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कार्यवाहक चेयरमैन का अपहरण, मार्केट कमेटी का चुनाव टला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 09 Nov 2017 09:13 AM IST
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मार्केट कमेटी का चुनाव टला
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मार्केट कमेटी के चेयरमैन पद के लिए चुनाव से पहले कार्यवाहक चेयरमैन गायब हो गए। इसके साथ ही चुनाव के लिए मार्केट कमेटी कार्यालय में भाजपा समर्थित 5 निदेशक नहीं पहुंचे। कोरम पूरा न होने के कारण चुनाव अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त राजीव गुप्ता ने चुनाव की तारीख स्थगित कर दी अब नए चुनाव के तारीख की घोषणा डीसी अजीत बालाजी जोशी करेंगे। वहीं, मनीमाजरा पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर कार्यवाहक चेयरमैन हरजीत सिंह के अपहरण की डीडीआर दर्ज कर ली है। वहीं गायब हरजीत सिंह शाम को धनास में बेहोशी की हालत में मिले हैं।
चुनाव में भाग लेेने के लिए देवेंद्र सिंह बबला, सुभाष और सुखविंदर सिंह पहुंचे। सुखविंदर सिंह खुद भी चेयरमैन चुनाव के लिए उम्मीदवार है लेकिन भाजपा समर्थित निदेशक नहीं आने के कारण चुनाव नहीं हो पाया। वहीं, चुनाव में भाग लेने के लिए नहीं आए निदेशकों को कहना है कि वह हरजीत सिंह की तलाश कर रहे थे। मालूम हो पिछले वीरवार को जूझार सिंह ने आपस में हुए समझौते के अनुसार चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद हरजीत सिंह को कार्यवाहक चेयरमैन बनाया गया।
भाजपा समर्थित निदेशकों के बीच समझौते के अनुसार कुलविंदर सिंह काला के लिए जूझार सिंह ने इस्तीफा दिया था लेकिन इस बार कांग्रेस भाजपा का खेल बिगाड़ना चाहते थे। इससे पहले रामवीर भट्टी और जूझार सिंह बिना किसी विरोध के सर्वसम्मति से चुनाव जीत गए थे। बुधवार दोपहर तीन बजे चुनाव अधिकारी राजीव गुप्ता चुनाव करवाने के लिए पहुंच गए लेकिन भाजपा समर्थिक सभी निदेशकों को फोन किया तो उनके फोन नंबर बंद मिले। भाजपा समर्थित निदेशक चुनाव का समय बीतने के बाद उपायुक्त को भी मिलने के लिए गए।
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चुनाव में भाग लेेने के लिए देवेंद्र सिंह बबला, सुभाष और सुखविंदर सिंह पहुंचे। सुखविंदर सिंह खुद भी चेयरमैन चुनाव के लिए उम्मीदवार है लेकिन भाजपा समर्थित निदेशक नहीं आने के कारण चुनाव नहीं हो पाया। वहीं, चुनाव में भाग लेने के लिए नहीं आए निदेशकों को कहना है कि वह हरजीत सिंह की तलाश कर रहे थे। मालूम हो पिछले वीरवार को जूझार सिंह ने आपस में हुए समझौते के अनुसार चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद हरजीत सिंह को कार्यवाहक चेयरमैन बनाया गया।
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भाजपा समर्थित निदेशकों के बीच समझौते के अनुसार कुलविंदर सिंह काला के लिए जूझार सिंह ने इस्तीफा दिया था लेकिन इस बार कांग्रेस भाजपा का खेल बिगाड़ना चाहते थे। इससे पहले रामवीर भट्टी और जूझार सिंह बिना किसी विरोध के सर्वसम्मति से चुनाव जीत गए थे। बुधवार दोपहर तीन बजे चुनाव अधिकारी राजीव गुप्ता चुनाव करवाने के लिए पहुंच गए लेकिन भाजपा समर्थिक सभी निदेशकों को फोन किया तो उनके फोन नंबर बंद मिले। भाजपा समर्थित निदेशक चुनाव का समय बीतने के बाद उपायुक्त को भी मिलने के लिए गए।
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अस्पताल से ले गए थे अपहरणकर्ता
मार्केट कमेटी का चुनाव टला
अगर आते तो चुनाव होते
भाजपा समर्थित निदेशक चाहते थे कि कुलविंदर सिंह को सर्वसम्मति से ही चेयरमैन बनाया जा सके। हालांकि 9 में से भाजपा के पास 5 निदेशक है लेकिन कांग्रेस ने इनमें सेंध लगाई हुई है। अगर सुखविंदर सिंह भी नामांकन भरते तो चुनाव होना तय है ऐसे में भाजपा नहीं चाहती कि चेयरमैन पद के लिए गुप्त मतदान हो। इसलिए भी भाजपा समर्थित निदेशक मार्केट कमेटी में चुनाव के लिए पेश नहीं हुए। वहीं, सूत्रों का यह भी कहना है कि भाजपा के अपने चंद निदेशक काला को चेयरमैन नहीं बनाना चाहते हैं जिस कारण यह राजनीति हो रही है। मार्केट कमेटी का कार्यकाल तीन साल के लिए होता है जो कि अगले साल जुलाई माह में समाप्त हो रहा है।
अस्पताल से ले गए थे अपहरणकर्ता
मनीमाजरा पुलिस थाने में जो हरजीत सिंह के बेटे जश्नजीत सिंह ने डीडीआर दर्ज करवाई है उसमें निदेशक सुखविंदर सिंह काला कजहेडी और धनास गांव के पंच सोहन सिंह पर अपहरण करने का आरोप लगाया गया है। जश्नजीत सिंह ने कहा कि दोनों मंगलवार रात साढ़े नौ बजे उनके पिता को सिविल अस्पताल से अगवा करके ले गए थे। अस्पताल में हरजीत सिंह की बहन दाखिल है। बेटे का आरोप है कि कोई नशीला पदार्थ पीला कर पिता को ले गए थे। बुधवार सुबह साढ़े 11 बजे जब उन्होंने किसी दूसरे मोबाइल से बात करके उनसे बात की।
इस बातचीत में साफ पता चला कि उसके पिता हरजीत सिंह बेसुध है। उसको कुछ नहीं पता था कि वह कहां है। उसको पूरी होश न होने पर उससे बात भी नहीं हो रही थी। जबकि उसके पिता का मोबाइल मंगलवार रात से बंद था। मनीमाजरा पुलिस ने सुबह डीडीआर दर्ज करने के बाद दो बार धनास में हरजीत सिंह की तलाश में दो बार छापा मारा। वहीं, देर रात तक हरजीत सिंह होश में नहीं रहे। परिजनों का कहना है कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है वह बात करने की हालात में नहीं है। उधर, पुलिस के जांच अधिकारी अनिल कुमार का कहना है कि पुलिस को अभी हरजीत ने बयान नहीं दर्ज करवाए हैं। वीरवार को हरजीत के बयान दर्ज करने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
चुनाव के लिए कोरम नहीं पूरा हुआ जिस कारण चुनाव स्थगित कर दिया। चेयरमैन पद के लिए चुनाव तारीख की घोषणा जल्द कर दी जाएगी।
राजीव गुप्ता, अतिरिक्त उपायुक्त
वह सभी निदेशक परिवार के साथ हरजीत सिंह को ही तलाश रहे थे जिस कारण वह चुनाव में भाग लेने के लिए नहीं गए। हरजीत सिंह का अपहरण करके आरोपियों ने गलत किया है।
कुलविंदर सिंह काला, निदेशक, मार्केट कमेटी
भाजपा डरी हुई है इसलिए भाजपा समर्थित निदेशक नामांकन भरने के लिए नहीं आए। एक बात तय थी कि अगर चुनाव होता तो भाजपा की हार तय थी।
देवेंद्र सिंह बबला, कांग्रेस नेता एवं निदेशक
भाजपा समर्थित निदेशक चाहते थे कि कुलविंदर सिंह को सर्वसम्मति से ही चेयरमैन बनाया जा सके। हालांकि 9 में से भाजपा के पास 5 निदेशक है लेकिन कांग्रेस ने इनमें सेंध लगाई हुई है। अगर सुखविंदर सिंह भी नामांकन भरते तो चुनाव होना तय है ऐसे में भाजपा नहीं चाहती कि चेयरमैन पद के लिए गुप्त मतदान हो। इसलिए भी भाजपा समर्थित निदेशक मार्केट कमेटी में चुनाव के लिए पेश नहीं हुए। वहीं, सूत्रों का यह भी कहना है कि भाजपा के अपने चंद निदेशक काला को चेयरमैन नहीं बनाना चाहते हैं जिस कारण यह राजनीति हो रही है। मार्केट कमेटी का कार्यकाल तीन साल के लिए होता है जो कि अगले साल जुलाई माह में समाप्त हो रहा है।
अस्पताल से ले गए थे अपहरणकर्ता
मनीमाजरा पुलिस थाने में जो हरजीत सिंह के बेटे जश्नजीत सिंह ने डीडीआर दर्ज करवाई है उसमें निदेशक सुखविंदर सिंह काला कजहेडी और धनास गांव के पंच सोहन सिंह पर अपहरण करने का आरोप लगाया गया है। जश्नजीत सिंह ने कहा कि दोनों मंगलवार रात साढ़े नौ बजे उनके पिता को सिविल अस्पताल से अगवा करके ले गए थे। अस्पताल में हरजीत सिंह की बहन दाखिल है। बेटे का आरोप है कि कोई नशीला पदार्थ पीला कर पिता को ले गए थे। बुधवार सुबह साढ़े 11 बजे जब उन्होंने किसी दूसरे मोबाइल से बात करके उनसे बात की।
इस बातचीत में साफ पता चला कि उसके पिता हरजीत सिंह बेसुध है। उसको कुछ नहीं पता था कि वह कहां है। उसको पूरी होश न होने पर उससे बात भी नहीं हो रही थी। जबकि उसके पिता का मोबाइल मंगलवार रात से बंद था। मनीमाजरा पुलिस ने सुबह डीडीआर दर्ज करने के बाद दो बार धनास में हरजीत सिंह की तलाश में दो बार छापा मारा। वहीं, देर रात तक हरजीत सिंह होश में नहीं रहे। परिजनों का कहना है कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है वह बात करने की हालात में नहीं है। उधर, पुलिस के जांच अधिकारी अनिल कुमार का कहना है कि पुलिस को अभी हरजीत ने बयान नहीं दर्ज करवाए हैं। वीरवार को हरजीत के बयान दर्ज करने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
चुनाव के लिए कोरम नहीं पूरा हुआ जिस कारण चुनाव स्थगित कर दिया। चेयरमैन पद के लिए चुनाव तारीख की घोषणा जल्द कर दी जाएगी।
राजीव गुप्ता, अतिरिक्त उपायुक्त
वह सभी निदेशक परिवार के साथ हरजीत सिंह को ही तलाश रहे थे जिस कारण वह चुनाव में भाग लेने के लिए नहीं गए। हरजीत सिंह का अपहरण करके आरोपियों ने गलत किया है।
कुलविंदर सिंह काला, निदेशक, मार्केट कमेटी
भाजपा डरी हुई है इसलिए भाजपा समर्थित निदेशक नामांकन भरने के लिए नहीं आए। एक बात तय थी कि अगर चुनाव होता तो भाजपा की हार तय थी।
देवेंद्र सिंह बबला, कांग्रेस नेता एवं निदेशक