चंडीगढ़ः मेयर चुनाव को लेकर बीजेपी में गुटबाजी, घमासान के आसार, ऐसे बनेंगे समीकरण

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 26 Nov 2018 03:31 PM IST
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चंडीगढ़ बीजेपी, संजय टंडन
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मेयर का चुनाव जनवरी 2019 में होना है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी में मेयर के उम्मीदवार के लिए इस बार पिछले वर्ष से भी अधिक खींचतान की संभावना है। इस बार मेयर पद आरक्षित है। नगर निगम में कुल 26 पार्षद हैं। नौ मनोनीत पार्षद भी हैं लेकिन मनोनीत पार्षद को वोट डालने का अधिकार नहीं है। ऐसे में अब 26 पार्षद ही मेयर चुनाव में भाग ले सकेंगे। एक वोट स्थानीय सांसद का भी होता है। ऐसे में मेयर चुनाव में भाजपा के अंदर ही दमदार दंगल होने की संभावना है। निगम में भाजपा के 20 पार्षद हैं जबकि चार कांग्रेस पार्टी के, एक निर्दलीय और एक पार्षद शिरोमणि अकाली दल से हैं। भाजपा और अकाली दल का गठबंधन है।
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ऐसे में शिअद पार्षद का वोट भी भाजपा की तरफ ही जाना चाहिए। सांसद भाजपा की हैं, ऐसे में उनका भी वोट पार्टी कैंडीडेट को ही जाएगा।  लेकिन सूत्रों की मानें तो इस बार भाजपा की राह आसान नहीं है। वर्ष 2019 में लोकसभा का चुनाव होना है। ऐसे में सांसद मेयर पद पर अपने किसी कैंडीडेट को ही बैठाने की कोशिश करेंगी। वहीं, भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन खुद पार्टी के टिकट पर सांसदी का चुनाव लड़ना चाहते हैं। उनकी भी चाहत मेयर पद पर अपने कैंडीडेट को लाने की होगी। इस लिहाज से जिसका मेयर होगा, उसकी चुनाव में टिकट की दावेदारी मजबूत होगी। साथ ही वह शहर में दिखेंगे भी अधिक क्योंकि मेयर के साथ वे कार्यक्रमों में अधिक जाएंगे।
यह है गणित
भाजपा चंडीगढ़ प्रदेश में पहले तीन गुट हुआ करते थे। संजय टंडन, सांसद किरण खेर और हरमोहन धवन। अब हरमोहन धवन भाजपा से इस्तीफा देकर आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए हैं। इसके कारण अब भाजपा में केवल दो गुट ही बचे हैं। वैसे भी धवन काफी समय से पार्टी से साइड लाइन हो चुके थे। ऐसे में अब सीधी टक्कर संजय टंडन गुट और सांसद खेर के गुट में है। सूत्र बताते हैं कि 20 में से नौ पार्षद संजय टंडन गुट के साथ तो 7 किरण खेर गुट के साथ हैं। एक बात और है। शिअद के पार्षद किरण खेर के साथ हर कार्यक्रम में दिखते हैं। निर्दलीय पार्षद भी खेर के साथ हैं। अब पार्टी के चार पार्षद न्यूट्रल हैं, जो पार्टी के उम्मीदवार को ही वोट देंगे।

मेयर चुनाव में कोई विवाद नहीं होगा। केंद्रीय नेतृत्व आकर मामले को देखेगा। सर्वसम्मति से फैसला होगा। अभी मेयर चुनाव में काफी समय है।
- प्रेम कौशिक, महासचिव, भाजपा, चंडीगढ़ प्रदेश
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