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चाहत ने ब्रेस्ट स्ट्रोक में बनाए दो अंतरराष्ट्रीय रिकार्ड
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चाहत अरोड़ा
- फोटो : CHANDIGARH
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चंडीगढ़। शहर की तैराक चाहत अरोड़ा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो नए रिकार्ड बनाकर पिछले हफ्ते ही भारत लौटी हैं। चाहत अरोड़ा कोरोना महामारी से पहले थाईलैंड चली गई थीं। वहां पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण के लिए विश्वभर से तैराक आते हैं। चाहत ने वहां पर माहिर कोचों की देखरेख में प्रशिक्षण लिया।
कोरोना से खिलाड़ियों के बचाव के लिए वहां पर स्वीमिंग पूलों पर बेहतरीन इंतजाम किए गए हैं ताकि तैराकी के दौरान कोई खिलाड़ी इस बीमारी का शिकार न हो पाए। चाहत ने बैंकॉक में अक्तूबर में खेली गई थाई स्वीमिंग चैंपियनशिप में 50 मीटर और 100 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक में नए रिकार्ड बनाकर देश का नाम रोशन किया।
थाईलैंड में भी रहा लॉकडाउन
चाहत ने बताया कि थाईलैंड पहुंचने के दो महीने बाद वहां पर भी कोविड-19 के चलते लॉकडाउन लगा दिया गया था। वहां की सरकार ने इस महामारी से लोगों को बचाने के लिए कड़े नियम लागू किए थे। मास्क न पहनने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगता था। दो महीने तक स्वीमिंग पूल बंद रहे थे। कड़े नियमों के चलते वहां जल्द ही सुधार हुआ और स्वीमिंग पूल कड़ी सावधानी के साथ खोल दिए गए।
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कोरोना से बचने को पूल में बढ़ाई क्लोरीन की मात्रा
चाहत ने बताया कि कोरोना से खिलाड़ियों को बचाने के लिए स्वीमिंग पूल में क्लोरीन की मात्रा उच्च लेवल तक बढ़ा दी गई। इसके बाद अभ्यास के दौरान एक कतार में एक ही स्वीमिंग खिलाड़ी अभ्यास के लिए पूल में उतारा। रोजाना कंप्यूटर पर तैराक के शरीर का तापमान नोट किया जाता था। पूल को रोजाना सुबह और शाम बेहतरीन तरीके से सैनिटाइज किया जाता था।
शहर के पूल अभी भी बंद
देश सहित सिटी ब्यूटीफुल में लॉकडाउन के समय से अब तक सभी स्वीमिंग पूल बंद पड़े हैं। चाहत ने बताया कि प्रशासन को यहां पर कोरोना से लोगों को बचाने के लिए कड़े नियमों का पालन करना चाहिए। मास्क न पहनने वालों पर सख्त कार्रवाई के साथ ही जुर्माना लगाना चाहिए जिससे हालात काबू में आएं। वहीं चाहत ने कहा कि सिटी में भी पूल पूरे सुरक्षा बंदोबस्त पर ही खुलने चाहिएं। शुरूआत में केवल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को ही अभ्यास का प्रवेश मिले।
पीयू के स्वीमिंग पूल से कॅरिअर की शुरुआत
भारत की टॉप 10 महिला तैराकों की सूची में शुमार चाहत अरोड़ा ने बताया कि उसने अपने स्वीमिंग कॅरिअर की शुरुआत पंजाब यूनिवर्सिटी के स्वीमिंग पूल से की। यहां पर कोच गुरचरण सिंह की देखरेख में विश्वविद्यालय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई।
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कोरोना से खिलाड़ियों के बचाव के लिए वहां पर स्वीमिंग पूलों पर बेहतरीन इंतजाम किए गए हैं ताकि तैराकी के दौरान कोई खिलाड़ी इस बीमारी का शिकार न हो पाए। चाहत ने बैंकॉक में अक्तूबर में खेली गई थाई स्वीमिंग चैंपियनशिप में 50 मीटर और 100 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक में नए रिकार्ड बनाकर देश का नाम रोशन किया।
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थाईलैंड में भी रहा लॉकडाउन
चाहत ने बताया कि थाईलैंड पहुंचने के दो महीने बाद वहां पर भी कोविड-19 के चलते लॉकडाउन लगा दिया गया था। वहां की सरकार ने इस महामारी से लोगों को बचाने के लिए कड़े नियम लागू किए थे। मास्क न पहनने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगता था। दो महीने तक स्वीमिंग पूल बंद रहे थे। कड़े नियमों के चलते वहां जल्द ही सुधार हुआ और स्वीमिंग पूल कड़ी सावधानी के साथ खोल दिए गए।
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कोरोना से बचने को पूल में बढ़ाई क्लोरीन की मात्रा
चाहत ने बताया कि कोरोना से खिलाड़ियों को बचाने के लिए स्वीमिंग पूल में क्लोरीन की मात्रा उच्च लेवल तक बढ़ा दी गई। इसके बाद अभ्यास के दौरान एक कतार में एक ही स्वीमिंग खिलाड़ी अभ्यास के लिए पूल में उतारा। रोजाना कंप्यूटर पर तैराक के शरीर का तापमान नोट किया जाता था। पूल को रोजाना सुबह और शाम बेहतरीन तरीके से सैनिटाइज किया जाता था।
शहर के पूल अभी भी बंद
देश सहित सिटी ब्यूटीफुल में लॉकडाउन के समय से अब तक सभी स्वीमिंग पूल बंद पड़े हैं। चाहत ने बताया कि प्रशासन को यहां पर कोरोना से लोगों को बचाने के लिए कड़े नियमों का पालन करना चाहिए। मास्क न पहनने वालों पर सख्त कार्रवाई के साथ ही जुर्माना लगाना चाहिए जिससे हालात काबू में आएं। वहीं चाहत ने कहा कि सिटी में भी पूल पूरे सुरक्षा बंदोबस्त पर ही खुलने चाहिएं। शुरूआत में केवल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को ही अभ्यास का प्रवेश मिले।
पीयू के स्वीमिंग पूल से कॅरिअर की शुरुआत
भारत की टॉप 10 महिला तैराकों की सूची में शुमार चाहत अरोड़ा ने बताया कि उसने अपने स्वीमिंग कॅरिअर की शुरुआत पंजाब यूनिवर्सिटी के स्वीमिंग पूल से की। यहां पर कोच गुरचरण सिंह की देखरेख में विश्वविद्यालय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई।