{"_id":"5e228c988ebc3e4b303c887c","slug":"chandigarh-bjp-state-president-arun-sood-interview","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बनते ही अरुण सूद ने दिखाए तेवर, बोले- अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बनते ही अरुण सूद ने दिखाए तेवर, बोले- अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं
Sat, 18 Jan 2020 10:14 AM IST
खुशबू गोयल
रिशु राज सिंह. अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह. अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 18 Jan 2020 10:14 AM IST
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अरुण सूद
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ प्रदेश भाजपा को करीब 10 साल बाद नया अध्यक्ष मिल गया है और अरुण सूद ने पद संभालते ही तेवर दिखाए और इरादे भी स्पष्ट कर दिए। भाजपा ने शुक्रवार को अरुण सूद के नाम की घोषणा की। फिर अरुण सूद ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में अपनी चुनौतियों और गुटबाजी समेत अन्य मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक सफर के बारे में भी बताया। वहीं, एक बात साफ-साफ कही कि पार्टी में अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं है। पेश है अरुण सूद से बातचीत के कुछ अंश...
सवाल: प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद सबसे बड़ी चुनौती?
जवाब: सबसे बड़ी चुनौती अगले साल दिसंबर में होने वाले नगर निगम चुनाव है। पिछले नगर निगम चुनाव में भाजपा ने 22 सीटों में से 20 सीटों पर जीत हासिल की है। इस बार जीत के इस आंकड़े को बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौती है। हालांकि, कार्यकर्ताओं के सहयोग के साथ उम्मीद है कि अगले साल सीटों की संख्या और बढ़ेगी।
सवाल: नीतिगत फैसलों में जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज किया जा रहा?
जवाब: शहर में अफसरशाही हावी है। यह सच है कि अधिकारियों की तरफ से लिए जाने वाले नीतिगत फैसलों में जनप्रतिनिधियों का अभाव रहता है, जबकि यह बहुत जरूरी है। जल्द ही केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय से मिलने जा रहा हूं और उनसे इस संबंध में चर्चा करूंगा। जनप्रतिनिधि लोगों के प्रति जवाबदेह होते हैं, इसलिए उनकी सहभागिता बेहद आवश्यक है।
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सवाल: प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद सबसे बड़ी चुनौती?
जवाब: सबसे बड़ी चुनौती अगले साल दिसंबर में होने वाले नगर निगम चुनाव है। पिछले नगर निगम चुनाव में भाजपा ने 22 सीटों में से 20 सीटों पर जीत हासिल की है। इस बार जीत के इस आंकड़े को बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौती है। हालांकि, कार्यकर्ताओं के सहयोग के साथ उम्मीद है कि अगले साल सीटों की संख्या और बढ़ेगी।
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सवाल: नीतिगत फैसलों में जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज किया जा रहा?
जवाब: शहर में अफसरशाही हावी है। यह सच है कि अधिकारियों की तरफ से लिए जाने वाले नीतिगत फैसलों में जनप्रतिनिधियों का अभाव रहता है, जबकि यह बहुत जरूरी है। जल्द ही केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय से मिलने जा रहा हूं और उनसे इस संबंध में चर्चा करूंगा। जनप्रतिनिधि लोगों के प्रति जवाबदेह होते हैं, इसलिए उनकी सहभागिता बेहद आवश्यक है।
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सवाल: पार्षद और प्रदेश अध्यक्ष, दोनों जिम्मेदारियों के बीच तालमेल कैसे बिठाएंगे?
जवाब: मेरे वार्ड के लोगों ने मुझे चुना है, इसलिए उनके प्रति मेरी जवाबदेही है। किसी जिम्मेदारी से भागने वाला नहीं हूं। वार्ड में मुझे अभी कई काम पूरे करने हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी बड़ी जिम्मेदारी मिली है, इसलिए दोनों को निभाऊंगा। पार्टी और लोगों की बेहतरी के लिए लगातार काम करता रहूंगा।
सवाल: साल 2021 में नगर निगम चुनाव लड़ेंगे?
जवाब: साल 2021 के नगर निगम चुनाव में अभी काफी समय है। समय आने पर इस बारे में फैसला लिया जाएगा।
सवाल: पार्टी की गुटबाजी को कैसे दूर करेंगे?
जवाब: पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। एक घर में बर्तन भी खड़कते हैं। अब सिर्फ एक गुट रहेगा और वह होगा भाजपा का गुट और कोई गुट नहीं। मुझे लगता है पार्टी के खिलाफ बगावत करना सबसे बड़ा जुर्म है। ऐसा काम जिसमें पार्टी का अहित हो, वह कभी नहीं करना चाहिए। लेकिन अगर किसी की फितरत में ही बगावत हो तो उसमें कुछ नहीं किया जा सकता है। पार्टी में अनुशासनहीनता स्वीकार्य नहीं है, पार्टी सभी के लिए मां के समान है।
जवाब: मेरे वार्ड के लोगों ने मुझे चुना है, इसलिए उनके प्रति मेरी जवाबदेही है। किसी जिम्मेदारी से भागने वाला नहीं हूं। वार्ड में मुझे अभी कई काम पूरे करने हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी बड़ी जिम्मेदारी मिली है, इसलिए दोनों को निभाऊंगा। पार्टी और लोगों की बेहतरी के लिए लगातार काम करता रहूंगा।
सवाल: साल 2021 में नगर निगम चुनाव लड़ेंगे?
जवाब: साल 2021 के नगर निगम चुनाव में अभी काफी समय है। समय आने पर इस बारे में फैसला लिया जाएगा।
सवाल: पार्टी की गुटबाजी को कैसे दूर करेंगे?
जवाब: पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। एक घर में बर्तन भी खड़कते हैं। अब सिर्फ एक गुट रहेगा और वह होगा भाजपा का गुट और कोई गुट नहीं। मुझे लगता है पार्टी के खिलाफ बगावत करना सबसे बड़ा जुर्म है। ऐसा काम जिसमें पार्टी का अहित हो, वह कभी नहीं करना चाहिए। लेकिन अगर किसी की फितरत में ही बगावत हो तो उसमें कुछ नहीं किया जा सकता है। पार्टी में अनुशासनहीनता स्वीकार्य नहीं है, पार्टी सभी के लिए मां के समान है।
सवाल: अरुण सूद की छवि एक जल्द गुस्सैल व्यक्ति की है, उसे कैसे दूर करेंगे?
जवाब: मैंने अपने भाषण में भी एक बात कही है कि अब तक जिसने भी अरुण सूद का जो भी रूप देखा हो, 17 जनवरी के बाद से सभी अब एक नया अरुण सूद देखेंगे। विद्यार्थी परिषद से होने की वजह से आक्रामक अंदाज है, लेकिन समय के साथ काफी परिवर्तन आए हैं। नगर निगम सदन बैठक में कई बार ऐसी बातें होती हैं, जिससे किसी को भी गुस्सा आ जाए। मेयर के पद पर रहते हुए काफी कुछ देखा और फिर उसे सहन भी किया है।
सवाल: प्रदेश अध्यक्ष की नई टीम का एलान कब तक?
जवाब: वर्तमान टीम में अभी कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। समय आने पर सदस्यों की योग्यता और पार्टी के लिए किए काम के तहत उन्हें जिम्मेदारी दी जाएगी। सभी पार्टी के लिए काम कर रहे हैं और सभी के ऊपर एक ही जिम्मेदारी है कि कैसे पार्टी को और ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके।
जवाब: मैंने अपने भाषण में भी एक बात कही है कि अब तक जिसने भी अरुण सूद का जो भी रूप देखा हो, 17 जनवरी के बाद से सभी अब एक नया अरुण सूद देखेंगे। विद्यार्थी परिषद से होने की वजह से आक्रामक अंदाज है, लेकिन समय के साथ काफी परिवर्तन आए हैं। नगर निगम सदन बैठक में कई बार ऐसी बातें होती हैं, जिससे किसी को भी गुस्सा आ जाए। मेयर के पद पर रहते हुए काफी कुछ देखा और फिर उसे सहन भी किया है।
सवाल: प्रदेश अध्यक्ष की नई टीम का एलान कब तक?
जवाब: वर्तमान टीम में अभी कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। समय आने पर सदस्यों की योग्यता और पार्टी के लिए किए काम के तहत उन्हें जिम्मेदारी दी जाएगी। सभी पार्टी के लिए काम कर रहे हैं और सभी के ऊपर एक ही जिम्मेदारी है कि कैसे पार्टी को और ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके।