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बड़ा फैसलाः रिटायरमेंट की उम्र को लेकर पंजाब सर्विस रूल्स को ही फॉलो करेगा चंडीगढ़ प्रशासन
Sat, 07 Mar 2020 11:55 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 07 Mar 2020 11:55 AM IST
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आईएएस मनोज परिदा
- फोटो : फाइल फोटो
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यूटी प्रशासन पंजाब सर्विस रूल्स को ही फॉलो करेगा। शुक्रवार को यूटी सचिवालय में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। बैठक में प्रशासन के अधिकारियों ने विभिन्न मुद्दों के साथ सेंट्रल सर्विस रूल्स के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उधर, यूटी सबऑर्डिनेट सर्विस फेडरेशन ने प्रशासक को एक पत्र लिखकर पंजाब सर्विस रूल्स को ही फॉलो करने की मांग की है।
इन तीन प्रमुख पहलुओं पर हुई चर्चा
1. कुछ अधिकारी पंजाब सर्विस रूल्स को मानने के ही पक्ष में रहे।
2. यह भी चर्चा हुई कि प्रशासन पंजाब सर्विस रूल्स को ही माने, लेकिन रिटायरमेंट उम्र सेंट्रल सर्विस रूल्स के अनुसार तय हो।
3. यह तर्क भी दिया गया कि चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश है, ऐसे में सेंट्रल सर्विस रूल्स को ही मानना चाहिए।
बदनौर भी इसी पक्ष में
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रशासक वीपी सिंह बदनौर भी इसी पक्ष में हैं। हालांकि चंडीगढ़ ने संसद में पास होने के बाद पंजाब सर्विस रूल्स को अपनाया था। ऐसे में अगर यूटी के अधिकारी सेंट्रल सर्विस रूल्स को अपनाने का मन बनाते हैं तो यह काफी लंबी और मुश्किल भरी प्रक्रिया रहने वाली है।
पंजाब ने सर्विस रूल्स में किये हैं यह बदलाव
पंजाब सरकार ने रिटायरमेंट के बाद मुलाजिमों को दिए जाने वाले इच्छुक (ऑप्शनल) सेवा विस्तार की नीति को खत्म किया है। इस फैसले से ऐसे सभी मुलाजिम 31 मार्च 2020 को रिटायर हो जाएंगे जो इच्छुक सेवा विस्तार के दूसरे साल में हैं या फिर उनकी उम्र 59 या 61 साल की है। साथ ही जिन मुलाजिमों का इच्छुक सेवा विस्तार पहली अप्रैल 2020 से शुरू होने वाला था या फिर उनकी उम्र 58 या 60 साल की, वे भी 31 मार्च को रिटायर हो जाएंगे। साथ ही जिन मुलाजिमों का इच्छुक सेवा विस्तार कुछ अंतराल से शुरू होना था, वे सभी 30 सितंबर 2020 को सेवा मुक्त होंगे।
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आज यूटी सचिवालय में बैठक के दौरान इस पर चर्चा की गई है। हालांकि प्रशासन ने अभी तक कोई फैसला नही किया है। अभी सिर्फ चर्चाएं चल रही हैं।
- मनोज परिदा, एडवाइजर
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इन तीन प्रमुख पहलुओं पर हुई चर्चा
1. कुछ अधिकारी पंजाब सर्विस रूल्स को मानने के ही पक्ष में रहे।
2. यह भी चर्चा हुई कि प्रशासन पंजाब सर्विस रूल्स को ही माने, लेकिन रिटायरमेंट उम्र सेंट्रल सर्विस रूल्स के अनुसार तय हो।
3. यह तर्क भी दिया गया कि चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश है, ऐसे में सेंट्रल सर्विस रूल्स को ही मानना चाहिए।
बदनौर भी इसी पक्ष में
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रशासक वीपी सिंह बदनौर भी इसी पक्ष में हैं। हालांकि चंडीगढ़ ने संसद में पास होने के बाद पंजाब सर्विस रूल्स को अपनाया था। ऐसे में अगर यूटी के अधिकारी सेंट्रल सर्विस रूल्स को अपनाने का मन बनाते हैं तो यह काफी लंबी और मुश्किल भरी प्रक्रिया रहने वाली है।
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पंजाब ने सर्विस रूल्स में किये हैं यह बदलाव
पंजाब सरकार ने रिटायरमेंट के बाद मुलाजिमों को दिए जाने वाले इच्छुक (ऑप्शनल) सेवा विस्तार की नीति को खत्म किया है। इस फैसले से ऐसे सभी मुलाजिम 31 मार्च 2020 को रिटायर हो जाएंगे जो इच्छुक सेवा विस्तार के दूसरे साल में हैं या फिर उनकी उम्र 59 या 61 साल की है। साथ ही जिन मुलाजिमों का इच्छुक सेवा विस्तार पहली अप्रैल 2020 से शुरू होने वाला था या फिर उनकी उम्र 58 या 60 साल की, वे भी 31 मार्च को रिटायर हो जाएंगे। साथ ही जिन मुलाजिमों का इच्छुक सेवा विस्तार कुछ अंतराल से शुरू होना था, वे सभी 30 सितंबर 2020 को सेवा मुक्त होंगे।
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आज यूटी सचिवालय में बैठक के दौरान इस पर चर्चा की गई है। हालांकि प्रशासन ने अभी तक कोई फैसला नही किया है। अभी सिर्फ चर्चाएं चल रही हैं।
- मनोज परिदा, एडवाइजर