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चंडीगढ़ः तीन माह पहले मिल गई थी सूखे पेड़ को काटने की अनुमति, प्रशासन अब तक बेखबर
Tue, 10 Dec 2019 01:26 PM IST
खुशबू गोयल
कविता बिश्नोई, अमर उजाला, चंडीगढ़
कविता बिश्नोई, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 10 Dec 2019 01:26 PM IST
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वाटिका स्कूल में खड़ा सूखा पेड़
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ में सेक्टर-19 स्थित वाटिका स्कूल में एक साल से सूखा आम का पेड़ बच्चों के लिए जोखिम बना हुआ है। चंडीगढ़ प्रशासन ने यूटी वन विभाग से पेड़ काटने के लिए अनुमति मांगी थी। वन विभाग ने तीन माह पहले पेड़ की तीन बड़ी सूखी टहनियों को काटने का आदेश दिया था। हालांकि एक हफ्ते पहले प्रशासन से पूछने पर उन्होंने जवाब दिया, वन विभाग से अनुमति मांगी है, अभी तक कोई जवाब नहीं आया।
सोमवार को प्रशासन के अधिकारी ने बताया कि हेरिटेज पेड़ होने के कारण इसकी जिम्मेदारी वन विभाग की बनती है। हमने वन विभाग को पत्र भेजा हुआ है। हम कुछ नहीं कर सकते। बता दें वाटिका स्कूल में मूक-बधिर बच्चे पढ़ते हैं। वाटिका स्कूल एक साल से प्रशासन को पत्र और फोन के जरिए आम के सूखे पेड़ को काटने के लिए मदद मांग रहा है।
वन विभाग के उप मुख्य वन संरक्षक डॉ. अब्दुल कय्यूम ने सोमवार को बताया कि प्रशासन की ओर से 29 अगस्त को हेरिटेज पेड़ पर कार्रवाई की अनुमति के लिए पत्र लिखा गया था। पेड़ नहीं काटने की स्थिति में बीच का रास्ता निकालने के लिए हमने पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ डॉ. नवतेज सिंह के साथ मीटिंग की।
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चर्चा में निष्कर्ष निकला कि पेड़ की तीन बड़ी मृत टहनियों को काट दिया जाए। इससे पेड़ सुरक्षित भी रहेगा और गिरने की संभावना भी कम हो जाएगी। साथ ही एंटी फंगल ट्रीटमेंट भी करवाया जाए ताकि भविष्य में हेरिटेज पेड़ को खराब होने से बचाया जा सके।
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सोमवार को प्रशासन के अधिकारी ने बताया कि हेरिटेज पेड़ होने के कारण इसकी जिम्मेदारी वन विभाग की बनती है। हमने वन विभाग को पत्र भेजा हुआ है। हम कुछ नहीं कर सकते। बता दें वाटिका स्कूल में मूक-बधिर बच्चे पढ़ते हैं। वाटिका स्कूल एक साल से प्रशासन को पत्र और फोन के जरिए आम के सूखे पेड़ को काटने के लिए मदद मांग रहा है।
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वन विभाग के उप मुख्य वन संरक्षक डॉ. अब्दुल कय्यूम ने सोमवार को बताया कि प्रशासन की ओर से 29 अगस्त को हेरिटेज पेड़ पर कार्रवाई की अनुमति के लिए पत्र लिखा गया था। पेड़ नहीं काटने की स्थिति में बीच का रास्ता निकालने के लिए हमने पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ डॉ. नवतेज सिंह के साथ मीटिंग की।
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चर्चा में निष्कर्ष निकला कि पेड़ की तीन बड़ी मृत टहनियों को काट दिया जाए। इससे पेड़ सुरक्षित भी रहेगा और गिरने की संभावना भी कम हो जाएगी। साथ ही एंटी फंगल ट्रीटमेंट भी करवाया जाए ताकि भविष्य में हेरिटेज पेड़ को खराब होने से बचाया जा सके।
चीफ इंजीनियर अपनी ही बात से मुकरे
सोमवार को प्रशासन के चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद से वाटिका स्कूल में खड़े आम के सूखे पेड़ की प्रोग्रेस रिपोर्ट के बारे में बातचीत की गई। इस मौके पर चीफ इंजीनियर पहले बोले-पेड़ हमारा नहीं, बाद में अपनी ही बात से मुकरते हुए बोले, हम पेड़ कटवा चुके।
प्रश्न : पिछले सोमवार वाटिका स्कूल के बारे में बातचीत हुई थी, उसकी प्रोग्रेस रिपोर्ट कहां तक पहुंची ?
