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दिवाली बीती, पर धुआं बाकी: नहीं सुधर रहा चंडीगढ़ का एक्यूआई, दो दिन जोरदार आतिशबाजी से बढ़ा प्रदूषण का स्तर
Thu, 23 Oct 2025 09:04 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 23 Oct 2025 09:04 AM IST
सार
चंडीगढ़ प्रशासन ने दिवाली पर सोमवार को दो घंटे पटाखे जलाने की परमिशन दी थी, लेकिन कई घरों में मंगलवार को दिवाली मनाई गई। जिसके चलते दो दिन जमकर आतिशबाजी हुई।
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चंडीगढ़ में प्रदूषण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिवाली के दो दिन बाद भी चंडीगढ़ की हवा में प्रदूषण का असर बना हुआ है। बुधवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) पूरे दिन सामान्य से ज्यादा रहा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़े बताते हैं कि शहर के तीनों एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन सेक्टर-25, 22 और 53 पर प्रदूषण का स्तर ‘मॉडरेट से पूअर’ श्रेणी में दर्ज हुआ।
सेक्टर-22 का एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन शहर के मध्य में स्थित है और इसी से चंडीगढ़ की औसत वायु गुणवत्ता का अंदाजा लगाया जाता है। बुधवार को यहां एक्यूआई लगातार बढ़ता गया। सुबह 10.30 बजे यह 186 था, जो शाम 7.30 बजे तक बढ़कर 204 तक पहुंच गया। एक्यूआई का यह स्तर खराब श्रेणी में आता है।
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सेक्टर 25 में सुबह 163 का एक्यूआई शाम तक 175 तक पहुंचा, जबकि सेक्टर 53 में भी हवा की गुणवत्ता खराब होती गई। सुबह 153 से बढ़कर एक्यूआई 157 तक पहुंच गया। आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि दिवाली के दो दिन बाद भी तीनों इलाकों में हवा की स्थिति सामान्य नहीं रही। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार यह बढ़ा हुआ स्तर दिवाली के बाद भी हुई आतिशबाजी का परिणाम है।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़े बताते हैं कि शहर के तीनों एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन सेक्टर-25, 22 और 53 पर प्रदूषण का स्तर ‘मॉडरेट से पूअर’ श्रेणी में दर्ज हुआ।
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सेक्टर-22 का एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन शहर के मध्य में स्थित है और इसी से चंडीगढ़ की औसत वायु गुणवत्ता का अंदाजा लगाया जाता है। बुधवार को यहां एक्यूआई लगातार बढ़ता गया। सुबह 10.30 बजे यह 186 था, जो शाम 7.30 बजे तक बढ़कर 204 तक पहुंच गया। एक्यूआई का यह स्तर खराब श्रेणी में आता है।
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सेक्टर 25 में सुबह 163 का एक्यूआई शाम तक 175 तक पहुंचा, जबकि सेक्टर 53 में भी हवा की गुणवत्ता खराब होती गई। सुबह 153 से बढ़कर एक्यूआई 157 तक पहुंच गया। आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि दिवाली के दो दिन बाद भी तीनों इलाकों में हवा की स्थिति सामान्य नहीं रही। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार यह बढ़ा हुआ स्तर दिवाली के बाद भी हुई आतिशबाजी का परिणाम है।
दो दिन की आतिशबाजी ने स्थिति की खराब
यूटी प्रशासन ने सोमवार को रात 8 बजे से 10 बजे के बीच ही पटाखे जलाने की अनुमति दी थी लेकिन लोगों ने दिवाली की रात भी देर रात तक पटाखे जलाए और अगले दिन भी बिना मंजूरी देर रात तक आतिशबाजी की। ऐसा इसलिए, क्योंकि पंजाब और हरियाणा के कई इलाकों में मंगलवार को भी दिवाली मनाई गई। हालांकि प्रशासन ने इस दिन पटाखे फोड़ने की इजाजत नहीं दी थी। पटाखे फोड़ने पर कार्रवाई की बात कही थी लेकिन हैरानी की बात है कि देर रात तक खूब पटाखे चले लेकिन पुलिस को कोई पटाखे जलाता हुआ नहीं मिला। इस वजह से पूरे शहर में एक व्यक्ति पर भी कार्रवाई नहीं हो सकी।हवा में घुले सूक्ष्म कण
पर्यावरण विशेषज्ञों ने बताया कि दो दिन हुई आतिशबाजी की वजह से हवा में सूक्ष्म कण जैसे पीएम2.5 और पीएम10 घुल गए, जो अगले दिन तक वातावरण में बने रहे। बुधवार को सुबह और दिन में हवा की गति धीमी रहने के कारण प्रदूषक तत्व ऊपर नहीं जा सके और जमीन के करीब की परतों में जमा हो गए। इसी वजह से दिनभर प्रदूषण का स्तर सामान्य से ज्यादा बना रहा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसे में खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।बुधवार को चंडीगढ़ में एक्यूआई
समय सेक्टर-25 सेक्टर-22 सेक्टर-53सुबह 10.30 बजे 163 186 153
12.30 बजे 154 187 165
शाम 4.30 बजे 172 196 155
6.30 बजे 173 199 154
7.30 बजे 175 204 157
(सोर्स - सीपीसीबी)