फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Challenge to extend the contract of three categories of employees in PGI Chandigarh

Chandigarh: पीजीआई में तीन श्रेणी के कर्मियों का अनुबंध बढ़ाने को चुनौती, केंद्र सरकार को हाईकोर्ट का नोटिस

Mon, 20 Nov 2023 11:36 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 20 Nov 2023 11:36 PM IST
सार

पीजीआई कर्मचारी संघ की ओर से एडवोकेट करण सिंगला के माध्यम से याचिका दायर करते हुए हाईकोर्ट को बताया गया कि ठेकेदारी प्रथा को बंद करने के लिए केंद्र सरकार ने 12 दिसंबर 2014 को अधिसूचना जारी की थी। इस अधिसूचना के बावजूद न तो अनुबंध कर्मियों को नियमित किया गया और न ही अधिसूचना के तहत कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया।

विज्ञापन
Challenge to extend the contract of three categories of employees in PGI Chandigarh
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

पीजीआई चंडीगढ़ में ठेकेदारी प्रथा को बंद करने की केंद्र सरकार की अधिसूचना के बावजूद ठेकेदारी पर काम करने वाले सेनेटरी, कैटरिंग व सिक्योरिटी कर्मियों की सेवाएं नियमित करने के स्थान पर अनुबंध सेवा विस्तार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, पीजीआई चंडीगढ़ व अन्य को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

विज्ञापन


पीजीआई कर्मचारी संघ की ओर से एडवोकेट करण सिंगला के माध्यम से याचिका दायर करते हुए हाईकोर्ट को बताया गया कि ठेकेदारी प्रथा को बंद करने के लिए केंद्र सरकार ने 12 दिसंबर 2014 को अधिसूचना जारी की थी। इस अधिसूचना के बावजूद न तो अनुबंध कर्मियों को नियमित किया गया और न ही अधिसूचना के तहत कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया। अभी पीजीआई में ठेकेदारी के माध्यम से सेनेटरी, कैटरिंग व सिक्योरिटी विभाग में अनुबंध कर्मियों की सेवाएं ली जा रही हैं और इन्हें केवल डीसी रेट का भुगतान होता है।
विज्ञापन


साथ ही याची ने यह भी बताया कि ठेकेदारी के माध्यम से सेवा दे रहे इन कर्मियों को सेवा विस्तार देने के लिए सेंट्रल एडवाइजरी कॉन्ट्रैक्ट लेबर बोर्ड की अनुमति अनिवार्य है लेकिन इस अनुमति के बिना ही सेवा विस्तार दिया जा रहा है। कोर्ट को बताया गया कि सेंट्रल एडवाइजरी कॉन्ट्रैक्ट लेबर बोर्ड ही कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों की सेवाओं में विस्तार की अनुमति दे सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पीजीआई को वर्ष 2018 में बोर्ड ने दो वर्ष का समय देते हुए नीति बनाने व अनुबंध कर्मियों को नियमित करने को कहा था लेकिन लेकिन आज तक पीजीआई के पास कोई योजना नहीं है। इससे पहले भी संघ ने अवमानना याचिका दाखिल की थी लेकिन पीजीआई के अनुबंध कर्मियों को पक्का नहीं किया जा रहा। याचिका में अपील की गई है कि अनुबंध कर्मियों के अनुबंध को आगे न बढ़ाया जाए और उन्हें नियमित किया जाए। साथ ही पीजीआई को भविष्य में किसी भी अनुबंध पर भर्ती न की जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed