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चंडीगढ़ की सड़कों पर मनमर्जी ने नहीं दौड़ पाएंगी ई-रिक्शा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 03 Jan 2016 09:33 PM IST
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चंडीगढ़ की सड़कों पर बेरोक-टोक दौड़ रही ई-रिक्शा मनमर्जी से नहीं चल सकेंगी। इसके लिए प्रशासन नई पॉलिसी बना रहा है। इसमें ई-रिक्शा चलने के लिए रोड निर्धारित किए जाएंगे। पूरा रूट प्लान बनेगा। बताया जा रहा है कि सभी मुख्य मार्गों पर ई-रिक्शा को चलाने की इजाजत नहीं होगी।
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यह सिर्फ लिंक रोड और रिहायशी इलाकों में ही चलेंगी। प्रशासन की योजना है कि सवारियों को बस क्यू शेल्टर से घर पहुंचाने का काम ई-रिक्शा करे। हादसों से बचने के लिए प्रशासन ऐसी पॉलिसी बना रहा है। इसके लिए दिल्ली की पॉलिसी का अध्ययन किया गया है। अभी शहर की हर सड़क पर ई-रिक्शा चल रही है।
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आईएसबीटी-17, 43, सुखना लेक, रॉक गार्डन जैसे प्रमुख स्थानों पर ई-रिक्शा मिल जाएंगे। पिछले कुछ दिनों में इनकी संख्या काफी बढ़ गई है। खासकर सुखना-रॉक गार्डन से आईएसबीटी-17 के लिए 20 से अधिक ई-रिक्शा चल रहे हैं। जो सुविधानुसार कोई भी मार्ग पकड़ लेते हैं।
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वैट मुक्त होते ही बढ़ेंगी ई-रिक्शा
पर्यावरण की सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन बैटरी चलित वाहनों को वैट फ्री करने जा रहा है। 15 जनवरी के बाद ऐसे सभी वाहन वैट मुक्त होंगे। रोड टैक्स को भी छह प्रतिशत से घटाकर तीन प्रतिशत कर दिया गया है।
ई-रिक्शा भी बैटरी से ही चलता है। ऐसे में टैक्स मुक्त होने के बाद इनकी संख्या अचानक बढ़ने के आसार हैं। यातायात प्रभावित होने की संभावना को भांपते हुए प्रशासन ई-रिक्शा के लिए रूट पॉलिसी बनाएगा।
15 जनवरी के बाद डीजल ऑटो होंगे कम
15 जनवरी तक राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) में 20 मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर और 40 सुरक्षाकर्मी कार्यभार संभाल लेंगे। इसके बाद शहर के सभी प्रवेश मार्गों पर नाके लगाए जाएंगे। यह स्टाफ अवैध डीजल ऑटो को शहर में प्रवेश करने से रोकेगा। डीजल ऑटो के रुकने से भी ई-रिक्शा तेजी से पनपेगा।