सुविधा: चंडीगढ़ एस्टेट ऑफिस की वेबसाइट और कई ऑनलाइन सेवाएं शुरू, अफसरों ने माना भ्रष्टाचार का बोलबाला
अब सभी तरह के भुगतान ऑनलाइन हो सकेंगे। लोगों को घर बैठे अपनी फाइलों की जानकारी मिल जाएगी। फाइलें सिर्फ ऑनलाइन चलेंगी और हस्ताक्षर भी डिजिटल होंगे। लोगों को मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से जानकारी मिलती रहेगी।
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चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित ने सेक्टर-10 स्थित होटल माउंट व्यू में मंगलवार को एस्टेट ऑफिस की वेबसाइट और कई ऑनलाइन सेवाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए अफसरों को जल्द फाइलें पास करने की नसीहत दी। कार्यक्रम में उनके सलाहकार धर्मपाल, वित्त सचिव व डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने भी माना कि एस्टेट ऑफिस में पारदर्शिता नहीं है, लेकिन अब नई व्यवस्था शुरू हो गई है, जिससे सुधार होगा।
सेवाओं को ऑनलाइन करते हुए डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने एस्टेट ऑफिस को लेकर एक प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि एस्टेट ऑफिस की धारणा लोगों के मन में अभी ठीक नहीं है। पारदर्शिता की कमी थी। लोग बात करते थे कि क्या कभी एस्टेट ऑफिस सुधरेगा, लेकिन अब सब कुछ बदल जाएगा।
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सभी भुगतान होंगे ऑनलाइन
डीसी ने कहा कि अब सभी तरह के भुगतान ऑनलाइन हो सकेंगे। लोगों को घर बैठे अपनी फाइलों की जानकारी मिल जाएगी। फाइलें सिर्फ ऑनलाइन चलेंगी और हस्ताक्षर भी डिजिटल होंगे। लोगों को मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से जानकारी मिलती रहेगी। दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। अधिकारियों के पास भी एक डैशबोर्ड होगा, जहां वह देख सकेंगे कि कितने लोगों का काम लंबित है। मौके पर वेबसाइट https://estateoffice.chd.gov.in/ को भी लांच किया गया, जिस पर सभी सेवाएं उपलब्ध करवाई गई हैं।
मैं फाइलें पास किए घर नहीं जाता था
पुरोहित ने कहा कि जब वह केंद्र सरकार में मंत्री थे, तो जब तक सभी फाइलें पास नहीं हो जाती थीं, दफ्तर से नहीं जाते थे। एक दिन एक मित्र मिले और कहा कि एक फाइल तीन दिन से टेबल पर पड़ी है, कृपया उसे देख लें। उन्होंने पूछा कि कब पता चला कि तीन दिन से फाइल मेरी टेबल पर पड़ी है। मित्र ने जवाब दिया कि तीन दिन पहले, इस पर वे बोले कि वो फाइल उसी दिन पास होकर चली गई थी। मित्र ने पूछा कि फाइल में क्या किया? बनवारी लाल ने तुरंत कहा कि न्याय किया है। सही काम होगा तो हो जाएगा, वरना नहीं होगा।
सबसे ज्यादा शिकायतें एस्टेट ऑफिस की मिलीं
पुरोहित के सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि जब से वे चंडीगढ़ आए हैं, एस्टेट ऑफिस को लेकर कई लोग शिकायत दे चुके हैं। पूरी व्यवस्था मैनुअल थी, जिसकी वजह से पारदर्शिता नहीं थी। लगातार शिकायतें मिल रही थीं। भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे थे। हम जनता के लिए काम कर रहे हैं, इसलिए हमारा काम लोगों को सहूलियतें देना है, न कि उन्हें परेशान करना। ये नई व्यवस्था है। लोगों को अपने सुझाव देने चाहिए, ताकि इसे और बेहतर बनाया जा सके।
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ये सुविधाएं आज से ऑनलाइन
- पंजीकृत बिक्री/एक्सचेंज/उपहार/फैमिली ट्रांसफर डीड के आधार पर स्वामित्व का हस्तांतरण
- पंजीकृत बिक्री/एक्सचेंज/उपहार/फैमिली ट्रांसफर डीड के आधार पर लीज अधिकारों का हस्तांतरण
- सेल गिफ्ट/एक्सचेंज/मिली ट्रांसफर डीड के माध्यम से लीज अधिकारों के हस्तांतरण के लिए अनुमति/एनओसी प्रदान करना
- नो ड्यूज सर्टिफिकेट प्रधान करना
- अपडेट की गई अपनी संपत्ति को जानें
- अंतरराज्यीय मृत्यु के आधार पर स्वामित्व/लीज के अधिकार
- अपंजीकृत वसीयत के आधार पर स्वामित्व/लीज के अधिकार
- पंजीकृत वसीयत के आधार पर स्वामित्व/लीज के अधिकारों का हस्तांतरण
- गिरवी रखने की अनुमति (लीज होल्ड संपत्ति)
20 अक्तूबर से ये सुविधाएं मिलने लगेंगी
- एक्सक्यूशन ऑफ डीड ऑफ कनवेनेंस
- एक्सक्यूशन ऑफ लीज डीड
- एक्सक्यूशन ऑफ रिडंप्शन डीड
- निर्माण के लिए समय सीमा में विस्तार
- आवंटन पत्र जारी करना
- अनापत्ति प्रमाण पत्र का पुनर्वैधीकरण
- वसीयत की अदालती डिक्री/पारिवारिक समझौता/प्रोबेट के आधार पर स्वामित्व का हस्तांतरण
- अपना बकाया जानें
- 40,721 कुल संपत्तियां
- एक संपत्ति में करीब 200 दस्तावेज
- कुल 80 लाख से ज्यादा एंट्रीज
- वरिष्ठ सहायक और क्लर्क स्तर पर 100 फीसदी सत्यापन
- अधीक्षक पर 10 फीसदी सत्यापन
- अब सिर्फ ऑनलाइन हस्ताक्षर
- कुल 13 महीने का समय
- 125 कर्मचारियों की टीम लगी