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इसके लागू होते ही बेघर हो जाएंगे हजारों लोग
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 23 Nov 2013 08:47 AM IST
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यूटी गेस्ट हाउस में ड्राफ्ट मास्टर प्लान-2031 को लेकर पर्सनल हियरिंग शुक्रवार से शुरू हो गई। पहले दिन 12 लोगों को सुनवाई के लिए बुलाया गया जिनमें से नौ लोग ही पहुंचे।
सुबह करीब 10.30 बजे से सुनवाई शुरू हुई। हर आवेदक को 20 से 25 मिनट तक का समय दिया गया। सुनवाई के दौरान किसी ने ग्रीन बेल्ट तो किसी ने अपार्टमेंट एक्ट पर आपत्ति जताई।
अधिकारियों के रवैये से कुछ लोग संतुष्ट थे, लेकिन ज्यादातर ने नाराजगी ही जताई। कुछ आवेदकों का कहना था कि उन्हें किसी तरह का कोई आश्वासन भी नहीं मिला।
सुनवाई के दौरान व्यापारी प्रदीप के जैन ने हल्लोमाजरा स्थित दीप कांपलेक्स का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान में दीप कांपलेक्स के रिहायशी इलाके को ‘वेकेंट एग्रीकल्चर लैंड’ यानी कृषि भूमि बताया गया है।
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इस समय हजारों परिवार यहां रह रहे हैं। मास्टर प्लान पर अंतिम मुहर लगेगी तो इस इलाके के हजारों लोग बेघर हो जाएंगे। प्लान में दीप कांपलेक्स के मुद्दे का हल होना चाहिए।
पहले दिन केवल रिहायशी इलाके के लोगों को ही बुलाया गया। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन सत्यगोपाल की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ इंक्वायरी गठित हुई।
चीफ आर्किटेक्ट सुमित कौर को बोर्ड का संयोजक बनाया गया है। बोर्ड में आईटी सचिव प्रेरणा पुरी, नगर निगम आयुक्त वीपी सिंह, चीफ इंजीनियर एसके चड्ढा और पूर्व मेयर रविंद्रपाल सिंह पाली भी सदस्य हैं।
कामर्शियल क्षेत्र के लोगों की सुनवाई आज
मास्टर प्लान-2031 की अगली सुनवाई कामर्शियल क्षेत्र केलोगों की है। इसके लिए आज ऑटो सर्विस स्टेशन, सेक्टर-4, मध्य मार्ग बिल्डिंग ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, कोल डिपो होल्डर्स एसोसिएशन, चंडीगढ़ व्यापार मंडल, चंडीगढ़ एससीओ वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जेपी खन्ना, मार्केट कमेटी, अश्वनी स्टील्स, मार्केट वेलफेयर एसोसिएशंस और चंडीगढ़ बिजनेस काउंसिल के प्रतिनिधियों को बुलाया गया है।
ये जताईं आपत्तियां
खुड्डा अलीशेर की निवासी सुरजीत कौर के मुताबिक मास्टर प्लान के तहत खुड्डा अलीशेर में कई जगहों पर ग्रीन बेल्ट बनाई जानी है। ग्रीन बेल्ट से लोगों को कोई फायदा नहीं होगा। इसकी बजाय यहां मंदिर या कोई और धार्मिक स्थल बनने चाहिए।
कुम्हारों को भी मिले आशियाना
कुम्हार प्रतिनिधि गणपत राय ने कहा कि हम यहां तब से रह रहे हैं जब चंडीगढ़ बनना शुरू हुआ था। हमें प्रशासन ने पक्के मकान देने का आश्वासन दिया था। यहां बायोमेट्रिक सर्वे भी करवाया गया है। मास्टर प्लान के तहत कुम्हारों के लिए भी मकान बनने चाहिए।
घरों में हो अतिरिक्त निर्माण
इंडस्ट्रियल हाउसेज, सेक्टर-30 के प्रतिनिधि अजय सूद के मुताबिक मास्टर प्लान के तहत इंडस्ट्रीज हाउसेज, सेक्टर-30 के मकानों में निर्माण की इजाजत मिलनी चाहिए। हम अपने मकानों में किसी भी तरह की कंस्ट्रक्शन नहीं करवा सकते हैं जबकि शहर में कई कैटेगिरी के मकानों को ये छूट मिली हुई है। इन नियमों में बदलाव होने चाहिए।
न लागू हो अपार्टमेंट एक्ट
