{"_id":"57f940c44f1c1b6c532706bf","slug":"chandigarh-mayor-arun-sood-double-standerd-on-parking-stall","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मेयर बनते ही स्टैंड बदला, पार्किंग में स्टाल लगाने के विरोध में सूद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेयर बनते ही स्टैंड बदला, पार्किंग में स्टाल लगाने के विरोध में सूद
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़(राजेश ढल्ल)
Updated Sun, 09 Oct 2016 12:24 AM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़ के मेयर अरुण सूद अपने टीम सदस्यों के साथ
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा पार्षद दल के नेता के तौर पर अरुण सूद ने पिछले साल शहर के बाजारों की पार्किंग में स्टाल लगाने की मंजूरी का समर्थन किया था, लेकिन अब मेयर बनने के बाद इस फेस्टिवल सीजन में वह पार्किंग में स्टाल लगवाने की मंजूरी देने के लिए तैयार नहीं है।
पिछले साल अक्तूबर माह में तत्कालीन मेयर पूनम शर्मा के सुझाव पर नगर निगम सदन ने पार्किंग में फड़ी वालों को दुकानें लगाने संबंधी प्रस्ताव पास किया था, लेकिन प्रशासन इसके लिए तैयार नहीं हुआ था। वीरवार को मेयर अरुण सूद ने स्थिति का जायजा लेने के लिए सेक्टर-17 और 22 के बाजारों का दौरा किया था। मेयर का मानना है कि पार्किंग में स्टाल लगाने की मंजूरी नहीं दी जा सकती। उनका कहना है कि ऐसा होने से जाम और पार्किंग की दिक्कत बढ़ जाएगी। उनका कहना है कि यह प्रयास किया जा रहा है कि बाजार की क्षमता के अनुसार ही स्टाल अलॉट किए जाएं। फुटपाथ के किनारों पर स्टाल लगाने की मंजूरी दी जाएगी।
पिछले साल ये कहा था सूद ने
पिछले साल अक्तूबर माह में सदन की बैठक में भाजपा पार्षद दल के नेता के रूप में अरुण सूद ने पार्किंग में स्टाल लगाने की मंजूरी देने का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि सेक्टर-22,19 और 15 के बाजारों की पार्किंग में स्टाल क्यों नहीं लगाने दिए जा रहे हैं। पूरे साल में फेस्टिवल सीजन एक बार आता है। जब शहरवासियों को पार्किंग में स्टाल लगाने से कोई दिक्कत नहीं है तो फिर अधिकारियों को क्यों है। स्टाल की मंजूरी न देकर नगर निगम खुद भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले साल अक्तूबर माह में तत्कालीन मेयर पूनम शर्मा के सुझाव पर नगर निगम सदन ने पार्किंग में फड़ी वालों को दुकानें लगाने संबंधी प्रस्ताव पास किया था, लेकिन प्रशासन इसके लिए तैयार नहीं हुआ था। वीरवार को मेयर अरुण सूद ने स्थिति का जायजा लेने के लिए सेक्टर-17 और 22 के बाजारों का दौरा किया था। मेयर का मानना है कि पार्किंग में स्टाल लगाने की मंजूरी नहीं दी जा सकती। उनका कहना है कि ऐसा होने से जाम और पार्किंग की दिक्कत बढ़ जाएगी। उनका कहना है कि यह प्रयास किया जा रहा है कि बाजार की क्षमता के अनुसार ही स्टाल अलॉट किए जाएं। फुटपाथ के किनारों पर स्टाल लगाने की मंजूरी दी जाएगी।
विज्ञापन
पिछले साल ये कहा था सूद ने
पिछले साल अक्तूबर माह में सदन की बैठक में भाजपा पार्षद दल के नेता के रूप में अरुण सूद ने पार्किंग में स्टाल लगाने की मंजूरी देने का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि सेक्टर-22,19 और 15 के बाजारों की पार्किंग में स्टाल क्यों नहीं लगाने दिए जा रहे हैं। पूरे साल में फेस्टिवल सीजन एक बार आता है। जब शहरवासियों को पार्किंग में स्टाल लगाने से कोई दिक्कत नहीं है तो फिर अधिकारियों को क्यों है। स्टाल की मंजूरी न देकर नगर निगम खुद भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है।
विज्ञापन
अपनी बात से मुकर जाते हैं सूद: छाबड़ा
Chabra On Kirron Kher
- फोटो : File Photo
कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि मेयर अरुण सूद का कोई स्टैंड नहीं है। वह अपनी बात से ही मुकर जाते हैं। पिछले साल वह पार्किंग में स्टाल की मंजूरी देने के पक्ष में थे, लेकिन अब मेयर बनते ही पलट गए। फेस्टिवल सीजन में पार्किंग की दिक्कत दूर करने के लिए कोई प्लानिंग नहीं की जा रही है।
व्यापार मंडल ने मांगी 20 दिन की मंजूरी
व्यापार मंडल ने नगर निगम से मांग की है कि फेस्टिवल सीजन में दशहरा से दिवाली तक लगातार स्टाल लगाने की मंजूरी दी जाए। जबकि इस समय हर पर्व से तीन दिन पहले ही मंजूरी दी जाती है। अब नगर निगम इस प्रस्ताव को चर्चा के लिए वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक में चर्चा के लिए ला रहा है। लेकिन आईबी से आए अलर्ट के बाद नगर निगम ने इस मंजूरी पर पुलिस से भी राय मांगी है।
व्यापारी भी मेयर के फैसले के समर्थन में
व्यापार मंडल के चेयरमैन चरणजीव सिंह का कहना है कि पार्किंग सिर्फ ग्राहकों के वाहनों के लिए होनी चाहिए। उनका कहना है कि पार्किंग में किसी को भी स्टाल लगाने की मंजूरी नहीं देनी चाहिए। अगर ऐसा हुआ तो व्यापारी इसका विरोध करेंगे। पहले से ही स्ट्रीट वेंडर एक्ट के लागू होने से बाजारों में दुकानों के आगे फड़ियां बढ़ गई हैं जिसका नुकसान कारोबार पर पड़ रहा है।
व्यापार मंडल ने मांगी 20 दिन की मंजूरी
व्यापार मंडल ने नगर निगम से मांग की है कि फेस्टिवल सीजन में दशहरा से दिवाली तक लगातार स्टाल लगाने की मंजूरी दी जाए। जबकि इस समय हर पर्व से तीन दिन पहले ही मंजूरी दी जाती है। अब नगर निगम इस प्रस्ताव को चर्चा के लिए वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक में चर्चा के लिए ला रहा है। लेकिन आईबी से आए अलर्ट के बाद नगर निगम ने इस मंजूरी पर पुलिस से भी राय मांगी है।
व्यापारी भी मेयर के फैसले के समर्थन में
व्यापार मंडल के चेयरमैन चरणजीव सिंह का कहना है कि पार्किंग सिर्फ ग्राहकों के वाहनों के लिए होनी चाहिए। उनका कहना है कि पार्किंग में किसी को भी स्टाल लगाने की मंजूरी नहीं देनी चाहिए। अगर ऐसा हुआ तो व्यापारी इसका विरोध करेंगे। पहले से ही स्ट्रीट वेंडर एक्ट के लागू होने से बाजारों में दुकानों के आगे फड़ियां बढ़ गई हैं जिसका नुकसान कारोबार पर पड़ रहा है।