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बच्चों पर अत्याचार होता देखें तो यहां करें शिकायत, तुरंत समाधान की गारंटी

Fri, 21 Apr 2017 12:16 PM IST
नीरज कुमार /अमर उजाला, चंडीगढ़
नीरज कुमार /अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 21 Apr 2017 12:16 PM IST
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chandigarh commission for protection of child rights president harjinder kaur interview
सांकेतिक तस्वीर।
अगर आप कहीं भी बच्चों पर अत्याचार होता देखें, बच्चों को लेबर का काम करते देखें तो यहां पर शिकायत कर सकते हैं, तुरंत समाधान होगा। चाइल्ड फ्रेंडली सिटी का स्लोगन दिया है तो उस पर काम भी होगा। जिनको परेशानी हो रही है, वे व्यक्तिगत तौर पर शिकायत कर रहे हैं। खास बात यह है कि अब स्वत: संज्ञान लेने का काम भी शुरू हो चुका है। यह बात चंडीगढ़ कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (सीसीपीसीआर) की चेयरपर्सन हरजिंदर कौर ने अमर उजाला से खास बात के दौरान बताई।
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हरजिंदर कौर ने 17 मार्च 2017 को चेयरपर्सन का कार्यभार संभाला है। उन्होंने कहा कि सीसीपीसीआर ने क्विक नोटिस लेना शुरू कर दिया है। खास बात यह है कि पहली बार सीसीपीसीआर ने एक शिकायत निवारण कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में तीन मेंबर हैं। ये मेंबर शिकायतों के बारे में पक्षों की बात सुनकर निपटारा करेंगे।
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चाइल्ड लेबर खत्म करेंगे
हरजिंदर कौर का कहना है कि शहर में बड़ी संख्या में बच्चे भीख मांगते हैं। शहर को बैगर फ्री करना है। इसके लिए सभी का सहयोग जरूरी है। लोग भीख न दें। हरजिंदर कौर कहती हैं कि वह शहर के लोगों को अपील करती हैं कि बच्चों को अपनाने के लिए आगे आएं।
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कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम की शुरूआत
सीसीपीसीआर में कम्युनिटी कल्चर प्रोग्राम शुरू किया है। इसके लिए स्कूल, पुलिस और एनजीओ से बात कर रहे हैं। बच्चों को क्रिएटिव दुनिया से जोड़ेंगे। सेक्सुअल अब्यूज को रोकने के लिए पूरा प्रयास होगा।


पूरे वर्ष का कैलेंडर तैयार हो रहा
हरजिंदर कौर बताती हैं कि सीसीपीसीआर पूरे वर्ष का कैलेंडर तैयार कर रहा है। इसमें सीसीपीआर क्या-क्या काम करेगी इसका पूरा विवरण होगा। कैलेंडर में दिए कार्य का रिविजन होगा। चाइल्ड मैपिंग भी सीसीपीसीआर करेगी। इसमें कितने बच्चे हैं। कितने स्कूल जाते हैं। गांव और कॉलोनियों में बच्चों की क्या स्थिति है। इसका चाइल्ड मैपिंग से पता चल जाएगा।
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