चीफ इंजीनियर : मैं अभी पता करके बताता हूं। इसके बाद उन्होंने अपने कर्मचारी को फोन लगाकर बात करते हुए जवाब दिया, हमारे पास स्कूल की तरफ से कोई पत्र नहीं आया है, आप ही आए हैं।
प्रश्न : स्कूल के अनुसार वह एक साल में कई बार पत्र लिखकर और फोन करके प्रशासन को जानकारी दे चुका है?
चीफ इंजीनियर : अधिकारी से बात करके बताया कि, हां उस पेड़ को हम एक साल पहले काट चुके हैं।
प्रश्न : वो पुराना पेड़ है। इसके बाद 2019 में फिर पत्र लिखे गए हैं?
चीफ इंजीनियर : दोबारा अधिकारी से पूछकर बताया कि वो हेरिटेज पेड़ है। हम कुछ नहीं कर सकते, वन विभाग इसकी परमिशन देगा।
.. इसके बाद चीफ इंजीनियर को रिपोर्टर ने वन विभाग की ओर से पेड़ को काटने की परमिशन की कॉपी दिखाई गई। इसमें प्रशासन के हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट ने ही 29 अगस्त, 2019 को वाटिका स्कूल में खडे़ जर्जर पेड़ को काटने के लिए अनुमति मांगी थी ताकि इससे मानव क्षति को होने से बचाया जा सके। इसके जवाब में 30 सितंबर, 2019 को वन विभाग ने पूरी जांच के बाद तीन टहनियां काटने की अनुमति प्रदान की।
चीफ इंजीनियर : मेरे पास काम करने वाले लोगों की कमी है। मुझे इसकी जानकारी नहीं थी। मंगलवार को मैं तुरंत प्रभाव से पेड़ को कटवा दूंगा।
प्रश्न : पिछले सोमवार वाटिका स्कूल के बारे में बातचीत हुई थी, उसकी प्रोग्रेस रिपोर्ट कहां तक पहुंची ?
चीफ इंजीनियर : मैं अभी पता करके बताता हूं। इसके बाद उन्होंने अपने कर्मचारी को फोन लगाकर बात करते हुए जवाब दिया, हमारे पास स्कूल की तरफ से कोई पत्र नहीं आया है, आप ही आए हैं।
प्रश्न : स्कूल के अनुसार वह एक साल में कई बार पत्र लिखकर और फोन करके प्रशासन को जानकारी दे चुका है?
चीफ इंजीनियर : अधिकारी से बात करके बताया कि, हां उस पेड़ को हम एक साल पहले काट चुके हैं।
प्रश्न : वो पुराना पेड़ है। इसके बाद 2019 में फिर पत्र लिखे गए हैं?
चीफ इंजीनियर : दोबारा अधिकारी से पूछकर बताया कि वो हेरिटेज पेड़ है। हम कुछ नहीं कर सकते, वन विभाग इसकी परमिशन देगा।
.. इसके बाद चीफ इंजीनियर को रिपोर्टर ने वन विभाग की ओर से पेड़ को काटने की परमिशन की कॉपी दिखाई गई। इसमें प्रशासन के हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट ने ही 29 अगस्त, 2019 को वाटिका स्कूल में खडे़ जर्जर पेड़ को काटने के लिए अनुमति मांगी थी ताकि इससे मानव क्षति को होने से बचाया जा सके। इसके जवाब में 30 सितंबर, 2019 को वन विभाग ने पूरी जांच के बाद तीन टहनियां काटने की अनुमति प्रदान की।
चीफ इंजीनियर : मेरे पास काम करने वाले लोगों की कमी है। मुझे इसकी जानकारी नहीं थी। मंगलवार को मैं तुरंत प्रभाव से पेड़ को कटवा दूंगा।