{"_id":"5f32e1278ebc3e6206471b55","slug":"chandigarh-congress-president-pradeep-chhabra-congress-agitate-power-amendment-bill-canceled-chandigarh-news-pkl384407163","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि बिजली संशोधन बिल रद्द नहीं हुआ तो कांग्रेस करेगी आंदोलन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि बिजली संशोधन बिल रद्द नहीं हुआ तो कांग्रेस करेगी आंदोलन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने में बिजली संशोधन बिल को रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि चंडीगढ़ प्रशासन ने बिजली के स्मार्ट मीटर लगाना बंद नहीं किया तो कांग्रेस आंदोलन के लिए मजबूर होगी। सड़कों पर उतरकर इसका विरोध किया जाएगा।
छाबड़ा ने कहा कि लोगों के घर में प्रीपेड वाले स्मार्ट मीटर इसलिए लगवाए जा रहे हैं, क्योंकि मोदी सरकार चाहती है कि बिजली क्षेत्र पूरी तरह से प्राइवेट हाथों में चला जाए और निजी बिजली कंपनियों को आपको लूटने का खुला लाइसेंस मिल जाए। उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने पर सब्सिडी और क्रास सब्सिडी आने वाले तीन सालों में समाप्त हो जाएगी। अभी किसानों, गरीबी रेखा के नीचे और 500 यूनिट प्रति माह बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडी मिलती है। इसके कारण इन उपभोक्ताओं को लागत से कम मूल्य पर बिजली मिल रही है। अब नई नीति और निजीकरण के बाद सब्सिडी समाप्त होने से उपभोक्ताओं के लिए बिजली महंगी होगी हो जाएगी। इसके कारण प्राइवेट कंपनियां अपनी मनमाने रेट लगाएगी। छाबड़ा ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन महंगी बिजली दे रहा है और ऊपर से नगर निगम अब प्रति यूनिट एमसी टैक्स लेने लग गया है। शहरवासियों को कोरोना काल में बिजली बिल में राहत के जगह भारी भरकम बिल भेज रहा है। यह जनता के साथ नाइंसाफी है। उन्होंने कहा कि इस कानून के पास होने के कुछ ही समय बाद सरकारी कंपनियां बाहर हो जाएगी और निजी कंपनियों का पॉवर सेक्टर पर कब्जा हो जाएगा। प्राइवेट कंपनियों को कोई घाटा न हो इसीलिए सब्सिडी समाप्त कर आपके घरों मे धड़ाधड़ स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। इस बिल के विरोध में देशभर के लगभग 15 लाख बिजली कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं। इस अमेंडमेंट बिल को लेकर बिजली कर्मचारियों में खासा आक्रोश है।
विज्ञापन
छाबड़ा ने कहा कि लोगों के घर में प्रीपेड वाले स्मार्ट मीटर इसलिए लगवाए जा रहे हैं, क्योंकि मोदी सरकार चाहती है कि बिजली क्षेत्र पूरी तरह से प्राइवेट हाथों में चला जाए और निजी बिजली कंपनियों को आपको लूटने का खुला लाइसेंस मिल जाए। उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने पर सब्सिडी और क्रास सब्सिडी आने वाले तीन सालों में समाप्त हो जाएगी। अभी किसानों, गरीबी रेखा के नीचे और 500 यूनिट प्रति माह बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडी मिलती है। इसके कारण इन उपभोक्ताओं को लागत से कम मूल्य पर बिजली मिल रही है। अब नई नीति और निजीकरण के बाद सब्सिडी समाप्त होने से उपभोक्ताओं के लिए बिजली महंगी होगी हो जाएगी। इसके कारण प्राइवेट कंपनियां अपनी मनमाने रेट लगाएगी। छाबड़ा ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन महंगी बिजली दे रहा है और ऊपर से नगर निगम अब प्रति यूनिट एमसी टैक्स लेने लग गया है। शहरवासियों को कोरोना काल में बिजली बिल में राहत के जगह भारी भरकम बिल भेज रहा है। यह जनता के साथ नाइंसाफी है। उन्होंने कहा कि इस कानून के पास होने के कुछ ही समय बाद सरकारी कंपनियां बाहर हो जाएगी और निजी कंपनियों का पॉवर सेक्टर पर कब्जा हो जाएगा। प्राइवेट कंपनियों को कोई घाटा न हो इसीलिए सब्सिडी समाप्त कर आपके घरों मे धड़ाधड़ स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। इस बिल के विरोध में देशभर के लगभग 15 लाख बिजली कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं। इस अमेंडमेंट बिल को लेकर बिजली कर्मचारियों में खासा आक्रोश है।
विज्ञापन