जिंदगी की जरूरतों को मेहनत से मात दी इन्होंने
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पढ़ी लिखीं भले ही नहीं हैं, लेकिन वीना सोनी जानती हैं कि जिंदगी के खर्चे कैसे मैनेज करने हैं। इसके साथ ही वे बच्चों को अच्छी शिक्षा भी दिला रही हैं। चंडीगढ़ के सेक्टर-22 में किराए के मकान में रहकर टिफिन सिस्टम चलाने वाली वीना ने एक मिसाल कायम की है।
15 साल की उम्र में मूल रूप से गंगानगर (राजस्थान) की रहने वाली वीना की शादी मंडी डबवाली निवासी पवन सोनी के साथ हुई थी। पति शराबी था और उसके साथ मारपीट करता था। शादी के कुछ सालों बाद ही वीना अपने पति से अलग हो गईं। तब से ही वे बच्चों के साथ रह रही हैं।
यहां वीना अपने एक बेटे, दो बेटियां, बड़ी लड़की के दामाद और उनके दो बच्चों के साथ रह रही हैं। वीना ने शादी के बाद बाद से ही अपने परिवार का खर्च अकेले चलाया।
शुरू के सालों में वीना ने खेतों में काम किया। उसके बाद वे परिवार के साथ चंडीगढ़ आ गईं। सभी खर्च चलाने के लिए लोगों के घर जाकर बरतन मांजे और साफ सफाइयां की। उस समय इनके परिवार की मदद करने वाला कोई नहीं था। स्थानीय निवासी चांद वर्मा इंसानियत के नाते आगे आईं।
उनके कहने पर वीना ने टिफिन सिस्टम शुरू किया। चांद ने वीना के साथ नजदीक के हर पीजी में जाकर वहां रहने वाले लोगों को टिफिन लगाने का आग्रह किया। धीरे-धीरे घर केआसपास के पीजी में रहने वाले लड़कों और लड़कियों को टिफिन लगाया। उसके बाद इस काम में तेजी आई और बच्चों को पढ़ाई कराई।
बिक रहे सौ से ज्यादा टिफिन
बड़ी बेटी के लिए बुटीक खुलाया
सोनी के बच्चे भी मां के काम में हाथ बंटाते हैं। उनकी बड़ी बेटी एक बुटीक चलाती हैं। बड़ा दामाद भी दुकान में काम करता है। वहीं सोनी की छोटी बेटी दसवीं पास कर चुकी है, टिफिन सप्लाई करने में मां की मदद करती है। सोनी का बेटा बबलू बारहवीं में पढ़ता है। उसी के नाम से वीना सोनी टिफिन सर्विस चला रही हैं।
बबलू टिफिन सप्लाई करने और खाना बनाने की सामग्री लाने में अपनी मां का पूरा साथ देता है। सोनी के बच्चों का मानना है कि उनकी मां ने पूरी जिंदगी बहुत मेहनत की है और इसलिए वे जैसे भी संभव हो अपनी मां का हाथ बंटाना चाहते हैं।