जस्टिस एसएस सोढ़ी के अनुसार मास्टर प्लान में अपार्टमेंट एक्ट को शामिल किया गया है। ये एक्ट शहर में लागू नहीं होना चाहिए। ऐसा होता है तो शहर की सूरत बिगड़ जाएगी।
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सुबह करीब 10.30 बजे से सुनवाई शुरू हुई। हर आवेदक को 20 से 25 मिनट तक का समय दिया गया। सुनवाई के दौरान किसी ने ग्रीन बेल्ट तो किसी ने अपार्टमेंट एक्ट पर आपत्ति जताई।
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अधिकारियों के रवैये से कुछ लोग संतुष्ट थे, लेकिन ज्यादातर ने नाराजगी ही जताई। कुछ आवेदकों का कहना था कि उन्हें किसी तरह का कोई आश्वासन भी नहीं मिला।
सुनवाई के दौरान व्यापारी प्रदीप के जैन ने हल्लोमाजरा स्थित दीप कांपलेक्स का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान में दीप कांपलेक्स के रिहायशी इलाके को ‘वेकेंट एग्रीकल्चर लैंड’ यानी कृषि भूमि बताया गया है।
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इस समय हजारों परिवार यहां रह रहे हैं। मास्टर प्लान पर अंतिम मुहर लगेगी तो इस इलाके के हजारों लोग बेघर हो जाएंगे। प्लान में दीप कांपलेक्स के मुद्दे का हल होना चाहिए।
पहले दिन केवल रिहायशी इलाके के लोगों को ही बुलाया गया। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन सत्यगोपाल की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ इंक्वायरी गठित हुई।
चीफ आर्किटेक्ट सुमित कौर को बोर्ड का संयोजक बनाया गया है। बोर्ड में आईटी सचिव प्रेरणा पुरी, नगर निगम आयुक्त वीपी सिंह, चीफ इंजीनियर एसके चड्ढा और पूर्व मेयर रविंद्रपाल सिंह पाली भी सदस्य हैं।
कामर्शियल क्षेत्र के लोगों की सुनवाई आज
मास्टर प्लान-2031 की अगली सुनवाई कामर्शियल क्षेत्र केलोगों की है। इसके लिए आज ऑटो सर्विस स्टेशन, सेक्टर-4, मध्य मार्ग बिल्डिंग ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, कोल डिपो होल्डर्स एसोसिएशन, चंडीगढ़ व्यापार मंडल, चंडीगढ़ एससीओ वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जेपी खन्ना, मार्केट कमेटी, अश्वनी स्टील्स, मार्केट वेलफेयर एसोसिएशंस और चंडीगढ़ बिजनेस काउंसिल के प्रतिनिधियों को बुलाया गया है।
ये जताईं आपत्तियां
खुड्डा अलीशेर की निवासी सुरजीत कौर के मुताबिक मास्टर प्लान के तहत खुड्डा अलीशेर में कई जगहों पर ग्रीन बेल्ट बनाई जानी है। ग्रीन बेल्ट से लोगों को कोई फायदा नहीं होगा। इसकी बजाय यहां मंदिर या कोई और धार्मिक स्थल बनने चाहिए।
कुम्हारों को भी मिले आशियाना
कुम्हार प्रतिनिधि गणपत राय ने कहा कि हम यहां तब से रह रहे हैं जब चंडीगढ़ बनना शुरू हुआ था। हमें प्रशासन ने पक्के मकान देने का आश्वासन दिया था। यहां बायोमेट्रिक सर्वे भी करवाया गया है। मास्टर प्लान के तहत कुम्हारों के लिए भी मकान बनने चाहिए।
घरों में हो अतिरिक्त निर्माण
इंडस्ट्रियल हाउसेज, सेक्टर-30 के प्रतिनिधि अजय सूद के मुताबिक मास्टर प्लान के तहत इंडस्ट्रीज हाउसेज, सेक्टर-30 के मकानों में निर्माण की इजाजत मिलनी चाहिए। हम अपने मकानों में किसी भी तरह की कंस्ट्रक्शन नहीं करवा सकते हैं जबकि शहर में कई कैटेगिरी के मकानों को ये छूट मिली हुई है। इन नियमों में बदलाव होने चाहिए।
न लागू हो अपार्टमेंट एक्ट
जस्टिस एसएस सोढ़ी के अनुसार मास्टर प्लान में अपार्टमेंट एक्ट को शामिल किया गया है। ये एक्ट शहर में लागू नहीं होना चाहिए। ऐसा होता है तो शहर की सूरत बिगड़ जाएगी।