फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   chandigarh administration written letter to Home Ministry in allotment of 14.82 acres land to High Court

Highcourt: जमीन अलॉटमेंट मामले में देरी पर हाईकोर्ट नाराज, कहा-रोज आते हैं 10 हजार लोग, आनाकानी क्यों

Thu, 25 Jan 2024 11:59 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 25 Jan 2024 11:59 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने कहा कि यह समझ से बाहर है कि जहां नाममात्र के लोग जाते हैं, वहां बेहिसाब भूमि दे दी गई है और हाईकोर्ट में जहां रोजाना 10 हजार लोग आते हैं, वहां के लिए भूमि अलॉटमेंट को लेकर आनाकानी की जा रही है। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के वकील को आदेश दिया है कि अगली सुनवाई पर भूमि अलॉटमेंट को लेकर स्थिति हर हाल में स्पष्ट की जाए।

विज्ञापन
chandigarh administration written letter to Home Ministry in allotment of 14.82 acres land to High Court
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को 14.82 एकड़ भूमि की अलॉटमेंट के आदेश के बाद यूटी प्रशासन ने इस मामले में गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर प्रोजेक्ट को 100 करोड़ से अधिक का बताया है। इसके साथ शहर में भूमि के अत्यधिक दाम होने के चलते केंद्र का दखल जरूरी बताया है। 

विज्ञापन


हाईकोर्ट में यूटी प्रशासन के इस पत्र को पेश किया गया, जिसके बाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को अगले सप्ताह तक पक्ष रखने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसे संस्थान भी मौजूद हैं, जहां अत्यधिक भूमि दी गई थी और आज ताले लगे हुए हैं। हाईकोर्ट में रोजाना 10 हजार लोग आते हैं तो यहां के लिए भूमि देने पर आनाकानी क्यों की जा रही है।
विज्ञापन


पिछली सुनवाई पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी और न्यायमूर्ति निधि गुप्ता की खंडपीठ ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट कर्मचारी संघ के सचिव विनोद धत्तरवाल और अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई करते हुए भूमि अलॉटमेंट को बेहद जरूरी बताया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इस मामले में याचिकाकर्ता ने कहा था कि हाईकोर्ट की मौजूदा इमारत/परिसर भार सहन करने में सक्षम नहीं है, क्योंकि हाईकोर्ट में लंबित पांच लाख से अधिक न्यायिक फाइलों को रखने के लिए मुश्किल से ही कोई जगह है। हाईकोर्ट ने प्रशासन को आदेश दिया था कि 14.89 एकड़ भूमि की अलॉटमेंट का लेटर 24 जनवरी को हाईकोर्ट में पेश किया जाए।


बुधवार को सुनवाई शुरू हुई तो प्रशासन ने बताया कि यह प्रोजेक्ट 100 करोड़ से अधिक का है। ऐसे में प्रशासन ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है। हाईकोर्ट में पत्र पेश किया गया तो पाया गया कि प्रशासन ने लिखा है कि उनके लिहाज से हाईकोर्ट को केवल 8.5 एकड़ भूमि की जरूरत है लेकिन 14.89 एकड़ भूमि अलॉट करने का आदेश दिया गया है और इसके लिए कोई जस्टिफिकेशन नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed