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ऑटो में स्कूली बच्चे दिखे तो कटेगा चालान

Wed, 03 Sep 2014 01:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 03 Sep 2014 01:22 PM IST
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Challan of Auto due to School Childrens

स्टेट ट्रांसपोर्ट ऑथरिटी (एसटीए) पंजाब और हरियाणा से आने वाले डीजल ऑटो

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रिक्शा के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। यात्रियों को एसटीए ने सलाह दी है कि वे ऐसे ऑटो रिक्शा पर न बैठें, जिनसे उनके जान का खतरा हो।

एसटीए ने छोटे बच्चों की रक्षा का ध्यान रखते हुए उनके माता पिता और अभिभावकों से निवेदन किया है कि वे अपने बच्चों को ऑटो से स्कूल न भेजें। कई बार ऑटो चालक बच्चों को सड़क  के पार भी नहीं करते। ओवर लोड भी होता है।

कमाई के लिए बच्चों की जान का जोखिम

Challan of Auto due to School Childrens

देखने में आ रहा है कि कमाई के लिए ऑटो वाले बच्चों की जान का जोखिम उठा रहे हैं। एसटीए ने अगस्त माह में वाहनों का चालान कर 10 लाख 20 हजार रुपये अर्जित किए है। इस दौरान कुल 526 वाहनों में से 415 का चालान किया गया और 111 को इंपाउंड किए गए हैं।

पूरे महीने 2660 वाहनों की जांच की गई। इन वाहनों में उचित दस्तावेज न होने और के कारण यह कार्रवाई की गई है। एसटीए ने वाहन चालकों से कहा है कि वे पूरे दस्तावेज के साथ चलें।

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स्कूल के रूटों पर सीटयू बसें चलाई जाएं

Challan of Auto due to School Childrens

माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के तहत जहां शहर में स्कूली बच्चों को ऑटो रिक्शा में ले जाए जाने पर रोक लगा दी गई है। वहीं इस आदेश के बाद ऑटो रिक्शा में स्कूल जाने वाले हजारों विद्यार्थियों को स्कूल जाने में दिक्कत आ रही है।

स्कूली छात्रों की इस दिक्कत को देखते हुए मंगलवार को राष्ट्रीय लोक कल्याण पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंभू बनर्जी की अध्यक्षता में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा निदेशक कमलेश कुमार से मुलाकात की।

उन्होंने मांग की है कि शहर के हर स्कूल में जाने के रूट पर सीटयू बसों का बेहतर प्रबंध करवाया जाए। जिससे कि स्कूली छात्रों को स्कूल तक जाने में किसी तरह की परेशानी न हो।

उन्होंने मांग की है कि सीटयू को भी इस विषय में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सभी स्कूलों के रूट पर सीटयू की बेहतर सर्विस देने का प्रयास करना चाहिए।

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