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चंडीगढ़: अवैध विज्ञापन का जुर्माना नहीं भरा तो हो सकती है जेल, व्यापारी बोले-इतनी सख्ती ठीक नहीं

Sun, 08 May 2022 04:14 PM IST
निवेदिता वर्मा नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 08 May 2022 04:14 PM IST
सार

निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने बताया कि नगर निगम लगातार अवैध रूप से विज्ञापन लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। कुछ दिन पहले बिना अनुमति राजनीतिक और धार्मिक बैनर लगाने वाले लोगों को नोटिस जारी कर जुर्माना भरने के लिए कहा गया था।

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Chandigarh MC Commissioner ordered legal action against those who do not pay fine in case of placing illegal advertisements
चंडीगढ़ नगर निगम। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ में अवैध विज्ञापन लगाने के मामले में नोटिस के बावजूद जुर्माना नहीं भरने वालों को अब जेल की हवा खानी पड़ सकती है। नगर निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने जुर्माना नहीं जमा करने वालों के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए कानूनी कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं। अब गिरफ्तारी से लेकर जुर्माने की राशि पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जा सकती है। विज्ञापन विभाग ऐसे सभी मामलों की समीक्षा करेगा और समय पर जुर्माना न भरने वालों पर कार्रवाई का नोटिस जारी करेगा। 

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निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने बताया कि नगर निगम लगातार अवैध रूप से विज्ञापन लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। कुछ दिन पहले बिना अनुमति राजनीतिक और धार्मिक बैनर लगाने वाले लोगों को नोटिस जारी कर जुर्माना भरने के लिए कहा गया था। काफी दिनों बाद समीक्षा में पता चला कि किसी ने जुर्माना ही नहीं भरा है। स्थिति को देखते हुए कानूनी सलाह ली गई, जिसमें पता चला कि भरतीय दंड संहिता के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। नोटिस को लोग केवल कागज का टुकड़ा न समझें और उसे गंभीरता से लें इसलिए अब सख्ती की जाएगी।

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आयुक्त के पास है गिरफ्तार कराने की शक्ति 

आयुक्त ने बताया कि सीआरपीसी की धारा 69, 70 और 71 में सेक्शन पांच के अंतर्गत अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया जाता है। समय सीमा के अंदर जुर्माना न भरने पर यह नोटिस समन में बदल जाता है और गिरफ्तारी के साथ जमानती और गैर जमानती धाराएं लगाई जा सकती हैं। साथ ही जुर्माने की राशि तय समय पर न भरने पर उस पर 25 प्रतिशत और जुर्माना लगाया जाता है। चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव (वित्त सचिव) सीधे पुलिस को गिरफ्तारी के आदेश दे सकते हैं। इस मामले में वित्त सचिव ने अपनी शक्ति निगम आयुक्त को दे रखी है।   

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कांग्रेस ने ऑनलाइन भरा जुर्माना

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष राजा वड़िंग के शपथ ग्रहण समारोह में कुछ लोगों ने उनके फोटो के साथ पेड़ों और साइकिल ट्रैक पर होर्डिंग लगाईं थीं। निगम ने बिना अनुमति लगीं इन सभी होर्डिंग को जब्त कर प्रदेश अध्यक्ष के नाम नोटिस जारी कर दिया। पंजाब कांग्रेस की ओर नोटिस का जवाब देने के साथ ही निगम को ऑनलाइन जुर्माने की राशि भी जमा करा दी गई है। यह पहली बार है जब किसी राजनीतिक पार्टी को अवैध रूप से विज्ञापन लगाने के लिए नोटिस जारी किया गया और पार्टी ने जुर्माना निगम को जमा भी करा दिया है।

हर सप्ताह होगी कार्रवाई की समीक्षा, जारी होगा चेतावनी पत्र 

आयुक्त ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि अतिक्रमण हटाने वाला दस्ता प्रतिदिन अवैध रूप से लगे विज्ञापनों को हटाता है और पोस्टर व बैनर जब्त करता है। इससे विज्ञापन लगाने वाले को कोई फर्क नहीं पड़ता। कुछ दिन बाद वहां फिर से दूसरा विज्ञापन लग जाता है। अब तय किया है कि अतिक्रमण हटाने वाला दस्ता जो होर्डिंग, बैनर या पोस्टर जब्त करके लाएगा, विज्ञापन विभाग उनकी समीक्षा करेगा। साइज और विज्ञापन की राशि का एक नोटिस विज्ञापनदाता के नाम से जारी कर चेतावनी दी जाएगी। चेतावनी के बावजूद न मानने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी।

दो बार में निगम ने शहर के व्यापारियों के साथ की बैठक 

नगर निगम ने आदेश जारी करने से पहले पांच मई और सात मई को अलग-अलग सेक्टरों के व्यापारियों के साथ बैठक की। इसमें कुल 370 लोगों ने भाग लिया। इसमें विज्ञापन लगाने के मानकों के साथ उसकी अवहेलना करने पर जुर्माने के बारे में भी बताया गया। इस दौरान व्यापारियों ने कुछ आपत्तियां जताईं तो कुछ सुझाव भी दिए। कुछ व्यापारियों ने कहा कि वर्षों से लागू विज्ञापन के मानकों को निगम कुछ दिनों में ही शत प्रतिशत तरीके से लागू करना चाहता है। यह मुश्किल है, इसमें थोड़ा समय देना चाहिए। चंडीगढ़ व्यापार मंडल के महासचिव संजीव चड्ढा ने कहा कि ऊपरी मंजिल के बोर्डों के लिए भी निगम को विकल्प देखना चाहिए।
 

मैंने व्यापारियों के अनुरोध पर उन्हें काफी समय दिया। उन्हें जो समस्या थी या सुझाव थे, उसके निस्तारण के लिए भी हमने दो दिन कार्यशाला लगाई। अब बिना अनुमति विज्ञापन लगाने वालों को चेतावनी पत्र जारी करेंगे, न मानने वालों पर कार्रवाई होगी। वहीं जुर्माना न जमा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। - आनिंदिता मित्रा, आयुक्त, नगर निगम 

 

इतनी सख्ती नहीं होनी चाहिए। कई बार लोग समय से जुर्माना नहीं जमा नहीं करा पाते हैं। किसी भी नियम को लागू करने में थोड़ा समय देना चाहिए। - चरनजीव सिंह, अध्यक्ष, चंडीगढ़ व्यापार मंडल

निगम बताए कि सेलवेल पर क्या एक्शन लिया। प्रशासन पूरी तरह से लोगों से मित्रवत नहीं है। जो लोग टैक्स देते हैं, उनकी गिरफ्तारी की जगह ऐसा नियम बने कि वह खुद आकर जुर्माना भरें। विज्ञापन लगाने से पहले अनुमति लें।   - चंद्र वर्मा, अध्यक्ष, चंडीगढ़ बिजनेस काउंसिल



नगर निगम पश्चिम बंगाल के विज्ञापन अधिनियम को चंडीगढ़ में लागू कर रहा है जबकि अधिकारियों को यहां का अधिनियम बनाना चाहिए। इतनी सख्ती ठीक नहीं। - कैलाश जैन, अध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल

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