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Chandigarh: उत्तराखंड के साथ होगा रेसिप्रोकल एग्रीमेंट, सीटीयू 4666 किमी तो उत्तराखंड 2052 किमी चलाएगा बस
Sat, 03 Feb 2024 05:01 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 03 Feb 2024 05:01 PM IST
सार
यूटी प्रशासन ने आखिरी बार वर्ष 2008 में पंजाब के साथ रेसिप्रोकल एग्रीमेंट किया था। उसके बाद अब उत्तराखंड सरकार के साथ समझौता किया जा रहा है। चंडीगढ़ के आईएसबीटी-17 और आईएसबीटी-43 से हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर, दिल्ली, पंजाब के लिए बसें चलती है।
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सीटीयू बस
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
चंडीगढ़ यूटी प्रशासन पहली बार उत्तराखंड सरकार के साथ रेसिप्रोकल एग्रीमेंट करने जा रहा है। प्रशासन ने समझौते का मसौदा तैयार कर लिया है और शहर की जनता से इस पर सुझाव व आपत्तियां मांगी हैं।
मसौदे के अनुसार उत्तराखंड में सीटीयू 4666 किमी तो उत्तराखंड, चंडीगढ़ में 2052 किमी चलाएगा। वर्तमान में आपसी समझौते के आधार पर बसें चल रही हैं। इसके साथ ही प्रशासन पहली बार हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल, यूपी, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली सरकार के साथ भी रेसिप्रोकल एग्रीमेंट करने की कोशिश कर रहा है और पत्र भेजे गए हैं।
मसौदे की कॉपी परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट chdctu.gov.in पर समीक्षा के लिए उपलब्ध है। शहरवासी 30 दिन के अंदर सेक्टर 9 स्थित चंडीगढ़ सचिवालय की दूसरी मंजिल पर मौजूद परिवहन सचिव के दफ्तर में जाकर अपने सुझाव व आपत्तियां जमा कर सकते हैं या hs-chd@nic.in पर इमेल भी कर सकते हैं।
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यूटी प्रशासन ने आखिरी बार वर्ष 2008 में पंजाब के साथ रेसिप्रोकल एग्रीमेंट किया था। उसके बाद अब उत्तराखंड सरकार के साथ समझौता किया जा रहा है। चंडीगढ़ के आईएसबीटी-17 और आईएसबीटी-43 से हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर, दिल्ली, पंजाब के लिए बसें चलती है। इनमें से सिर्फ पंजाब के साथ 2008 में समझौता हुआ था। उसे भी अब संशोधित करने की जरूरत है। इसके अलावा अन्य राज्यों के साथ समझौता के लिए यूटी प्रशासन पिछले काफी समय से कोशिश कर रहा है लेकिन राज्य की तरफ से प्रतिक्रिया नहीं दी जा रही है।
प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि चंडीगढ़ की तरफ से विभिन्न राज्यों को रेसिप्रोकल एग्रीमेंट के लिए कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं। रिमाइंडर भी भेजा जा चुका है लेकिन उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने की वजह से एग्रीमेंट नहीं बन पाया है। उन्होंने बताया एग्रीमेंट नहीं होने की वजह से आपसी समझौते के आधार पर बसें चल रही हैं।
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मसौदे के अनुसार उत्तराखंड में सीटीयू 4666 किमी तो उत्तराखंड, चंडीगढ़ में 2052 किमी चलाएगा। वर्तमान में आपसी समझौते के आधार पर बसें चल रही हैं। इसके साथ ही प्रशासन पहली बार हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल, यूपी, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली सरकार के साथ भी रेसिप्रोकल एग्रीमेंट करने की कोशिश कर रहा है और पत्र भेजे गए हैं।
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मसौदे की कॉपी परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट chdctu.gov.in पर समीक्षा के लिए उपलब्ध है। शहरवासी 30 दिन के अंदर सेक्टर 9 स्थित चंडीगढ़ सचिवालय की दूसरी मंजिल पर मौजूद परिवहन सचिव के दफ्तर में जाकर अपने सुझाव व आपत्तियां जमा कर सकते हैं या hs-chd@nic.in पर इमेल भी कर सकते हैं।
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यूटी प्रशासन ने आखिरी बार वर्ष 2008 में पंजाब के साथ रेसिप्रोकल एग्रीमेंट किया था। उसके बाद अब उत्तराखंड सरकार के साथ समझौता किया जा रहा है। चंडीगढ़ के आईएसबीटी-17 और आईएसबीटी-43 से हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर, दिल्ली, पंजाब के लिए बसें चलती है। इनमें से सिर्फ पंजाब के साथ 2008 में समझौता हुआ था। उसे भी अब संशोधित करने की जरूरत है। इसके अलावा अन्य राज्यों के साथ समझौता के लिए यूटी प्रशासन पिछले काफी समय से कोशिश कर रहा है लेकिन राज्य की तरफ से प्रतिक्रिया नहीं दी जा रही है।
प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि चंडीगढ़ की तरफ से विभिन्न राज्यों को रेसिप्रोकल एग्रीमेंट के लिए कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं। रिमाइंडर भी भेजा जा चुका है लेकिन उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने की वजह से एग्रीमेंट नहीं बन पाया है। उन्होंने बताया एग्रीमेंट नहीं होने की वजह से आपसी समझौते के आधार पर बसें चल रही हैं।