{"_id":"b2191f70305fe4b70d0043e3c761ee6c","slug":"chandigarh-consumer-forum-decision-against-allen-institute-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोचिंग इंस्टीट्यूट ने नहीं लौटाई फीस, भरेगा मुआवजा और खर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोचिंग इंस्टीट्यूट ने नहीं लौटाई फीस, भरेगा मुआवजा और खर्चा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 27 Feb 2016 09:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नामी कोचिंग इंस्टीट्यूट ने स्टूडेंट की फीस नहीं लौटाई तो चंडीगढ़ उपभोक्ता फोरम ने उसे सेवा में कोताही का दोषी करार दिया। अब वह फीस लौटाएगा। मुआवजा भी भरेगा और मुकदमे का खर्च भी देगा। उपभोक्ता फोरम ने इंस्टीट्यूट को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को एक लाख सात हजार रुपये तीन महीने की आनुपातिक फीस काटकर वापस करे।
विज्ञापन
इसके अलावा नौ प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी अदा करे। उपभोक्ता फोरम ने इंस्टीट्यूट को यह भी निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को सेवा में कोताही, मानसिक प्रताड़ना और ह्रासमेंट के लिए 20 हजार रुपये मुआवजा और सात हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे।
विज्ञापन
यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 के सदस्य जसविंदर सिंह सिद्धू ने सुनवाई के बाद दिया है। मनदीप सिंह निवासी सेक्टर-78 मोहाली ने सेक्टर-34 स्थित एलेन कैरियर इंस्टीट्यूट और इसके सेंटर हेड पुष्कर राय के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी।
विज्ञापन
मनदीप ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे मनजोत गिल को एलेन कैरियर इंस्टीट्यूट में आईआईटी-जेईई और एडवांस कोर्स की पढ़ाई के लिए अप्रैल 2015 में नामांकन कराया। इसके लिए उन्होंने एक लाख सात हजार रुपये जमा कराए। उन्होंने बताया कि उनका बेटा का इंडो स्विस ट्रेनिंग सेंटर अंडर सीएसआईओ में चयन हो गया।
शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि उन्होंने इस संबंध में ऐलेन कैरियर इंस्टीटयूट को सूचित कर दिया। इसके बाद उन्होंने अपने बेटे का पहचान पत्र, अटेंडेंस कार्ड और ओरिजनल फी रिसीप्ट जमा करा दिया और जमा राशि वापस मांगने के लिए 20 अगस्त 2015 को आवेदन किया। लेकिन राशि वापस नहीं की गई। दूसरे पक्ष की ओर से उपभोक्ता फोरम में पक्ष न रखने पर उपभोक्ता फोरम ने एकतरफा (एक्सपार्टी) करार दिया है।