क्या विदा होंगे चंडीगढ़ प्रशासक शिवराज पाटिल?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र में मोदी सरकार तय होते ही स्थानीय भाजपा नेता चंडीगढ़ के प्रशासक शिवराज पाटिल को हटाने के लिए दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
वैसे पाटिल का कार्यकाल अगले साल 22 जनवरी को खत्म होना है मगर भाजपा नेता चाहते हैं कि उन्हें जल्द ही या तो खुद पद छोड़ देना चाहिए या उन्हें बदल दिया जाए।
जल्द मिल जाएगा नया प्रशासक
भाजपा के नेताओं के अनुसार अगर नई सरकार नए राज्यपालों की नियुक्ति करने की सिफारिश करती है तो उम्मीद है कि चंडीगढ़ को भी जल्द ही नया प्रशासक और पंजाब को नया राज्यपाल मिल जाएगा।
लोकसभा के पूर्व स्पीकर और पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने 22 जनवरी 2010 को पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक का पद संभाला था। पाटिल के कांग्रेस से संबंधित होने के कारण ही यह चर्चा तेज हो गई है कि पाटिल अपना कार्यकाल पूरा न कर पाएं।
अगला प्रशासक कौन
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि शहर का अगला प्रशासक कौन होगा? भाजपा के कई दिग्गज नेताओं के नामों पर कयास लगाया ज रहा है।
साथ ही यह भी कयास लगाया जा रहा है कि चंडीगढ़ से किस-किस भाजपा नेता को किस राज्य का राज्यपाल बनाया जा सकता है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता सत्यपाल जैन और हरमोहन धवन में से किसी एक को राज्यपाल बनाए जाने की चर्चा है। जून के तीसरे सप्ताह तक नए राज्यपालों की नियुक्ति होने की उम्मीद है।
कई अफसर भी बदलेंगे
यूटी प्रशासन में भी नए अधिकारियों की नियुक्ति होनी है। प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा का कार्यकाल पूरा हो चुका है। यूटी कैडर के वर्ष 1987 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विजय कुमार देव का नाम चंडीगढ़ के अगले प्रशासक के सलाहकार के लिए तय हो चुका था।
लेकिन, चुनाव आचार संहिता के कारण उनकी नियुक्ति रुक गई। अब केंद्र में सरकार बदलने के बाद उम्मीद है कि सभी मंत्रालयों में अधिकारियों में भी बदलाव होगा।
ऐसे में प्रशासक के सलाहकार का पद देव को ही मिलेगा या किसी और अधिकारी को यह अभी स्पष्ट नहीं है। प्रशासक के सलाहकार के साथ साथ यूटी में कई और अधिकारियों की भी नियुक्ति होनी है।