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GST रिटर्न फाइल करने में छाया चंडीगढ़, देखिए देशभर में कौन सा स्थान मिला?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 19 Jan 2018 09:36 AM IST
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gst
- फोटो : सोशल मीडिया
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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) रिटर्न फाइल करने में चंडीगढ़ को देशभर में दूसरा स्थान मिला है। ट्रेडर्स द्वारा हर महीने भरे जाने वाले 3-बी रिटर्न में चंडीगढ़ को बेहतरीन कार्य के लिए प्रशंसनीय पत्र भी दिया गया है।
वहीं, पंजाब को जीएसटी रिटर्न समय से भरने पर पूरे देश में पहला स्थान और दिल्ली को तीसरा स्थान मिला है। चंडीगढ़ आबकारी एवं कराधान विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इस समय शहर में करीब 20 हजार जीएसटीएन होल्डर हैं जो शहर में ट्रेडिंग कर रहे हैं। समय पर रिटर्न भरने और शून्य प्रतिशत पेंडेंसी के चलते चंडीगढ़ को पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल हुआ है।
हर महीने करीब 100 करोड़ का टैक्स
चंडीगढ़ आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों की मानें तो विभाग को हर महीने टैक्स के रूप में करीब 100 करोड़ रुपये मिल रहे हैं। अगर हिसाब लगाया जाए तो अब तक विभाग को करीब 600 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में मिल चुके हैं। जीएसटी लागू होने के बाद से जहां शुरुआती दौर में ट्रेडर्स को रिटर्न भरने में दिक्कत आ रही थी और नए सिस्टम को समझने में परेशानी हो रही थी वहीं, अब डिपार्टमेंट की मदद से ट्रेडर्स बड़े आसानी से रिटर्न भरने और जीएसटी में डील कर रहे हैं।
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वहीं, पंजाब को जीएसटी रिटर्न समय से भरने पर पूरे देश में पहला स्थान और दिल्ली को तीसरा स्थान मिला है। चंडीगढ़ आबकारी एवं कराधान विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इस समय शहर में करीब 20 हजार जीएसटीएन होल्डर हैं जो शहर में ट्रेडिंग कर रहे हैं। समय पर रिटर्न भरने और शून्य प्रतिशत पेंडेंसी के चलते चंडीगढ़ को पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल हुआ है।
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हर महीने करीब 100 करोड़ का टैक्स
चंडीगढ़ आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों की मानें तो विभाग को हर महीने टैक्स के रूप में करीब 100 करोड़ रुपये मिल रहे हैं। अगर हिसाब लगाया जाए तो अब तक विभाग को करीब 600 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में मिल चुके हैं। जीएसटी लागू होने के बाद से जहां शुरुआती दौर में ट्रेडर्स को रिटर्न भरने में दिक्कत आ रही थी और नए सिस्टम को समझने में परेशानी हो रही थी वहीं, अब डिपार्टमेंट की मदद से ट्रेडर्स बड़े आसानी से रिटर्न भरने और जीएसटी में डील कर रहे हैं।
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जीएसटीआर 3-बी टाइम पर नहीं भरने पर 18 प्रतिशत पेनल्टी
जीएसटी
- फोटो : File Photo
क्या है जीएसटीआर 3-बी
जिन लोगों ने जीएसटी नंबर लिया है, उन्हें हर महीने जीएसटीआर 3-बी फार्म भरना अनिवार्य है। जीएसटीआर 3-बी फार्म में ट्रेडर को खरीददारी और बिक्री का पूरा आंकड़ा पेश करना होता है, जिस पर ट्रेडर्स को टैक्स जमा कराना होता है। सेवाएं मुहैया कराने वाले ट्रेडर्स, कंपोजिशन डीलर, ऑनलाइन सप्लायर और डाटाबेस का काम करने वाले ट्रेडर्स को जीएसटीआर 3-बी रिटर्न भरने की जरूरत नहीं है।
जीएसटीआर 3-बी टाइम पर नहीं भरने पर 18 प्रतिशत पेनल्टी
आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों की मानें तो जीएसटी काउंसिल की ओर से तय किया गया है कि समय पर जीएसटीआर 3-बी नहीं भरने पर रेगुलर करदाता को 18 प्रतिशत सालाना के हिसाब से पेनल्टी भरनी पड़ती है यानी जितने दिन जीएसटीआर 3-बी रिटर्न भरने में करदाता देरी करेंगे, उन्हें हर दिन की पेनल्टी भी जमा करानी होगी।
जिन लोगों ने जीएसटी नंबर लिया है, उन्हें हर महीने जीएसटीआर 3-बी फार्म भरना अनिवार्य है। जीएसटीआर 3-बी फार्म में ट्रेडर को खरीददारी और बिक्री का पूरा आंकड़ा पेश करना होता है, जिस पर ट्रेडर्स को टैक्स जमा कराना होता है। सेवाएं मुहैया कराने वाले ट्रेडर्स, कंपोजिशन डीलर, ऑनलाइन सप्लायर और डाटाबेस का काम करने वाले ट्रेडर्स को जीएसटीआर 3-बी रिटर्न भरने की जरूरत नहीं है।
जीएसटीआर 3-बी टाइम पर नहीं भरने पर 18 प्रतिशत पेनल्टी
आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों की मानें तो जीएसटी काउंसिल की ओर से तय किया गया है कि समय पर जीएसटीआर 3-बी नहीं भरने पर रेगुलर करदाता को 18 प्रतिशत सालाना के हिसाब से पेनल्टी भरनी पड़ती है यानी जितने दिन जीएसटीआर 3-बी रिटर्न भरने में करदाता देरी करेंगे, उन्हें हर दिन की पेनल्टी भी जमा करानी होगी।