अच्छी खबर: इटली में नीलाम होनी थी चंडीगढ़ की हेरिटेज चेयर, शिकायत के बाद नीलामी से हटाया
अजय जग्गा की शिकायत के बाद नीलामी से चंडीगढ़ के विरासती फर्नीचर को हटा लिया गया है। यह नीलामी 22 सितंबर को इटली के मिलान शहर में होनी थी । कुर्सी के लिए नीलामी घर ने 5.62 से 7.79 लाख रुपये कीमत तय की थी। नीलामी की जानकारी मिलते ही जग्गा ने इसकी शिकायत देकर रोकने की मांग की थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल के मेंबर अजय जग्गा की मेहनत अब रंग लाने लगी है। चंडीगढ़ की विरासत की विदेश में होने वाली नीलामी एक हफ्ते में दूसरी बार टल गई है। इस बार पियरे जेनरे की ओर से डिजाइन की गई कुर्सी को इटली के मिलान शहर में नीलाम किए जाने की तैयारी थी, लेकिन अजय जग्गा ने इसकी शिकायत वहां भारत के राजदूत और विदेश मंत्रालय को कर दी। इसके बाद नीलामी से चंडीगढ़ के विरासती फर्नीचर को हटा लिया गया है।
कंगारू कुर्सी की जानी थी नीलाम
अजय जग्गा ने बताया कि 22 सितंबर को इटली के मिलान शहर में पियरे जेनरे की डिजाइन की गई सिटी ब्यूटीफुल की कंगारू कुर्सी को नीलाम किया जाना था। इसके लिए नीलामी घर ने 5.62 से 7.79 लाख रुपये कीमत तय की थी। नीलामी की जानकारी मिलते ही जग्गा ने इसकी शिकायत देकर रोकने की मांग की। जग्गा ने बताया कि हफ्ते में यह दूसरी बार है, जब किसी देश में चंडीगढ़ के विरासती फर्नीचर की नीलामी रुकी है।
यह भी पढ़ें- चिंताजनक: 57.38 प्रतिशत भूजल का दोहन कर रहा चंडीगढ़, केंद्रीय भूजल बोर्ड के सर्वे में बड़ा खुलासा
18 सितंबर को भी रुक गई थी नीलामी
इससे पहले लक्जमबर्ग के संस्कृति मंत्रालय ने 18 सितंबर को होने वाली एक नीलामी पर तत्काल कार्रवाई करते हुए रोक लगा दी थी। इस नीलामी में शहर की छह कुर्सियों को रखा गया था। 11 साल में यह पहली बार था, जब विदेश में कोई नीलामी रुकी थी। हालांकि अभी भी हेरिटेज की विदेशों में नीलामी जारी है।
13 बार हो चुकी है हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी
जग्गा ने कहा कि वे हेरिटेज बचाने के लिए आगे भी प्रयास करते रहेंगे। इस साल अब तक विदेशों में 13 बार चंडीगढ़ का हेरिटेज फर्नीचर नीलाम हो चुका है, लेकिन प्रशासन के अधिकारी इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जग्गा ने कहा कि हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी को रोकने के साथ ही इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए कि आखिरकार देश से बाहर ये हेरिटेज फर्नीचर पहुंच कैसे रहा है।