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चंडीगढ़: खाली रह जाती थीं 25% सीटें, तो बदल दिया गया श्रमिक ट्रेनों का शेड्यूल, यह है संशोधन
Tue, 26 May 2020 11:24 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 26 May 2020 11:24 AM IST
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श्रमिक ट्रेन
- फोटो : पीटीआई
लॉकडाउन 4.0 के बाद मिली छूट से चंडीगढ़ में 65 प्रतिशत तक औद्योगिक इकाइयां खुल गई हैं। रोजगार मिलने के बाद अब घर जाने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या धीरे-धीरे कम होने लगी है। इस कारण से चंडीगढ़ से जाने वाली श्रमिक विशेष ट्रेनों की 25 फीसदी सीटें खाली ही रह जा रही हैं। इसको देखते हुए 26 मई से जाने वाली ट्रेनों के शेड्यूल में यूटी ने बदलाव कर दिए गए हैं। अब गंतव्य को जाने वाली ट्रेनों के रूट में पड़ने वाले स्टेशनों के ठहराव की संख्या को बढ़ा दिया है।
लॉकडाउन में फंसे प्रवासी श्रमिकों और लोगों को यूटी प्रशासन द्वारा ट्रेनों और बसों के जरिए घर रवाना किया जा रहा है। यूटी में अभी तक 17 से अधिक ट्रेनों और बसों के जरिए 29290 लोगों को घर भेजा जा चुका है। अब चंडीगढ़ से घर वापसी के लिए कम रुचि दिखाने लगे हैं। घर जाने वाले प्रवासियों की घटती संख्या के पीछे का कारण लॉकडाउन 4.0 में 90 फीसदी से ज्यादा छूट मिलने से उद्योग और व्यापार खुलने से प्रवासियों को काम मिलना बताया जा रहा है।
23 मई को बिहार जाने वाली ट्रेन में 1600 सीटों में से 400 सीटें खाली रहीं। इससे पहले भी जाने वाली ट्रेनों में यही हालात रहे। इसको देखते हुए यूटी ने अब ट्रेनों के शेड्यूल में कुछ संशोधन किया है। यूटी ने फैसला किया है कि गंतव्य को जाने वाले ट्रेन के रूट में पड़ने वाले स्टेशनों की संख्या बढ़ा दी जाए, जिससे अधिक श्रमिकों को इसका लाभ मिल सके।
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लॉकडाउन में फंसे प्रवासी श्रमिकों और लोगों को यूटी प्रशासन द्वारा ट्रेनों और बसों के जरिए घर रवाना किया जा रहा है। यूटी में अभी तक 17 से अधिक ट्रेनों और बसों के जरिए 29290 लोगों को घर भेजा जा चुका है। अब चंडीगढ़ से घर वापसी के लिए कम रुचि दिखाने लगे हैं। घर जाने वाले प्रवासियों की घटती संख्या के पीछे का कारण लॉकडाउन 4.0 में 90 फीसदी से ज्यादा छूट मिलने से उद्योग और व्यापार खुलने से प्रवासियों को काम मिलना बताया जा रहा है।
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23 मई को बिहार जाने वाली ट्रेन में 1600 सीटों में से 400 सीटें खाली रहीं। इससे पहले भी जाने वाली ट्रेनों में यही हालात रहे। इसको देखते हुए यूटी ने अब ट्रेनों के शेड्यूल में कुछ संशोधन किया है। यूटी ने फैसला किया है कि गंतव्य को जाने वाले ट्रेन के रूट में पड़ने वाले स्टेशनों की संख्या बढ़ा दी जाए, जिससे अधिक श्रमिकों को इसका लाभ मिल सके।
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दो ट्रेनों का संशोधित शेड्यूल
उत्तर प्रदेश जाने वाली दो श्रमिक विशेष ट्रेनों के शेड्यूल में संशोधन किया गया है। 26 मई को उत्तर प्रदेश के लखनऊ जाने वाली श्रमिक विशेष ट्रेन को मुरादाबाद, शाहजहांपुर और सुल्तानपुर पर भी रोका जाएगा। इसके अतिरिक्त 27 मई को उत्तर प्रदेश के जौनपुर जाने वाली विशेष श्रमिक ट्रेन का बरेली, हरदोई में भी ठहराव किया जाएगा।
ट्रेनों में श्रमिकों की घटती संख्या को लेकर राज्य सरकार और रेलवे के अधिकारियों के साथ परामर्श किया जा रहा है। यूपी जाने वाली दो ट्रेनों का संशोधित कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। बिहार जाने वाली श्रमिक विशेष ट्रेनों के लिए शेड्यूल में कुछ संशोधन को लेकर विचार किया जा रहा है। 26 मई के बाद निर्णय हो जाएगा।
- यशपाल गर्ग, सचिव, समाज कल्याण विभाग, चंडीगढ़
ट्रेनों में श्रमिकों की घटती संख्या को लेकर राज्य सरकार और रेलवे के अधिकारियों के साथ परामर्श किया जा रहा है। यूपी जाने वाली दो ट्रेनों का संशोधित कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। बिहार जाने वाली श्रमिक विशेष ट्रेनों के लिए शेड्यूल में कुछ संशोधन को लेकर विचार किया जा रहा है। 26 मई के बाद निर्णय हो जाएगा।
- यशपाल गर्ग, सचिव, समाज कल्याण विभाग, चंडीगढ़