ावा देना भारत के पोषण कार्यक्रमों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है। ये एक स्मार्ट फूड हैं, क्योंकि इनकी खेती करना आसान है। ये ज्यादातर जैविक हैं और इनमें उच्च पोषण तत्व होते हैं। मोटा अनाज उपभोक्ताओं, किसानों और जलवायु के लिए अच्छे हैं। बनवारीलाल पुरोहित ने सभी से अपनी रसोई से शुरुआत करते हुए मोटा अनाज को लोकप्रिय बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर मेयर सरबजीत कौर, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन, पंजाब के मुख्य सचिव वीके जंजुआ, राज्यपाल के प्रधान सचिव राखी गुप्ता भंडारी, प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल, डीजीपी प्रवीर रंजन आदि उपस्थित रहे।
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आंगनबाड़ी केंद्रों में ज्वार और बाजरा पूरक पोषाहार कार्यक्रम में शामिल
ज्वार और बाजरा को सभी 450 आंगनबाड़ी केंद्रों के लाभार्थियों के लिए पूरक पोषाहार कार्यक्रम में शामिल किया गया है। वर्तमान में लाभार्थियों को मोटा अनाज से तैयार खिचड़ी व दलिया परोसा जा रहा है। प्रशासन का सामाजिक कल्याण विभाग पीजीआई, होम साइंस कॉलेज, डायटीशियन जीएमएसएच-16, जीएमसीएच-32 चंडीगढ़ के साथ मिलकर काम कर रहा है। चंडीगढ़ मिलेट्स मिशन के तहत, पीजीआई के सहयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों के सभी सर्किलों में ज्वार, रागी, कोदो बाजरा, छेना बाजरा जैसे मोटा अनाज से तैयार व्यंजनों के प्रदर्शन के लिए लाइव किचन सत्र जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। यूटी गेस्ट हाउस में मिलेट थाली और मिलेट स्नैक्स (कबाब/कटलेट) वाले मेन्यू की शुरुआत की गई है।
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