चंडीगढ़ : सेक्टर 16 के सरकारी अस्पताल में बनेगा 300 बेड का मातृ शिशु केंद्र, स्त्री रोग विभाग होगा शिफ्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़ के गवर्नमेंट मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (जीएमएसएच) सेक्टर-16 में 300 बेड के स्वीकृत मातृ शिशु केंद्र के निर्माण को लेकर अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग को स्थानांतरित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अमनदीप कंग ने बताया कि स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की ओपीडी अस्पताल के न्यू ओपीडी बिल्डिंग में शिफ्ट की जाएगी, जबकि गर्भवती महिलाओं के भर्ती करने की सुविधा मनीमाजरा और सेक्टर-45 के सिविल अस्पताल में होगी। डॉ. कंग ने बताया कि अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में ही पुराने भवन को तोड़कर बहुमंजिला इमारत बनाई जानी है। इसमें 300 बेड के मातृ शिशु केंद्र का संचालन किया जाएगा। भवन निर्माण के टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। उसका नक्शा भी तैयार हो चुका है। विभाग स्थानांतरित करते ही निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
मनीमाजरा और सेक्टर-45 में बढ़ेगी सुविधा
मनीमाजरा और सेक्टर-45 के सिविल अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। अभी इन अस्पतालों में रात में सिर्फ नॉर्मल डिलीवरी करवाई जाती है, जबकि ऑपरेशन थिएटर भी है। इसे देखते हुए जीएमएसएच-16 के विशेषज्ञ वहां तैनात कर आसपास और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाली गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
विशेषज्ञ भी होंगे स्थानांतरित
मनीमाजरा और सेक्टर-45 से सिविल अस्पताल में रात में सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। जीएमएसएच-16 के सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ व बेहोशी के डॉक्टरों की ड्यूटी मनीमाजरा व सेक्टर 45 के सिविल अस्पताल में लगाई जाएगी।
सालों से लंबित है प्रस्ताव
300 बेड का मातृ शिशु केंद्र का प्रस्ताव कई साल पुराना है। इससे पहले स्थान चिह्नित कर लिया गया था, लेकिन वहां पर न्यू ओपीडी की बिल्डिंग बना दी गई। इससे योजना ठंडे बस्ते में चली गई। अब डॉ. अमनदीप कंग ने इस योजना को मूर्त रूप देने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि यह सुविधा जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाएगी।पीजीआई और जीएमसीएच पर दबाव होगा कम
जीएमएसएच-16 में 300 बेड के मातृ शिशु केंद्र बनने से पीजीआई और जीएमसीएच-32 पर दबाव कम होगा। मौजूदा समय में पीजीआई और जीएमसीएच में चंडीगढ़ के साथ आसपास के प्रदेशों से आने वाले रेफरल मरीजों का दबाव बहुत ज्यादा है।