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अद्भुत बदलावः सुखना लेक के आईलैंड पर बनेगा रिवाल्विंग व्यू प्वाइंट ग्लास व म्यूजिकल फाउंटेन
Sat, 15 Feb 2020 11:27 AM IST
खुशबू गोयल
रिशु राज सिंह, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 15 Feb 2020 11:27 AM IST
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सुखना लेक
- फोटो : फाइल फोटो
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चंडीगढ़ में टूरिज्म को प्रमोट करने के लिए यूटी प्रशासन कई बड़े कदम उठाने जा रहा है। प्रशासन का खास ध्यान सुखना लेक और सारंगपुर स्थित बोटेनिकल गार्डन पर है। प्रशासन सुखना लेक के आईलैंड पर रिवाल्विंग व्यू प्वाइंट ग्लास बनाने पर विचार कर रहा है। इसे लेकर शुक्रवार को यूटी सचिवालय में प्रजेंटेशन भी दी गई है।
सुखना लेक पर म्यूजिकल फाउंटेन भी बनेगा, हालांकि प्रशासन इसके लिए अभी जगह तय नहीं कर पाया है। यूटी प्रशासन सारंगपुर स्थित बोटेनिकल गार्डन में टॉय ट्रेन चलाने पर विचार कर रहा है। पर्यावरण विभाग की तरफ से टॉय ट्रेन चलाने के लिए हरी झंडी भी दे दी गई है।
इस बारे में मुख्य वन संरक्षक देबेंद्र दलाई ने कहा कि सारंगपुर के बोटेनिकल गार्डन को लोकप्रिय बनाने के लिए टॉय ट्रेन का प्रस्ताव लाया गया है। यह बैटरी से चलने वाली छोटी गाड़ियां होंगी, जो कि बिल्कुल भी पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाएंगी।
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टॉय ट्रेन चलाने के पीछे का कारण उन्होंने बताया कि सारंगपुर का बोटेनिकल गार्डन क्षेत्र में काफी बड़ा है। पूरा गार्डन घूमने में काफी समय लग जाता है। ज्यादातर लोग गार्डन का एक हिस्सा ही घूम पाते हैं। गार्डन के अंदर बस नहीं चलाई जा सकती, इसलिए टॉय ट्रेन चलाने का प्रस्ताव है।
एडवाइजर मनोज परिदा ने ट्रायल के लिए कंपनी स्पांसर्ड गाड़ियां लाकर चलाने की बात कही है। बोटेनिकल गार्डन के कुछ हिस्सों का प्रशासन सही से इस्तेमाल नहीं कर पा रहा है, इसलिए प्रशासन एडवेंचर पार्क बनाने पर विचार कर रहा है।
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सुखना लेक पर म्यूजिकल फाउंटेन भी बनेगा, हालांकि प्रशासन इसके लिए अभी जगह तय नहीं कर पाया है। यूटी प्रशासन सारंगपुर स्थित बोटेनिकल गार्डन में टॉय ट्रेन चलाने पर विचार कर रहा है। पर्यावरण विभाग की तरफ से टॉय ट्रेन चलाने के लिए हरी झंडी भी दे दी गई है।
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इस बारे में मुख्य वन संरक्षक देबेंद्र दलाई ने कहा कि सारंगपुर के बोटेनिकल गार्डन को लोकप्रिय बनाने के लिए टॉय ट्रेन का प्रस्ताव लाया गया है। यह बैटरी से चलने वाली छोटी गाड़ियां होंगी, जो कि बिल्कुल भी पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाएंगी।
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टॉय ट्रेन चलाने के पीछे का कारण उन्होंने बताया कि सारंगपुर का बोटेनिकल गार्डन क्षेत्र में काफी बड़ा है। पूरा गार्डन घूमने में काफी समय लग जाता है। ज्यादातर लोग गार्डन का एक हिस्सा ही घूम पाते हैं। गार्डन के अंदर बस नहीं चलाई जा सकती, इसलिए टॉय ट्रेन चलाने का प्रस्ताव है।
एडवाइजर मनोज परिदा ने ट्रायल के लिए कंपनी स्पांसर्ड गाड़ियां लाकर चलाने की बात कही है। बोटेनिकल गार्डन के कुछ हिस्सों का प्रशासन सही से इस्तेमाल नहीं कर पा रहा है, इसलिए प्रशासन एडवेंचर पार्क बनाने पर विचार कर रहा है।
सेक्टर-17 प्लाजा की तर्ज पर बनेगा म्यूजिकल फाउंटेन
एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा कि सुखना लेक पर म्यूजिकल फाउंटेन बनाने का प्रस्ताव सेक्टर-17 के प्लाजा में चल रहे फाउंटेन के आधार पर होगा। हालांकि, साइलेंस जोन होने की वजह से सुखना पर म्यूजिक तय मानकों के अनुसार ही होगा। इसके अलावा उन्होंने बताया कि रिवाल्विंग व्यू प्वाइंट ग्लास में खड़े होकर टूरिस्ट और शहरवासी सुखना लेक का आनंद उठा सकेंगे। कहा कि शहर में टूरिज्म को प्रमोट करने में यह प्वाइंट काफी लोकप्रिय साबित होगा।
सुखना के आईलैंड पर पहले था वॉच टावर, लग गई थी आग
सुखना लेक के आईलैंड पर पहले एक वॉच टावर था। जूनियर एशियन रोइंग चैंपियनशिप के समय 1980 के दशक में लेक के आईलैंड पर टॉवर स्थापित किया गया था। पूरा टावर स्टील से बना था और फर्श लकड़ी का था, जिसमें 7 अक्तूबर 2009 को आग लग गई थी। आग लगने के बाद वॉच टावर को गिरा दिया गया था। यह आग टावर के अंदर हुई शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी।
सुखना के आईलैंड पर पहले था वॉच टावर, लग गई थी आग
सुखना लेक के आईलैंड पर पहले एक वॉच टावर था। जूनियर एशियन रोइंग चैंपियनशिप के समय 1980 के दशक में लेक के आईलैंड पर टॉवर स्थापित किया गया था। पूरा टावर स्टील से बना था और फर्श लकड़ी का था, जिसमें 7 अक्तूबर 2009 को आग लग गई थी। आग लगने के बाद वॉच टावर को गिरा दिया गया था। यह आग टावर के अंदर हुई शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी।