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मेयर से खुलेआम खिलाफत, कमिश्नर से मिले भाजपा के 8 पार्षद
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 12 May 2016 11:36 AM IST
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- फोटो : amarujala
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कांग्रेस के बाद अब भाजपा-अकाली के आठ पार्षद भी अपने मेयर के खिलाफ खुलकर आ गए हैं। बुधवार को इन आठ पार्षदों ने मेयर अरुण सूद से मिलने की बजाय कमिश्नर बी पुरुषार्था को मिले और सेक्टर-17 की बंद की गई पार्किंगों खोलने के लिए लिखित में पत्र दिया। पार्षदों ने पार्किंगों को फिर से खोलने के प्रस्ताव को इस माह होने वाली सदन की बैठक में लाने को कहा है। कांग्रेस पहले से व्यापारियों का समर्थन कर रही है। जबकि एक्ट के अनुसार प्रस्ताव को एजेंडे में शामिल करने का अधिकार मेयर के पास ही होता है।
भाजपा के जिन पार्षदों ने लिखित में पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं उनमें सीनियर डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल, डिप्टी मेयर हरदीप सिंह, राजेश गुप्ता, सतप्रकाश अग्रवाल, सौरभ जोशी, हीरा नेगी, देसराज गुप्ता और सतिंदर सिंह का नाम शामिल है। मालूम हो कि पिछली अनुबंध कमेटी की बैठक में ही पार्किंगों को बंद करने का फैसला लिया गया था।
प्रस्ताव पास होने पर मेयर की होगी किरकिरी
अगर फिर से पार्किंग खोलने का प्रस्ताव सदन में न लाया गया तो पार्षद मौके पर ही इसे टेबल एजेंडे के तौर पर सदन की बैठक में ले आएंगे। मालूम हो कि म्यूनिसिपल एक्ट के अनुसार जब भी पांच पार्षद किसी मुद्दे पर सदन में कोई प्रस्ताव लाने के लिए लिखित में कहते हैं तो उसे लाना ही पड़ता है। सदन में चर्चा होने पर पार्किंग खोलने का निर्णय फिर से ले लिया जाएगा। क्योंकि कई मनोनीत पार्षद और कांग्रेस के सभी आठ पार्षद समर्थन में हैं। लेकिन फिर से पार्किंग खुलने का प्रस्ताव पास होने पर मेयर अरुण सूद की काफी किरकिरी होगी।
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मेयर अरुण सूद का कहना है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि पार्षद कमिश्नर से मिले थे। उन्हें पार्किंग फिर से खोलने का एजेंडा लाने की भी कोई जानकारी नहीं है। पार्षद उनकी बजाय कमिश्नर को मिले यह भी वहीं बता सकते हैं।
प्रेजेंटेशन दिखाने के लिए कहा
जब भाजपा अकाली के 8 पार्षद कमिश्नर से मिलने गए तो कमिश्नर ने कहा कि वह सेक्टर-17 के प्लान पर उन्हें प्रेजेंटेशन दिखाना चाहता है, जिसमें यह बताया कि किस तरह से सेक्टर-17 का विकास होगा। मालूम हो कि स्मार्ट सिटी के तहत सेक्टर-17 की पार्किंग बंद कर यहां पर फूड कार्नर के अलावा कई दूसरी चीजें करने की योजना है।
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भाजपा के जिन पार्षदों ने लिखित में पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं उनमें सीनियर डिप्टी मेयर देवेश मोदगिल, डिप्टी मेयर हरदीप सिंह, राजेश गुप्ता, सतप्रकाश अग्रवाल, सौरभ जोशी, हीरा नेगी, देसराज गुप्ता और सतिंदर सिंह का नाम शामिल है। मालूम हो कि पिछली अनुबंध कमेटी की बैठक में ही पार्किंगों को बंद करने का फैसला लिया गया था।
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प्रस्ताव पास होने पर मेयर की होगी किरकिरी
अगर फिर से पार्किंग खोलने का प्रस्ताव सदन में न लाया गया तो पार्षद मौके पर ही इसे टेबल एजेंडे के तौर पर सदन की बैठक में ले आएंगे। मालूम हो कि म्यूनिसिपल एक्ट के अनुसार जब भी पांच पार्षद किसी मुद्दे पर सदन में कोई प्रस्ताव लाने के लिए लिखित में कहते हैं तो उसे लाना ही पड़ता है। सदन में चर्चा होने पर पार्किंग खोलने का निर्णय फिर से ले लिया जाएगा। क्योंकि कई मनोनीत पार्षद और कांग्रेस के सभी आठ पार्षद समर्थन में हैं। लेकिन फिर से पार्किंग खुलने का प्रस्ताव पास होने पर मेयर अरुण सूद की काफी किरकिरी होगी।
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मेयर अरुण सूद का कहना है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि पार्षद कमिश्नर से मिले थे। उन्हें पार्किंग फिर से खोलने का एजेंडा लाने की भी कोई जानकारी नहीं है। पार्षद उनकी बजाय कमिश्नर को मिले यह भी वहीं बता सकते हैं।
प्रेजेंटेशन दिखाने के लिए कहा
जब भाजपा अकाली के 8 पार्षद कमिश्नर से मिलने गए तो कमिश्नर ने कहा कि वह सेक्टर-17 के प्लान पर उन्हें प्रेजेंटेशन दिखाना चाहता है, जिसमें यह बताया कि किस तरह से सेक्टर-17 का विकास होगा। मालूम हो कि स्मार्ट सिटी के तहत सेक्टर-17 की पार्किंग बंद कर यहां पर फूड कार्नर के अलावा कई दूसरी चीजें करने की योजना है।