ऐसा मतदान केंद्र जहां बूथ दस और वोटर एक भी नहीं
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चंडीगढ़ में मतदान केंद्रों की संख्या अब 490 से बढ़कर 500 हो गई है। लेकिन शहर के लगभग दस मतदान केंद्र ऐसे हो सकते हैं जहां एक भी मतदाता वोट डालने न जाए। दरअसल चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से कालोनी नंबर पांच को खाली करा लिया गया है और यहां रहने वाले लोगों को धनास में पुनर्वास योजना के तहत बने फ्लैटों में स्थानांतरित किया गया है। कालोनी नंबर पांच के मतदाताओं के लिए जो मतदान केंद्र थे, उसे खत्म नहीं किया जा रहा है। हालांकि, इन मतदाताओं की सुविधा के लिए धनास में दस नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं। ऐसे में कालोनी नंबर पांच के लोगों के लिए जो मतदान केंद्र पहले थे वहां शायद एक भी मतदाता नहीं जाए। लेकिन, मतदान केंद्र फिर भी रहेगा।
चुनाव आयोग मतदान केंद्र कम करने के लिए राजी नहीं
यूटी प्रशासन ने चुनाव आयोग से धनास में नए मतदान केंद्र बनाने और दस मतदान केंद्रों को खत्म करने की मंजूरी मांगी थी। लेकिन, चुनाव आयोग ने मतदान केंद्र बढ़ाने की मंजूरी तो दे दी, लेकिन मतदान केंद्र कम करने के लिए राजी नहीं हुआ। ऐसे में धनास में 10 नए मतदान केंद्र बनेंगे। जबकि, कालोनी नंबर पांच के मतदाताओं के लिए सेक्टर-44 स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल और सेक्टर-45 के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बने 10 बूथ भी पहले की तरह बरकरार रहेंगे। सेंट जेवियर्स स्कूल में कालोनी के लोगों के लिए चार बूथ (340, 341, 342, 343) हैं, जबकि सेक्टर-45 के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में छह बूथ (330 से 335) हैं।
पिछले लोकसभा चुनाव के मुकाबले बढ़े 78 केंद्र
पिछले लोक सभा चुनाव के मुकाबले में इस बार 78 मतदान केंद्र बढ़ गए हैं। यूटी प्रशासन के अनुसार इस बार चंडीगढ़ में 500 मतदान केंद्र होंगे जबकि 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में चंडीगढ़ में 422 मतदान केंद्र थे। इससे पहले 2011 में हुए नगर निगम चुनाव में शहर में 452 मतदान केंद्र बनाए गए थे। शहर में पांच सालों में जहां 78 मतदान केंद्र बढ़े हैं, वहीं मतदाताओं की संख्या पांच सालों में 58 हजार ही बढ़ी है। कई मतदान केंद्रों में मतदाताओं की संख्या काफी बढ़ी है तो कुछ में कम हुई है।