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पेड पार्किंग में वाहन पार्क न किया तो 3500 रुपये का चालान, लोगों ने किया हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 13 Dec 2017 09:36 AM IST
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- फोटो : File Photo
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रेट बढ़ाने के बाद शहर की पेड पार्किंगों को चलाने के लिए नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने मंगलवार को नो पार्किंग और सड़क किनारे में पार्क होने वाले वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई सेक्टर-34 में की।
दस्ते ने सेक्टर-34 से 45 कारें और 9 मोटरसाइकिल जब्त किए, जबकि निगम ने ओपन ग्राउंड में भी पार्क वाहनों को जब्त किया।
इससे वाहन चालकों में रोष है। कई कर्मचारी ऐसे भी रहे जिन्हें शाम 5 बजे के बाद ही पता चला कि उनकी कार और मोटरसाइकिल नगर निगम ने उठा ली है। वे शाम को काफी भटकते हुए सेक्टर-35 के कम्युनिटी सेंटर में वाहन रिलीज करवाने के लिए पहुंचे लेकिन शाम 6 बजे के बाद नगर निगम के कर्मचारी कम्युनिटी सेंटर के गेट पर ताला लगाकर चले गए। इस पर चालकों ने रोष जाहिर करते नारेबाजी की।
अतिक्रमण हटाओ दस्ते के अनुसार 45 में से 30 कारों को जुर्माना लेकर रिलीज कर दिया है। लोगों में इसलिए भी ज्यादा गुस्सा है क्योंकि नगर निगम की ओर से कार का जुर्माना 3500 और दोपहिया वाहन का जुर्माना 1500 रुपये चार्ज किया गया जबकि ट्रैफिक पुलिस नो पार्किंग से जब्त किए हुए वाहन एक हजार से 1200 रुपये जुर्माना लेकर रिलीज कर देती है। लोगों का आरोप है कि यह सिर्फ पेड पार्किंग चलाने वाली कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। मालूम हो कि आर्य इंफ्रा कंपनी ने 14 करोड़ 76 लाख रुपये में 25 पेड पार्किंगों का ठेका लिया है।
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जबसे पेड पार्किंग में वाहन पार्क करना महंगा हुआ है तब से नो पार्किंग में वाहन पार्क होने की समस्या बढ़ गई है। कंपनी के कहने पर ही नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने मंगलवार को सेक्टर-34 में अभियान चलाया। चालकों का आरोप है कि वाहनों को इतने गलत तरीके से उठाया गया है कि उनकी कारों को क्षति भी हुई हैं। कार में खरोंचें पड़ गई हैं। अतिक्रमण हटाओ दस्ता सुबह 9 बजे से ही सेक्टर-34 की पेड पार्किंगों के बाहर तैनात हो गया था।
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दस्ते ने सेक्टर-34 से 45 कारें और 9 मोटरसाइकिल जब्त किए, जबकि निगम ने ओपन ग्राउंड में भी पार्क वाहनों को जब्त किया।
इससे वाहन चालकों में रोष है। कई कर्मचारी ऐसे भी रहे जिन्हें शाम 5 बजे के बाद ही पता चला कि उनकी कार और मोटरसाइकिल नगर निगम ने उठा ली है। वे शाम को काफी भटकते हुए सेक्टर-35 के कम्युनिटी सेंटर में वाहन रिलीज करवाने के लिए पहुंचे लेकिन शाम 6 बजे के बाद नगर निगम के कर्मचारी कम्युनिटी सेंटर के गेट पर ताला लगाकर चले गए। इस पर चालकों ने रोष जाहिर करते नारेबाजी की।
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अतिक्रमण हटाओ दस्ते के अनुसार 45 में से 30 कारों को जुर्माना लेकर रिलीज कर दिया है। लोगों में इसलिए भी ज्यादा गुस्सा है क्योंकि नगर निगम की ओर से कार का जुर्माना 3500 और दोपहिया वाहन का जुर्माना 1500 रुपये चार्ज किया गया जबकि ट्रैफिक पुलिस नो पार्किंग से जब्त किए हुए वाहन एक हजार से 1200 रुपये जुर्माना लेकर रिलीज कर देती है। लोगों का आरोप है कि यह सिर्फ पेड पार्किंग चलाने वाली कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। मालूम हो कि आर्य इंफ्रा कंपनी ने 14 करोड़ 76 लाख रुपये में 25 पेड पार्किंगों का ठेका लिया है।
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जबसे पेड पार्किंग में वाहन पार्क करना महंगा हुआ है तब से नो पार्किंग में वाहन पार्क होने की समस्या बढ़ गई है। कंपनी के कहने पर ही नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने मंगलवार को सेक्टर-34 में अभियान चलाया। चालकों का आरोप है कि वाहनों को इतने गलत तरीके से उठाया गया है कि उनकी कारों को क्षति भी हुई हैं। कार में खरोंचें पड़ गई हैं। अतिक्रमण हटाओ दस्ता सुबह 9 बजे से ही सेक्टर-34 की पेड पार्किंगों के बाहर तैनात हो गया था।
चंडीगढ़ पार्किंग
- फोटो : amar ujala
यह तरीका ठीक नहीं
मोहाली निवासी सुनील कुमार ने बताया कि वह सेक्टर-34 में एक मीटिंग के लिए आए थे। जब पेड पार्किंग में जगह नहीं मिली तो उन्होंने लाइब्रेरी के पास ओपन ग्राउंड में कार पार्क कर दी। वहां पर वाहन पार्क करने से कोई भी दिक्कत नहीं हो रही थी लेकिन नगर निगम ने उनकी कार जब्त कर ली और जब गाड़ी रिलीज करवाने के लिए आए तो 3500 रुपये मांगने लग गए। जबकि चालान की रसीद में इतनी राशि के जुर्माने का जिक्र नहीं है। उन्होंने बताया कि मेयर आशा जसवाल से भी उन्होंने फोन पर बात की है। उनका कहना है कि इतने गलत तरीके से वाहन उठाए गए हैं वाहनों को क्षति भी हुई है। उनका कहना है कि जुर्माना ज्यादा से ज्यादा 200 रुपये होना चाहिए।
इससे पहले मल्टीलेवल को चलाने के लिए चलाया था अभियान
इससे पहले भी नगर निगम सेक्टर-17 की मल्टीलेवल पार्किंग को प्रमोट करने के लिए नो पार्किंग और सड़क किनारे पार्क होने वाले वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई चला चुका है। सेक्टर-34 में पहली बार मंगलवार को अभियान चलाया गया है।
कच्ची जगह और पेवर ब्लाक पर वाहन पार्क न करें
नगर निगम के अनुसार ओपन में कच्ची जगह और सड़क किनारे बने पेवर ब्लाक में वाहन पार्क करना भी नो पार्किंग माना जाएगा। लेकिन नगर निगम के पास इसका कोई जवाब नहीं है कि अगर पार्किंग फुल हो जाती है तो फिर लोग कहा पर वाहन पार्क करें। मेयर आशा जसवाल से जब यह सवाल किया तो उन्होंने कहा कि बुधवार को इस मुद्दे पर अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।
कार्रवाई से मेयर भी नाराज
मेयर आशा जसवाल भी वाहनों के लिए चार्ज होने वाले 3500 रुपये जुर्माना लेेने की कार्रवाई से नाराज है। मेयर आशा जसवाल का कहना है कि अधिकारियों ने उन्हें विश्वास में लिए बिना कार्रवाई की है। लोगों को कार्रवाई चलाने से पहले कुछ दिन का समय देना चाहिए था। जुर्माना काफी ज्यादा है। जुर्माने के रेट को रिवाइज किया जाएगा। अधिकारियों को कहा है कि शाम के बाद जिन चालकों के वाहन नहीं छोड़े गए हैं उन्हें भी रिलीज किया जाए।
मोहाली निवासी सुनील कुमार ने बताया कि वह सेक्टर-34 में एक मीटिंग के लिए आए थे। जब पेड पार्किंग में जगह नहीं मिली तो उन्होंने लाइब्रेरी के पास ओपन ग्राउंड में कार पार्क कर दी। वहां पर वाहन पार्क करने से कोई भी दिक्कत नहीं हो रही थी लेकिन नगर निगम ने उनकी कार जब्त कर ली और जब गाड़ी रिलीज करवाने के लिए आए तो 3500 रुपये मांगने लग गए। जबकि चालान की रसीद में इतनी राशि के जुर्माने का जिक्र नहीं है। उन्होंने बताया कि मेयर आशा जसवाल से भी उन्होंने फोन पर बात की है। उनका कहना है कि इतने गलत तरीके से वाहन उठाए गए हैं वाहनों को क्षति भी हुई है। उनका कहना है कि जुर्माना ज्यादा से ज्यादा 200 रुपये होना चाहिए।
इससे पहले मल्टीलेवल को चलाने के लिए चलाया था अभियान
इससे पहले भी नगर निगम सेक्टर-17 की मल्टीलेवल पार्किंग को प्रमोट करने के लिए नो पार्किंग और सड़क किनारे पार्क होने वाले वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई चला चुका है। सेक्टर-34 में पहली बार मंगलवार को अभियान चलाया गया है।
कच्ची जगह और पेवर ब्लाक पर वाहन पार्क न करें
नगर निगम के अनुसार ओपन में कच्ची जगह और सड़क किनारे बने पेवर ब्लाक में वाहन पार्क करना भी नो पार्किंग माना जाएगा। लेकिन नगर निगम के पास इसका कोई जवाब नहीं है कि अगर पार्किंग फुल हो जाती है तो फिर लोग कहा पर वाहन पार्क करें। मेयर आशा जसवाल से जब यह सवाल किया तो उन्होंने कहा कि बुधवार को इस मुद्दे पर अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।
कार्रवाई से मेयर भी नाराज
मेयर आशा जसवाल भी वाहनों के लिए चार्ज होने वाले 3500 रुपये जुर्माना लेेने की कार्रवाई से नाराज है। मेयर आशा जसवाल का कहना है कि अधिकारियों ने उन्हें विश्वास में लिए बिना कार्रवाई की है। लोगों को कार्रवाई चलाने से पहले कुछ दिन का समय देना चाहिए था। जुर्माना काफी ज्यादा है। जुर्माने के रेट को रिवाइज किया जाएगा। अधिकारियों को कहा है कि शाम के बाद जिन चालकों के वाहन नहीं छोड़े गए हैं उन्हें भी रिलीज किया जाए।