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सर्वे में खुलासा, CHB के 80 फीसदी से ज्यादा मकानों में वायलेशन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 25 Feb 2017 09:13 AM IST
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सीएचबी
- फोटो : DEMO Pics
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चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने पूरे शहर के 60 हजार हाउसिंग बोर्ड के मकानों के वायलेशन का सर्वे पूरा कर लिया है। 80 फीसदी से ज्यादा मकानों में वायलेशन पाई गई है। सरकारी जमीन पर कब्जा कर निर्माण करने वालों पर 500 रुपये प्रति वर्ग फुट के हिसाब से जुर्माना वसूला जा सकता है।
सर्वे की अब रिपोर्ट बनाई जा रही है कि मकानों में किस तरह की वायलेशन सबसे ज्यादा हैं। अगली सीएचबी की बैठक में इस सर्वे को चर्चा के लिए रखा जाएगा। इसके बाद तय किया जाएगा कि जुर्माने के नोटिस किस तरह की वायलेशन में भेजे जाएं। बोर्ड की रिपोर्ट में 80 प्रतिशत से ज्यादा मकानों में वायलेशन पाई गई है। डाटा भी सहेज कर रख लिया गया है। कुछ वायलेशन को जरूरत के अनुसार बदलाव की मंजूरी में शामिल कि ए जाने की भी उम्मीद है। लेकिन जिन्होंने सरकारी जमीन पर कब्जा करके निर्माण किया होगा उन पर 500 रुपये प्रति वर्ग फुट के हिसाब से जुर्माने के नोटिस भेजने का निर्णय लिया जाएगा। इसमे वे मकान भी शामिल किए जाएंगे जिनका निर्माण खतरनाक हो सकते हैं। इससे पहले अक्तूबर माह में हुई गवर्निंग बॉडी की बैठक में 400 से 500 रुपये प्रति वर्ग के हिसाब से जुर्माना लगाने का प्रस्ताव पास होने केलिए आया था, लेकिन सदस्यों ने यह कहते हुए प्रस्ताव टाल दिया था कि सर्वे का काम पूरा होने के बाद फैसला लिया जाएगा।
इस समय संपदा विभाग की ओर से कामर्श्यल प्रॉपर्टी के वायलेशन होने पर 500 रुपये प्रति वर्ग के हिसाब से नोटिस भेजे जाते हैं। पिछले साल से बोर्ड द्वारा उन मकानों को ही वायलेशन के नोटिस भेजे जा रहे हैं जिनकी शिकायत आ रही थी। पुरानी वायलेशन के नोटिस के खिलाफ जिन लोगों ने अपील डाल रखी है, उस पर भी रोक लगाई गई है। लेकिन अब सीएचबी की गवर्निंग बोर्ड की अगली बैठक के बाद फिर से कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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उम्मीद है कि गवर्निंग बोर्ड हाउसिंग बोर्ड में रहने वाले लोगों को राहत देगा। निवासी लंबे समय से यह मांग कर रहे है कि जिान लोगों ने जरूरत के अनुसार बदलाव किए उन्हें बोर्ड रेगुलर कर दे।
रजत मल्होत्रा, प्रवक्ता, सीएचबी रेजिडेंट्स फेडरेशन
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सर्वे की अब रिपोर्ट बनाई जा रही है कि मकानों में किस तरह की वायलेशन सबसे ज्यादा हैं। अगली सीएचबी की बैठक में इस सर्वे को चर्चा के लिए रखा जाएगा। इसके बाद तय किया जाएगा कि जुर्माने के नोटिस किस तरह की वायलेशन में भेजे जाएं। बोर्ड की रिपोर्ट में 80 प्रतिशत से ज्यादा मकानों में वायलेशन पाई गई है। डाटा भी सहेज कर रख लिया गया है। कुछ वायलेशन को जरूरत के अनुसार बदलाव की मंजूरी में शामिल कि ए जाने की भी उम्मीद है। लेकिन जिन्होंने सरकारी जमीन पर कब्जा करके निर्माण किया होगा उन पर 500 रुपये प्रति वर्ग फुट के हिसाब से जुर्माने के नोटिस भेजने का निर्णय लिया जाएगा। इसमे वे मकान भी शामिल किए जाएंगे जिनका निर्माण खतरनाक हो सकते हैं। इससे पहले अक्तूबर माह में हुई गवर्निंग बॉडी की बैठक में 400 से 500 रुपये प्रति वर्ग के हिसाब से जुर्माना लगाने का प्रस्ताव पास होने केलिए आया था, लेकिन सदस्यों ने यह कहते हुए प्रस्ताव टाल दिया था कि सर्वे का काम पूरा होने के बाद फैसला लिया जाएगा।
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इस समय संपदा विभाग की ओर से कामर्श्यल प्रॉपर्टी के वायलेशन होने पर 500 रुपये प्रति वर्ग के हिसाब से नोटिस भेजे जाते हैं। पिछले साल से बोर्ड द्वारा उन मकानों को ही वायलेशन के नोटिस भेजे जा रहे हैं जिनकी शिकायत आ रही थी। पुरानी वायलेशन के नोटिस के खिलाफ जिन लोगों ने अपील डाल रखी है, उस पर भी रोक लगाई गई है। लेकिन अब सीएचबी की गवर्निंग बोर्ड की अगली बैठक के बाद फिर से कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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उम्मीद है कि गवर्निंग बोर्ड हाउसिंग बोर्ड में रहने वाले लोगों को राहत देगा। निवासी लंबे समय से यह मांग कर रहे है कि जिान लोगों ने जरूरत के अनुसार बदलाव किए उन्हें बोर्ड रेगुलर कर दे।
रजत मल्होत्रा, प्रवक्ता, सीएचबी रेजिडेंट्स फेडरेशन