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रिक्शा-रेहड़ी वालों के लिए चंडीगढ़ प्रशासन का सख्त फरमान
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 30 Jun 2016 10:29 AM IST
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अरुण्ा सूद मेयर
- फोटो : file photo
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बायलॉज के तहत रिक्शा और रेहड़ी वालों पर हो रही कार्रवाई पर पाबंदी लगा दी गई है। इसके साथ ही अब तक जिनकी साइकिल और रिक्शे जब्त किए गए हैं, उन्हें बिना जुर्माना लिए रिलीज किया जाएगा। सदन की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। मेयर अरुण सूद ने कहा कि सभी चालान माफ कर दिए जाएंगे और जो प्रशासन ने बायलॉज लागू किए हैं। उस पर कुछ दिनों के लिए रोक लगाने के लिए वह अलग से प्रशासन से बात करेंगे। क्योंकि इसमें कुछ सुधार की जरूरत है। मालूम हो कि बायलॉज न मानने वाले साइकिल, रिक्शा और रेहड़ी वालों के खिलाफ नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने मंगलवार से कार्रवाई शुरू कर दी है।
पहले दिन निगम ने कुल 47 रिक्शा और रेहड़ियां जब्त कीं। इसके बाद शहर में हाहाकार मच गया। इन पर पहली बार 300, दूसरी बार 400 और तीसरी बार 500 रुपये का जुर्माना किया जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने इसे स्मार्ट सिटी के नाम रिक्शा, साइकिल और रेहड़ी वालों पर हो कार्रवाई को अत्याचार बताया है। निगम के ज्वाइंट कमिश्नर वीरेंद्र चौधरी ने एसएसपी ट्रैफिक पुलिस को भी कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजा था, लेकिन पुलिस ने कोई चालान नहीं किया। बायलॉज के अनुसार बिना लाइसेंस और साइकिल ट्रैक पर न चलने वालों का रिक्शा और रेहड़ी जब्त करने का अधिकार पुलिस का भी है। जहां साइकिल ट्रैक नहीं है, वहां सड़क की बाईं तरफ चलना जरूरी है। बात दें कि साइकिल सवारों के लिए लाइसेंस जरूरी नहीं है। जबकि रिक्शा और रेहड़ी चालकों के लिए लाइसेंस जरूरी है।
साथ ही नए बायलॉज के अनुसार साइकिल, रेहड़ी और रिक्शा पर घंटी, आगे और पीछे रिफ्लेक्टर, दोनों ओर शीशा, साइकिल को छोड़कर बाकी पर रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट जरूरी है। ऐसा न होने पर ही अतिक्रमण हटाओ दस्ता नॉन मोटर व्हीकल को जब्त कर लेगा। बायलॉज में पुलिस विभाग के कर्मचारियों (हेड कांस्टेबल से नीचे न हो) को भी चालान कर जब्त करने की पावर दी गई है।
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पहले दिन निगम ने कुल 47 रिक्शा और रेहड़ियां जब्त कीं। इसके बाद शहर में हाहाकार मच गया। इन पर पहली बार 300, दूसरी बार 400 और तीसरी बार 500 रुपये का जुर्माना किया जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने इसे स्मार्ट सिटी के नाम रिक्शा, साइकिल और रेहड़ी वालों पर हो कार्रवाई को अत्याचार बताया है। निगम के ज्वाइंट कमिश्नर वीरेंद्र चौधरी ने एसएसपी ट्रैफिक पुलिस को भी कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजा था, लेकिन पुलिस ने कोई चालान नहीं किया। बायलॉज के अनुसार बिना लाइसेंस और साइकिल ट्रैक पर न चलने वालों का रिक्शा और रेहड़ी जब्त करने का अधिकार पुलिस का भी है। जहां साइकिल ट्रैक नहीं है, वहां सड़क की बाईं तरफ चलना जरूरी है। बात दें कि साइकिल सवारों के लिए लाइसेंस जरूरी नहीं है। जबकि रिक्शा और रेहड़ी चालकों के लिए लाइसेंस जरूरी है।
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साथ ही नए बायलॉज के अनुसार साइकिल, रेहड़ी और रिक्शा पर घंटी, आगे और पीछे रिफ्लेक्टर, दोनों ओर शीशा, साइकिल को छोड़कर बाकी पर रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट जरूरी है। ऐसा न होने पर ही अतिक्रमण हटाओ दस्ता नॉन मोटर व्हीकल को जब्त कर लेगा। बायलॉज में पुलिस विभाग के कर्मचारियों (हेड कांस्टेबल से नीचे न हो) को भी चालान कर जब्त करने की पावर दी गई है।
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