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हद है! सफाई कर्मचारी 1000, रोज आते हैं महज 400
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 03 Sep 2017 09:17 AM IST
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सफाई कर्मचारी
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नगर निगम के एक हजार रेगुलर कर्मचारियों में से 400 ही प्रतिदिन काम करते है जबकि बाकी काम नहीं करते हैं। इसी तरह 1200 अस्थायी कर्मचारियों में से दर्जनों गैरहाजिर रहते हैं। यह बात शुक्रवार को मेयर आशा जसवाल द्वारा बुलाई गई बैठक में सामने आई है। बैठक में पार्षद और अधिकारी मौजूद रहे। इसके बाद निर्णय लिया गया कि अब हर कर्मचारी को काम करना होगा चाहे वह कर्मचारी यूनियन का पदाधिकारी हो या कोई भी सफाई कर्मचारी नेता। नो पे नो वर्क की नीति लागू की जाएगी।
बैठक में सैनिटेशन इंस्पेक्टरों ने यह भी कहा कि कर्मचारी नेता कई बार उनकी बात न मानने पर उनके साथ दुर्व्यवहार भी करते हैं। यह भी बात सामने आई कि कर्मचारी नेता अपने अनुसार ट्रांसफर करने का भी दबाव एमओएच डा. भट्टी पर डालते हैं। इस पर यह निर्णय लिया गया कि ट्रांसफर की पावर अब अतिरिक्त कमिश्नर आईएएस सौरभ मिश्रा को दी जाए। इस समय एक से लेकर 30 सेक्टर तक सफाई का काम नगर निगम के अंतर्गत है जबकि दक्षिणी सेक्टर की सफाई का काम मेकेनिकल स्वीपिंग कंपनी को दिया गया है। एक से 30 सेक्टर में कुल 2200 कर्मचारी काम करते हैं जिनमें एक हजार रेगुलर कर्मचारी है।
अधिकारियों के घरों से निकाले जाए कर्मचारी
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि जो भी सफाई कर्मचारी नगर निगम और प्रशासन के अधिकारियों और पूर्व अधिकारियों के घर पर लगे हुए हैं उन्हें भी उनके घरों से बाहर निकाल कर सड़कों पर काम लगाया जाए। मेयर ने ऐसे अधिकारियों की सूची भी मांगी है।
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बैठक में सैनिटेशन इंस्पेक्टरों ने यह भी कहा कि कर्मचारी नेता कई बार उनकी बात न मानने पर उनके साथ दुर्व्यवहार भी करते हैं। यह भी बात सामने आई कि कर्मचारी नेता अपने अनुसार ट्रांसफर करने का भी दबाव एमओएच डा. भट्टी पर डालते हैं। इस पर यह निर्णय लिया गया कि ट्रांसफर की पावर अब अतिरिक्त कमिश्नर आईएएस सौरभ मिश्रा को दी जाए। इस समय एक से लेकर 30 सेक्टर तक सफाई का काम नगर निगम के अंतर्गत है जबकि दक्षिणी सेक्टर की सफाई का काम मेकेनिकल स्वीपिंग कंपनी को दिया गया है। एक से 30 सेक्टर में कुल 2200 कर्मचारी काम करते हैं जिनमें एक हजार रेगुलर कर्मचारी है।
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अधिकारियों के घरों से निकाले जाए कर्मचारी
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि जो भी सफाई कर्मचारी नगर निगम और प्रशासन के अधिकारियों और पूर्व अधिकारियों के घर पर लगे हुए हैं उन्हें भी उनके घरों से बाहर निकाल कर सड़कों पर काम लगाया जाए। मेयर ने ऐसे अधिकारियों की सूची भी मांगी है।
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पार्षद के पति भी हुए बैठक में शामिल
Chandigarh MC Meeting
पार्षद के पति भी हुए बैठक में शामिल
मेयर द्वारा बुलाई गई बैठक में पार्षद चंद्रवती शुक्ला के पति पप्पू शुक्ला ने भी भाग लिया। भाग ही नहीं बल्कि उन्होंने अपने एरिया की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाया जबकि नियम के अनुसार बैठक में पार्षद भी भाग ले सकते हैं। जबकि डिप्टी मेयर अनिल दूबे ने भी कंपनी द्वारा की जा रही सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाया।
हीरा नेगी ने नाराज होकर छोड़ी बैठक
भाजपा पार्षद हीरा नेगी ने मेयर पर सुझाव न लेने का आरोप लगाया इस पर नेगी ने नाराज को बैठक छोड़कर चली गई। नेगी ने बैठक में कहा कि कई पार्षदों से दो दो बार सुझाव पूछे जा रहे हैं लेकिन उनसे सुझाव नहीं लिया गया। जबकि मेयर आशा जसवाल का इस मामले में कहना है कि नेगी को ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि शहर की सफाई व्यवस्था के मुद्दे पर चर्चा हो रही थी जो कि गंभीर मुद्दा है।
सफाईकर्मियों पर भी नो पे नो वर्क नीति लागू : मेयर
मेयर आशा जसवाल का कहना है कि नो वर्क नो पे की नीति को सख्ती से लागू करने के लिए कहा गया है। उनका कहना है कि अब हर कर्मचारी को काम करना पड़ेगा चाहे वह कर्मचारी नेता ही क्यों न हो। उनका कहना है कि सभी दलों के पार्षदों ने पार्टी लाइन से ऊपर उठकर निर्णय लिया है कि शहर की सफाई व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि कभी ऐसा हो सकता है कि घर बैठे ही सफाई कर्मचारियों को वेतन मिल जाए।
सफाई यूनियन ने अधिकारियों पर लगाया गुमराह करने का आरोप
सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष कृष्ण चढ्ढा का कहना है कि अगर सिर्फ 400 कर्मचारी काम कर रहे है तो फिर पूरे शहर की सफाई कैसे हो रही है। उनका कहना है कि बैठक में अधिकारी सिर्फ गुमराह कर रहे हैं उनका कहना है कि सभी यूनियन के पदाधिकारी भी काम करते है उसके बाद दोपहर को अपनी समस्याएं दूर करवाने के लिए अधिकारियों को मिलते हैं।
मेयर द्वारा बुलाई गई बैठक में पार्षद चंद्रवती शुक्ला के पति पप्पू शुक्ला ने भी भाग लिया। भाग ही नहीं बल्कि उन्होंने अपने एरिया की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाया जबकि नियम के अनुसार बैठक में पार्षद भी भाग ले सकते हैं। जबकि डिप्टी मेयर अनिल दूबे ने भी कंपनी द्वारा की जा रही सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाया।
हीरा नेगी ने नाराज होकर छोड़ी बैठक
भाजपा पार्षद हीरा नेगी ने मेयर पर सुझाव न लेने का आरोप लगाया इस पर नेगी ने नाराज को बैठक छोड़कर चली गई। नेगी ने बैठक में कहा कि कई पार्षदों से दो दो बार सुझाव पूछे जा रहे हैं लेकिन उनसे सुझाव नहीं लिया गया। जबकि मेयर आशा जसवाल का इस मामले में कहना है कि नेगी को ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि शहर की सफाई व्यवस्था के मुद्दे पर चर्चा हो रही थी जो कि गंभीर मुद्दा है।
सफाईकर्मियों पर भी नो पे नो वर्क नीति लागू : मेयर
मेयर आशा जसवाल का कहना है कि नो वर्क नो पे की नीति को सख्ती से लागू करने के लिए कहा गया है। उनका कहना है कि अब हर कर्मचारी को काम करना पड़ेगा चाहे वह कर्मचारी नेता ही क्यों न हो। उनका कहना है कि सभी दलों के पार्षदों ने पार्टी लाइन से ऊपर उठकर निर्णय लिया है कि शहर की सफाई व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि कभी ऐसा हो सकता है कि घर बैठे ही सफाई कर्मचारियों को वेतन मिल जाए।
सफाई यूनियन ने अधिकारियों पर लगाया गुमराह करने का आरोप
सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष कृष्ण चढ्ढा का कहना है कि अगर सिर्फ 400 कर्मचारी काम कर रहे है तो फिर पूरे शहर की सफाई कैसे हो रही है। उनका कहना है कि बैठक में अधिकारी सिर्फ गुमराह कर रहे हैं उनका कहना है कि सभी यूनियन के पदाधिकारी भी काम करते है उसके बाद दोपहर को अपनी समस्याएं दूर करवाने के लिए अधिकारियों को मिलते हैं।