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चंडीगढ़: यूटी प्रशासन ने केंद्र सरकार को भेजा प्रस्ताव, बीपीएल कार्ड धारकों को मिले आयुष्मान योजना का लाभ

Tue, 24 Aug 2021 11:38 AM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 24 Aug 2021 11:38 AM IST
सार

आयुष्मान योजना में शहर के 17 निजी, 5 सरकारी अस्पतालों के साथ पीजीआई को सूचीबद्ध किया गया है। मरीजों के इलाज का खर्च सरकार वहन करती है। साल 2020-21 में मरीजों के इलाज पर अब तक 2 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।

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Chandigarh administration sent Proposal to Central Government that BPL Card Holders should get Benefit of Ayushman Yojana
आयुष्मान भारत योजना। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ में बीपीएल (गरीबी रेखा के नीचे) कार्ड बना होने के बावजूद बहुत से नागरिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना से वंचित हैं। सर्वे में नाम न आने के कारण वह योजना के पात्र नहीं बन पाए। दूसरी ओर, केंद्र की सूची में चंडीगढ़ के 45,604 परिवार ऐसे हैं, जो जमीनी स्तर पर मौजूद ही नहीं हैं। ऐसे में इन परिवारों की जगह सभी बीपीएल लाभार्थियों को आयुष्मान योजना का लाभ देने का प्रस्ताव चंडीगढ़ प्रशासन ने केंद्र सरकार को भेजा है।

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सिस्टम की इस खामी के चलते बीपीएल कार्ड धारकों का एक बड़ा तबका बेहतर इलाज कराने में अक्षम है। आर्थिक स्थिति बदतर होने के कारण इन परिवारों का कोई सदस्य यदि बीमार पड़ जाता है, तो इलाज मुश्किल हो जाता है। प्रशासन की तरफ से बताया गया कि केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ के 69,282 लाभार्थियों की सूची भेजी। प्रशासन ने जब इन तक पहुंचने की कोशिश की तो 45,604 परिवार मिले ही नहीं। 
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गृह व स्वास्थ्य सचिव अरुण गुप्ता ने बताया कि इनमें से कई के सिर्फ सीरियल नंबर लिखे थे, उसके आगे नाम, पता आदि कुछ नहीं था। कुछ ऐसे थे जिनका पता गलत था, इससे उनकी पहचान नहीं हो पाई। सूची ठीक कराई तो लाभार्थी परिवारों की संख्या 23,678 तक पहुंच गई। इसलिए प्रशासन की कोशिश है कि बीपीएल कार्डधारकों को आयुष्मान योजना से जोड़ा जाए। गुप्ता ने बताया कि इस योजना के नियम पूरे देश के लिए एक हैं। इसलिए संभव है कि उनके प्रस्ताव पर फैसला पूरे देश या फिर सभी केंद्र शासित प्रदेशों पर लागू हो जाए।
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पीजीआई, 17 निजी और 5 सरकारी अस्पतालों का किया गया चयन
आयुष्मान योजना में शहर के 17 निजी, 5 सरकारी अस्पतालों के साथ पीजीआई को सूचीबद्ध किया गया है। मरीजों के इलाज का खर्च सरकार वहन करती है। साल 2020-21 में मरीजों के इलाज पर अब तक 2 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। मार्च 2020 से मार्च 2021 तक करीब 4600 लाभार्थियों ने योजना का लाभ लिया है। उनमें ज्यादातर डायलिसिस के मरीज थे। इसके अलावा स्त्री रोग, हृदय रोग, ट्रॉमा, ऑपरेशन और इमरजेंसी के मरीजों का इलाज किया गया है। गौरतलब है कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को की गई थी। योजना के तहत लाभार्थी को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

आयुष्मान योजना की सूची में अधिकतर परिवार जमीनी सर्वे में नहीं मिले। प्रशासन अपने स्तर पर सूची में संशोधन नहीं कर सकता। सभी बीपीएल कार्ड धारकों को इस योजना का लाभ मिलना चाहिए। इसलिए इन सभी को सूची में शामिल करने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया है। केंद्रीय स्तर पर ये मामला अब विचाराधीन है। - अरुण कुमार गुप्ता, गृह व स्वास्थ्य सचिव, यूटी प्रशासन

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