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आयुष्मान योजना में जुड़ेंगे चंडीगढ़ के 70 हजार और परिवार, स्वास्थ्य विभाग ने नई सूची के लिए केंद्र को भेजा प्रस्ताव
Wed, 24 Feb 2021 04:00 PM IST
निवेदिता वर्मा
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 24 Feb 2021 04:00 PM IST
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ayushman yojna
- फोटो : amar ujala
आयुष्मान योजना में चंडीगढ़ के 70 हजार और जरूरतमंद परिवारों को जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। इस संदर्भ में स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। इसकी मंजूरी मिलते ही चयनित परिवारों का पंजीकरण शुरू हो जाएगा।
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स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि विभाग ने काफी पड़ताल के बाद यह प्रस्ताव तैयार किया है, क्योंकि पुरानी सूची में शामिल 5 हजार परिवारों का शहर में कोई अता-पता नहीं है, जबकि योजना के मानकों के अनुसार ऐसे परिवारों की संख्या काफी ज्यादा बढ़ गई है, जिन्हें इससे नहीं जोड़ा गया, इसलिए एक बार फिर से नई सूची तैयार करने की जरूरत है।
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डॉ. कंग ने बताया कि आयुष्मान योजना में शहर के 17 निजी, 5 सरकारी अस्पतालों के साथ पीजीआई को सूचीबद्ध किया गया है। इन सूचीबद्ध अस्पतालों में मरीज अपना इलाज करा सकते हैं। इन मरीजों के इलाज पर आने वाला खर्च सरकार वहन करती है। योजना में साल 2020-21 में मरीजों के इलाज पर अब तक 2 करोड़ खर्च हो चुके हैं।
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11 महीने में 4600 गंभीर मरीजों को लाभ
स्वास्थ्य निदेशक ने बताया कि बीते साल 15 मार्च से अब तक 4600 लाभार्थियों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत इलाज मिला है। उनमें ज्यादातर डायलिसिस के मरीज शामिल हैं। इसके अलावा स्त्री रोग, हृदय रोग, ट्रॉमा, ऑपरेशन और इमरजेंसी के मरीजों का इलाज किया गया है।
23 हजार लाभार्थियों में पांच हजार का कोई अता-पता नहीं
आयुष्मान योजना के अंतर्गत पहले चरण में शहर में 23000 लाभार्थी परिवार चयनित किए गए थे। उनमें 18 हजार परिवारों के 58600 सदस्यों का पंजीकरण कर उन्हें इस सुविधा से जोड़ा जा चुका है। ये लाभार्थी अपनी सुविधा अनुसार योजना में शहर के पंजीकृत सरकारी और निजी अस्पताल में निशुल्क इलाज करा रहे हैं, लेकिन बाकी 5 हजार परिवारों का कोई अता-पता नहीं है। डॉ. कंग का कहना है कि जिन परिवारों से संबंधित सूचना शहर में उपलब्ध नहीं है, उनका नाम हटा कर नए लाभार्थी परिवारों को सूची में शामिल किया जाएगा, ताकि जरूरतमंद लोगों को योजना का लाभ मिल सके।
स्वास्थ्य निदेशक ने बताया कि बीते साल 15 मार्च से अब तक 4600 लाभार्थियों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत इलाज मिला है। उनमें ज्यादातर डायलिसिस के मरीज शामिल हैं। इसके अलावा स्त्री रोग, हृदय रोग, ट्रॉमा, ऑपरेशन और इमरजेंसी के मरीजों का इलाज किया गया है।
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