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चंडीगढ़ में नीड बेस्ड चेंज के लिए अब ऑनलाइन करें अप्लाई, पेमेंट की सुविधा भी शुरू हुई

Tue, 10 Sep 2019 03:23 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 10 Sep 2019 03:23 PM IST
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chandigarh flat alloters, now apply online for need based change
फाइल फोटो
अलॉटी अब अपने घरों में किए बदलावों को बोर्ड की ओर से तय नियमों के तहत आसानी से नियमित करवा सकेंगे। इससे अलॉटी को सीएचबी ऑफिस में धक्के खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि ऑनलाइन ही इसके लिए पेमेंट भी की जा सकेगी। हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने नीड बेस्ड चेंज के लिए ऑनलाइन सिस्टम शुरू कर दिया है। सीएचबी ने रजिस्टर्ड स्ट्रक्चरल इंजीनियर की लिस्ट और स्टेबिलिटी प्रोफार्मा को भी ऑनलाइन कर दिया है।
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मौजूदा सिस्टम के तहत अलॉटियों को बोर्ड कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन नए सिस्टम से इसमें समय भी कम लगेगा और अलॉटियों की परेशानी भी कम होगी। वह ऑनलाइन ही कहीं से भी इसके लिए अप्लाई कर सकेंगे। बोर्ड ने रजिस्टर्ड स्ट्रक्चरल इंजीनियर, स्टेबिलिटी प्रोफार्मा, बिल्डिंग प्लान, नीड बेस चेंज प्रस्ताव और सेल्फ सर्टिफिकेशन के लिए पैनल आर्किटेक्ट की लिस्ट भी वेबसाइट पर डाली दी है। काफी समय बीत जाने के बाद पिछले वर्ष ही बोर्ड ने नीड बेस चेंज के प्रस्ताव को अप्रूवल दी थी।
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इसके तहत एडिशनल कवरेज के लिए 200 प्रति स्क्वेयर फुट के हिसाब से फीस तय की गई है। इसके अलावा प्रत्येक वायलेशन के लिए भी न्यूनतम फीस को 20 हजार रुपये तय किया गया है। हाउसिंग बोर्ड अलॉटी पिछले लंबे समय से इन बदलावों को नियमित करने की मांग कर रहे थे। अलॉटियों को ये बदलाव करने के लिए व्यक्तिगत रूप से परमिशन नहीं लेनी पड़ेगी। शहर में 62 हजार में से 55 हजार के करीब मकानों में कई प्रकार की वायलेशन है, जिसमें अतिरिक्त टॉयलेट्स, कमरों का निर्माण, बॉलकेनी को कमरों में बदलना और सरकारी भूमि पर सीढ़ियों का निर्माण करना आदि वायलेशन शामिल हैं।
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अतिक्रमण के खिलाफ ड्राइव रहेगी जारी

हाउसिंग बोर्ड के मुताबिक अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई पहले की तरह ही जारी रहेगी क्योंकि सरकारी जमीन पर निर्माण पर पेनल्टी स्कीम लागू नहीं है। इसके अलावा बिना परमिशन के नए निर्माण की इजाजत नहीं है। इंफोर्समेंट स्क्वॉड की ओर से मौके पर चालान जारी किए जा रहे हैं ताकि आगे के निर्माण को तुरंत रोका जा सके और पुरानों को हटाया जा सके। सीएचबी ने कहा कि अगर अलॉटी वायलेशन को खुद हटाने की प्रक्रिया शुरू करता है तो उसके लिए तीन दिन का इंतजार किया जाएगा, लेकिन अगर आगे निर्माण बंद नहीं किया जाता है, तो एक दिन के लिए भी प्रतीक्षा किए बिना कार्रवाई की जाएगी।

कैटेगरी    30 सितंबर तक सु-मोटो पेंमेट         30 सितंबर के बाद
ईडब्ल्यूएस-----------------50---------------------------------75
एलआईजी-----------------60---------------------------------90
एमआईजी-----------------80    --------------------------------120
एचआईजी-----------------90---------------------------------135
नोट: यह चार्जेस प्रति स्क्वेयर फुट के हिसाब से प्रति वर्ष के लिए है।
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