{"_id":"60bfd37d8ebc3ed71b4360ba","slug":"chandigarh-administration-avoiding-action-on-private-hospitals-chandigarh-news-pkl416047254","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजी अस्पतालों पर कार्रवाई से बच रहा चंडीगढ़ प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजी अस्पतालों पर कार्रवाई से बच रहा चंडीगढ़ प्रशासन
विज्ञापन
चंडीगढ़। शहर के कई निजी अस्पतालों ने कोरोना के मरीजों से तय शुल्क से ज्यादा रकम वसूली है। प्रशासन को लगातार शिकायतें मिलीं। इस पर कुछ अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया लेकिन 11 दिन बीतने के बाद भी किसी भी अस्पताल पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यही नहीं, ईडन अस्पताल पर जरूरत से ज्यादा ऑक्सीजन खपत का आरोप भी सिद्ध हो चुका है और नोडल अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में लिखित में कार्रवाई की सिफारिश भी की है। इसके बावजूद प्रशासन ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
स्वास्थ्य निदेशक के निर्देश पर जांच कमेटी ने संबंधित अस्पतालों की जांच कर शिकायत की पुष्टि करती रिपोर्ट भी बना दी है। उसके बावजूद उच्च अधिकारियों के स्तर पर कार्रवाई का निर्णय नहीं लिया जा रहा है। इतना ही नहीं उन अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जा चुका है, जिसकी समय सीमा गुजरे 11 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक उन अस्पतालों ने मामले पर कोई जवाब नहीं दिया है। जांच कमेटी की रिपोर्ट के अलावा उन निजी अस्पतालों में तय शुल्क से ज्यादा पैसे देने वाले दो दर्जन से ज्यादा मरीजों के परिजनों ने भी लिखित शिकायत की है, लेकिन उस साक्ष्य को भी अनदेखा किया जा रहा है। शिकायत करने वाले परिजनों का कहना है कि अगर स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई ही नहीं करनी थी तो हमसे शिकायत क्यों मांगी।
वहीं जानकारी के अनुसार अब वे अस्पताल उन परिजनों को मनाने व उनसे ऐंठे गए ज्यादा पैसे लौटाकर मामले को दबाने में जुटे हुए हैं। इस क्रम में दो परिजनों ने शिकायत वापस भी ले ली है। प्रशासन के अधिकारियों से इस बारे में संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन सभी चुप्पी साधे हुए हैं। वॉर रूम की बैठक में भी इस पर कोई चर्चा नही होती।
विज्ञापन
इन अस्पतालों की हुई है शिकायत
सिटी हसॅस्पिटल, संतोख हॉस्पिटल, ईडन हॉस्पिटल, केयर हॉस्पिटल, मुकट हॉस्पिटल और हीलिंग हॉस्पिटल।
ईडन अस्पताल दोषी, फिर भी कार्रवाई नहीं
जरूरत से ज्यादा ऑक्सीजन खपत के मामले में ईडन अस्पताल को दोषी पाया गया है। पीसीएस अधिकारी जगजीत सिंह की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जब पूरे देश में ऑक्सीजन को लेकर मारामारी थी, तब ईडन अस्पताल जरूरत से कई गुना ज्यादा ऑक्सीजन का इस्तेमाल कर रहा था। जांच के दौरान अस्पताल 1300 ऑक्सीजन सिलिंडर का हिसाब नहीं दे पाया। इसकी वजह से शहर में ऑक्सीजन सप्लाई के नोडल अधिकारी यशपाल गर्ग ने अस्पताल पर कार्रवाई की सिफारिश की है। यह आदेश 2 जून को जारी किए गए थे, अब तक इस मामले पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
सुपर गैसेज पर ज्यादा पैसे लेने के आरोप सिद्ध, हफ्ता बीता लेकिन कोई कार्रवाई नहीं
ऑक्सीजन की मारामारी को देखते हुए प्रशासन ने सिलिंडर भरवाने के लिए दम तय कर दिए लेकिन इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित ऑक्सीजन भरने वाली कंपनी सुपर एजेंसी ने मिनी कोविड केयर सेंटर व अस्पतालों से दो से तीन गुने ज्यादा पैसे लिए। ऑक्सीजन सप्लाई के नोडल अधिकारी यशपाल गर्ग ने जांच कराई तो आरोप सच पाए गए। उन्होंने लिखित में सुपर एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की लेकिन 8 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य निदेशक के निर्देश पर जांच कमेटी ने संबंधित अस्पतालों की जांच कर शिकायत की पुष्टि करती रिपोर्ट भी बना दी है। उसके बावजूद उच्च अधिकारियों के स्तर पर कार्रवाई का निर्णय नहीं लिया जा रहा है। इतना ही नहीं उन अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जा चुका है, जिसकी समय सीमा गुजरे 11 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक उन अस्पतालों ने मामले पर कोई जवाब नहीं दिया है। जांच कमेटी की रिपोर्ट के अलावा उन निजी अस्पतालों में तय शुल्क से ज्यादा पैसे देने वाले दो दर्जन से ज्यादा मरीजों के परिजनों ने भी लिखित शिकायत की है, लेकिन उस साक्ष्य को भी अनदेखा किया जा रहा है। शिकायत करने वाले परिजनों का कहना है कि अगर स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई ही नहीं करनी थी तो हमसे शिकायत क्यों मांगी।
विज्ञापन
वहीं जानकारी के अनुसार अब वे अस्पताल उन परिजनों को मनाने व उनसे ऐंठे गए ज्यादा पैसे लौटाकर मामले को दबाने में जुटे हुए हैं। इस क्रम में दो परिजनों ने शिकायत वापस भी ले ली है। प्रशासन के अधिकारियों से इस बारे में संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन सभी चुप्पी साधे हुए हैं। वॉर रूम की बैठक में भी इस पर कोई चर्चा नही होती।
विज्ञापन
इन अस्पतालों की हुई है शिकायत
सिटी हसॅस्पिटल, संतोख हॉस्पिटल, ईडन हॉस्पिटल, केयर हॉस्पिटल, मुकट हॉस्पिटल और हीलिंग हॉस्पिटल।
ईडन अस्पताल दोषी, फिर भी कार्रवाई नहीं
जरूरत से ज्यादा ऑक्सीजन खपत के मामले में ईडन अस्पताल को दोषी पाया गया है। पीसीएस अधिकारी जगजीत सिंह की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जब पूरे देश में ऑक्सीजन को लेकर मारामारी थी, तब ईडन अस्पताल जरूरत से कई गुना ज्यादा ऑक्सीजन का इस्तेमाल कर रहा था। जांच के दौरान अस्पताल 1300 ऑक्सीजन सिलिंडर का हिसाब नहीं दे पाया। इसकी वजह से शहर में ऑक्सीजन सप्लाई के नोडल अधिकारी यशपाल गर्ग ने अस्पताल पर कार्रवाई की सिफारिश की है। यह आदेश 2 जून को जारी किए गए थे, अब तक इस मामले पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
सुपर गैसेज पर ज्यादा पैसे लेने के आरोप सिद्ध, हफ्ता बीता लेकिन कोई कार्रवाई नहीं
ऑक्सीजन की मारामारी को देखते हुए प्रशासन ने सिलिंडर भरवाने के लिए दम तय कर दिए लेकिन इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित ऑक्सीजन भरने वाली कंपनी सुपर एजेंसी ने मिनी कोविड केयर सेंटर व अस्पतालों से दो से तीन गुने ज्यादा पैसे लिए। ऑक्सीजन सप्लाई के नोडल अधिकारी यशपाल गर्ग ने जांच कराई तो आरोप सच पाए गए। उन्होंने लिखित में सुपर एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की लेकिन 8 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।