रंग लाया संघर्ष: चंडीगढ़ में 178 बर्खास्त एनएचएम कर्मचारियों की होगी वापसी, पुराने वेतन पर बहाली का समझौता
सलाहकार धर्मपाल ने मंगलवार को मुलाजिमों से मुलाकात की और बिंदुवार समस्याओं पर चर्चा की। कहा कि कर्मचारियों का अचानक हड़ताल पर जाना ठीक नहीं था और इस तरह के आचरण को सहन नहीं किया जा सकता।
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चंडीगढ़ में बर्खास्तगी के खिलाफ पिछले 41 दिनों से जीएमएसएच-16 के बाहर धरने पर बैठे नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों की जीत हुई है। मंगलवार को प्रशासन ने सभी 178 कर्मचारियों को वापस काम पर बुलाने का फैसला लिया है। अब कर्मचारियों का धरना खत्म होने की उम्मीद है।
सलाहकार धर्मपाल ने मंगलवार को मुलाजिमों से मुलाकात की और बिंदुवार समस्याओं पर चर्चा की। कहा कि कर्मचारियों का अचानक हड़ताल पर जाना ठीक नहीं था और इस तरह के आचरण को सहन नहीं किया जा सकता। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि एनएचएम कर्मचारी आउटसोर्स पर काम नहीं करेंगे। वह एनएचएम कर्मी के तौर पर पुराने वेतन पर ही काम करेंगे। सलाहकार ने कर्मचारियों को कहा कि वह यह लिखकर दें।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत काम करने के घंटे चूंकि कम हैं व सेवाओं के नियम अलग हैं। लिहाजा, वेतन डीसी रेट के मुताबिक नहीं हो सकता है। एनएचएम के तहत वेतन बढ़ाने की मांग पर विचार किया जाएगा। इसमें काम करने के घंटे, छुट्टियां व अन्य सेवा शर्तों पर भी चर्चा होगी। अन्य राज्यों की नीतियों को भी देखा जाएगा।
कोर्ट में दाखिल याचिका को वापस लेंगे कर्मचारी
सलाहकार ने कहा कि कर्मचारी स्वैच्छिक तौर पर व बिना शर्त कोर्ट में दाखिल अपनी याचिका को वापस लेंगे, जिसकी लिखित कापी प्रशासन के पास भेजी जाएगी। बैठक में एनएचएम कर्मियों ने आग्रह किया कि अनुबंध कर्मचारियों की ड्यूटी में कोई ब्रेक न पड़े और उनके बर्खास्तगी के दौरान की सेवाओं को बिना ब्रेक माना जाए व ब्रेक के दौरान के पीरियड को लीव विदआउट पे कर दिया जाए। मुलाजिमों ने कहा कि वह एनएचएम के तहत ही काम करना चाहते हैं। डीसी रेट पर आउटसोर्स मुलाजिम के तौर पर काम करना मंजूर नहीं है।