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चंडीगढ़ प्रशासन का बड़ा फैसला, पटाखों की खरीद-बिक्री और जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध

Fri, 06 Nov 2020 05:31 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 06 Nov 2020 05:31 PM IST
सार

  • प्रशासन ने जारी किए आदेश- दिवाली पर पटाखे जलाए तो जाना पड़ सकता है जेल
  • ईको-फ्रेंडली पटाखों पर भी प्रतिबंध, कोरोना के संक्रमण को देखते हुए लिया फैसला

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Chandigarh administration impose ban on firecrackers
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ में दिवाली पर पटाखे जलाने पर जेल जाना पड़ सकता है। चंडीगढ़ प्रशासन ने किसी भी तरह के पटाखे जलाने और बेचने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में शुक्रवार को प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा की ओर से आदेश जारी किए गए। प्रशासक के सलाहकार ने यह प्रतिबंध कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत लगाया है। 

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प्रशासन ने अपने आदेश में कहा है कि शहर में कोरोना वायरस के कई मामले अभी भी सक्रिय हैं। दिवाली पर अगर शहरवासी पटाखे जलाएंगे तो इससे पैदा हुआ प्रदूषण कोरोना के संक्रमण को फैलाने का कारक बनेगा। इस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए ही इस साल किसी भी तरह के पटाखे को बेचने और जलाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है।
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प्रशासन का यह आदेश तत्काल रूप से लागू हो गया है और अगले आदेश तक यह प्रभावी रहेगा। आदेश के अनुसार शहरवासी इस बार ईको-फ्रेंडली पटाखे भी नहीं जला पाएंगे। ऐसे पटाखों की बिक्री और जलाने पर भी कार्रवाई की जाएगी। 
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सोमवार को प्रशासक ने किया आगाह, मंगलवार को एडवाइजरी जारी 
प्रशासन ने सोमवार से ही पटाखों पर प्रतिबंध लगाने का विचार शुरू कर दिया था। सोमवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने शहरवासियों से आग्रह किया कि वह इस बार पटाखे न जलाएं। लोगों को दिवाली के मौके पर घर में ही रहने की सलाह दी गई थी। मंगलवार को चंडीगढ़ प्रशासन ने एक स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी करते हुए विभिन्न तथ्यों का हवाला देकर लोगों को पटाखे नहीं जलाने का सुझाव दिया।

प्रशासन ने कहा कि शहर में कोरोना वायरस के मामले खत्म नहीं हुए हैं। कई लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। विभिन्न संस्थाओं ने भी आगाह किया है कि इस बार अगर दिवाली पर पटाखे जलाए गए तो उससे होने वाला प्रदूषण कोरोना के मरीजों को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। स्वास्थ्य एडवाइजरी में कहा गया है कि पटाखों का प्रदूषण कोरोना से ठीक हो चुके लोगों के लिए बेहद हानिकारक है। 

बुधवार को एनजीटी ने जारी किया था चंडीगढ़ को नोटिस
पटाखों पर प्रतिबंध लगाने के लिए बुधवार को एनजीटी ने चंडीगढ़ को नोटिस जारी कर दिया। विभिन्न समूहों की ओर से दायर याचिकाओं में 30 नवंबर तक पटाखों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। एनजीटी ने इससे जुड़े मामलों की सुनवाई का दायरा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से बढ़ा दिया और चंडीगढ़ समेत कई राज्यों को नोटिस जारी किया। 

पीठ ने कहा कि सभी संबंधित राज्य व यूटी, जहां वायु गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है, वे ओडिशा और राजस्थान की तरह पटाखों की खरीद और बिक्री पर कदम उठाने पर विचार कर सकते हैं। इसके बाद गुरुवार को दिल्ली समेत कई राज्यों ने पटाखों की बिक्री और जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया। दिल्ली के फैसले को देखते हुए शुक्रवार को चंडीगढ़ ने भी प्रतिबंध लगाने का फैसला ले लिया। 

आदेश नहीं माना और जलाए पटाखे तो क्या मिल सकती है सजा
आईपीसी की धारा 188 के तहत सजा के दो प्रावधान हैं। पहला -अगर आप सरकार या किसी सरकारी अधिकारी की ओर से कानूनी रूप से दिए गए आदेश का उल्लंघन करते हैं, या आपकी किसी हरकत से कानून व्यवस्था में लगे शख्स को नुकसान पहुंचता है तो आपको कम से कम एक महीने की जेल या 200 रुपये जुर्माना या दोनों की सजा दी जा सकती है। 

वहीं, दूसरा अगर आपके द्वारा सरकार के आदेश का उल्लंघन किए जाने से मानव जीवन, स्वास्थ्य या सुरक्षा आदि को खतरा होता है तो आपको कम से कम छह महीने की जेल या 1000 रुपये जुर्माना या दोनों की सजा दी जा सकती है। वहीं, आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 51 से 60 के तहत भी अधिकतम दो वर्ष की सजा, जुर्माना या फिर दोनों लगाए जा सकते हैं।

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