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पार्किंग की समस्या पर सलाहकार ने बुलाई बैठक, नीति को जमीन पर लागू कराने के लिए टीम गठित
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चंडीगढ़। शहर में पार्किंग की गंभीर होती स्थिति पर प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने वीरवार को समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने वर्ष 2020 की पार्किंग नीति को लागू करने के लिए एक टीम का गठन कर दिया और कहा कि इसकी शुरुआत सेक्टर-35, 22 और 15 से होगी। टीम देखेगी कि इस नीति को लागू करने में कौन-कौन सी समस्याएं आ रही हैं।
बता दें कि अमर उजाला ने बीते दिनों शहर में पार्किंग की समस्या को प्रमुखता से उठाया। आंकड़ों के साथ बताया कि हर तीन मिनट में शहर की सड़कों पर एक नई गाड़ी उतर रही है। साथ ही खबरों के माध्यम से पार्किंग नीति को लागू नहीं करने पर भी सवाल उठाए। इसके बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया।
बैठक में सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि शहर में प्रति व्यक्ति गाड़ियों की संख्या देश में सबसे ज्यादा है। इस वजह से शहरवासियों को आवासीय, व्यावसायिक व औद्योगिक इलाकों में पार्किंग की गंभीर समस्या झेलनी पड़ रही है। इसको देखते हुए ही प्रशासन ने वर्ष 2020 में एक पार्किंग नीति बनाई थी। इसका उद्देश्य था कि शहर में पार्किंग की समस्या को दूर किया जा सके। सलाहकार ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह यह देखें कि इस नीति को शहर में कैसे लागू किया जा सकता है।
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पार्किंग की समस्या को दूर कर सकता है कम्युनिटी पार्किंग
बैठक में कम्युनिटी पार्किंग पर भी चर्चा की गई। कहा गया कि शहर में पार्किंग की समस्या को दूर करने में कम्युनिटी पार्किंग एक अच्छा रोल निभा सकता है। कहा गया कि शहर के स्कूल, इंस्टीट्यूशन व अन्य जहां भी खाली जगह मौजूद हैं, नॉन वर्किंग ऑवर में उसका इस्तेमाल पार्किंग के लिए किया जा सकता है। अन्य अधिकारियों ने भी इस सुझाव पर जल्द काम शुरू करने की बात कही। सलाहकार ने कहा कि कारखानों, उद्योगों, संस्थानों को ये सुनिश्चित करना होगा, कि वे अपने कर्मचारियों की गाड़ियों को खड़ी करने की व्यवस्था खुद करें।
अब स्मार्ट पार्किंग पर जोर देगा प्रशासन
सलाहकार धर्मपाल ने नगर निगम की आयुक्त आनिंदिता मित्रा को निर्देश दिए कि वो भीड़भाड़ वाले पार्किंग स्थलों के डिजिटलीकरण के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) बनाएं। कहा कि पार्किंग को डिजिटाइज करने करने के बाद लोग आसानी से अपनी कार पार्क करने, स्लॉट बुक करने और भुगतान कर सकेंगे। उन्हें लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। सलाहकार ने कहा कि प्रशासन लोगों के लिए स्मार्ट पार्किंग समाधान लागू करने को प्राथमिकता देगा। बैठक में सलाहकार धर्मपाल के अलावा गृह सचिव नितिन कुमार यादव, नगर निगम की आयुक्त आनिंदिता मित्रा, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सीईओ यशपाल गर्ग, एसपी ट्रैफिक मनीषा चौधरी व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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बता दें कि अमर उजाला ने बीते दिनों शहर में पार्किंग की समस्या को प्रमुखता से उठाया। आंकड़ों के साथ बताया कि हर तीन मिनट में शहर की सड़कों पर एक नई गाड़ी उतर रही है। साथ ही खबरों के माध्यम से पार्किंग नीति को लागू नहीं करने पर भी सवाल उठाए। इसके बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया।
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बैठक में सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि शहर में प्रति व्यक्ति गाड़ियों की संख्या देश में सबसे ज्यादा है। इस वजह से शहरवासियों को आवासीय, व्यावसायिक व औद्योगिक इलाकों में पार्किंग की गंभीर समस्या झेलनी पड़ रही है। इसको देखते हुए ही प्रशासन ने वर्ष 2020 में एक पार्किंग नीति बनाई थी। इसका उद्देश्य था कि शहर में पार्किंग की समस्या को दूर किया जा सके। सलाहकार ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह यह देखें कि इस नीति को शहर में कैसे लागू किया जा सकता है।
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पार्किंग की समस्या को दूर कर सकता है कम्युनिटी पार्किंग
बैठक में कम्युनिटी पार्किंग पर भी चर्चा की गई। कहा गया कि शहर में पार्किंग की समस्या को दूर करने में कम्युनिटी पार्किंग एक अच्छा रोल निभा सकता है। कहा गया कि शहर के स्कूल, इंस्टीट्यूशन व अन्य जहां भी खाली जगह मौजूद हैं, नॉन वर्किंग ऑवर में उसका इस्तेमाल पार्किंग के लिए किया जा सकता है। अन्य अधिकारियों ने भी इस सुझाव पर जल्द काम शुरू करने की बात कही। सलाहकार ने कहा कि कारखानों, उद्योगों, संस्थानों को ये सुनिश्चित करना होगा, कि वे अपने कर्मचारियों की गाड़ियों को खड़ी करने की व्यवस्था खुद करें।
अब स्मार्ट पार्किंग पर जोर देगा प्रशासन
सलाहकार धर्मपाल ने नगर निगम की आयुक्त आनिंदिता मित्रा को निर्देश दिए कि वो भीड़भाड़ वाले पार्किंग स्थलों के डिजिटलीकरण के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) बनाएं। कहा कि पार्किंग को डिजिटाइज करने करने के बाद लोग आसानी से अपनी कार पार्क करने, स्लॉट बुक करने और भुगतान कर सकेंगे। उन्हें लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। सलाहकार ने कहा कि प्रशासन लोगों के लिए स्मार्ट पार्किंग समाधान लागू करने को प्राथमिकता देगा। बैठक में सलाहकार धर्मपाल के अलावा गृह सचिव नितिन कुमार यादव, नगर निगम की आयुक्त आनिंदिता मित्रा, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सीईओ यशपाल गर्ग, एसपी ट्रैफिक मनीषा चौधरी व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।