इस नवरात्रों में बन रहा 6 दिन का शुभ संयोग
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चैत्र नवरात्र 21 मार्च से शुरू हो रहे हैं। इस बार नवरात्र नौ के बजाय आठ दिन के होंगे। नवरात्र काल में तृतीय तिथि का क्षय होने से एक नवरात्र कम होगा।
हालांकि नवरात्रों कम होना अशुभ माना जाता है। लेकिन इस बार आठ दिन के नवरात्रों में छह दिन का शुभ संयोग है। इससे नवरात्र में किए कार्यों का दोगुना फल प्राप्त होगा। नवरात्रों का शुभारंभ और समापन शनिवार को होने से इस बार भक्तों पर शनिदेव की कृपा बरसेगी।
चैत्र नवरात्रों का शुभारंभ पर घट स्थापना पर दिन और रात बराबर हैं। 21 मार्च को शनिवार के दिन 6:34 बजे सूर्योदय होगा और सूर्यास्त का समय भी शाम को 6:34 बजे है। इससे घट स्थापना के समय दिन और रात बराबर होने से यह दिन सभी राशियों के लिए शुभ होगा। इस बार नवरात्रों का शुभारंभ शनिवार से होगा और समापन भी 28 मार्च को शनिवार के दिन ही होगा।
इन छह दिनों में बन रहे शुभ संयोग
इससे इस बार भक्तों मां की कृपा दृष्टि के साथ शनिदेव की कृपा भी बरसेगी और उसके अगले ही रामनवमी का पर्र्व है। शुभ कार्यों के लिए यह दिन भी अति शुभ है। इसलिए इन दिनों में किए शुभ कार्यों का अनंत फल प्राप्त होगा।
आठ नवरात्रों में नवरात्रों का शुभारंभ शनिवार से होने के चलते कुछ राशियों के लिए यह दिन व्यापार की दृष्टि से शुभ नहीं है। लेकिन उसके बाद 22, 23, 24, 25, 27 और 28 का दिन सभी राशियों के लिए शुभ है। इन दिनों किए सभी शुभ कार्यों का अनंत लाभ मिलेगा। व्यापार की दृष्टि से भी ये दिन अति शुभ होंगे।
तृतीय तिथि रहेगी अक्ष
श्री गीता मंदिर के पंडित विष्णुदत्त आचार्य ने बताया कि इस बार तृतीय तिथि का क्षय होने से नवरात्र आठ दिन के होंगे। नौंवे दिन रामनवमी का पूजन होगा। उन्होंने बताया कि नवरात्रों में किए सभी धार्मिक और व्यापारिक कार्य में लाभ की प्राप्ति होगी और मां की पूजा के साथ शनिदेव की पूजा करने से जीवन संकट भी कटेंगे।