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Chabbewal By Poll: चब्बेवाल में रोमांचक होगा चुनाव, हर प्रत्याशी का दावा-क्षेत्र की सूरत बदल देंगे
Tue, 12 Nov 2024 08:22 AM IST
निवेदिता वर्मा
विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़
विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 12 Nov 2024 08:22 AM IST
सार
चब्बेवाल सीट पर विधानसभा उपचुनाव के मैदान में आम आदमी पार्टी (आप) की ओर होशियारपुर के सांसद राज कुमार चब्बेवाल के बेटे और पेशे से डॉक्टर इशांक चब्बेवाल हैं। दूसरी तरफ भाजपा से अनुभवी नेता सोहन सिंह ठंडल और तीसरे मोर्चे पर मौजूदा हालात के बदलाव की चाह रखने वाले कांग्रेस से रंजीत कुमार मैदान में है।
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लोगों से मिलते डाॅ. इशांक चब्बेवाल
- फोटो : फाइल
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विस्तार
होशियारपुर के कंडी क्षेत्र के हलके चब्बेवाल में उपचुनाव बेहद रोमांचक नजर आ रहा है। एक तरफ युवा कंधों पर सियासी विरासत की जिम्मेदारी है, तो दूसरी ओर अनुभवी और मौजूदा हालात को बदलने की चाह है।
पंजाब में उपचुनाव के बीच चब्बेवाल हॉट सीट बन गई है। यहां बेशक आप के युवा प्रत्याशी इशांक चब्बेवाल राजनीति में नए हैं, लेकिन वह सियासी परिवार से तालुक रखते हैं। चब्बेवाल सीट पर आप, कांग्रेस और भाजपा से चुनावी मैदान में उतरे तीनों प्रत्याशियों से अमर उजाला के राज्य ब्यूरो प्रमुख विशाल पाठक की विशेष बातचीत।
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पंजाब में उपचुनाव के बीच चब्बेवाल हॉट सीट बन गई है। यहां बेशक आप के युवा प्रत्याशी इशांक चब्बेवाल राजनीति में नए हैं, लेकिन वह सियासी परिवार से तालुक रखते हैं। चब्बेवाल सीट पर आप, कांग्रेस और भाजपा से चुनावी मैदान में उतरे तीनों प्रत्याशियों से अमर उजाला के राज्य ब्यूरो प्रमुख विशाल पाठक की विशेष बातचीत।
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आप-डॉ. इशांक चब्बेवाल
1-सवाल: पेशे से डॉक्टर होते हुए चुनावी मैदान में उतरने का फैसला आपका था या किसी और का? आप चुनाव को किस तरह देखते हैं ?जवाब-चुनाव लड़ने का फैसला मेरा था। जिस तरह मेरे पिता ने हलके के विकास के लिए काम किया, उससे ही मुझे प्ररेणा मिली। मैं बेशक पेशे से डॉक्टर हूं, लेकिन सियासी परिवार से तालुक रखने के नाते मैं चीजों को समझता हूं। बेशक मैं पहली बार चुनाव लड़ने जा रहा हूं, लेकिन अपने पिता सांसद राज कुमार चब्बेवाल के साथ, यहां तक कि बीते लोकसभा चुनाव में भी जमीनी स्तर पर जाकर मैंने भी बहुत कुछ सीखा है। मैं इस उपचुनाव को अपने हलके के लोगों के विकास और उनकी सेवा करने के अवसर से जोड़कर देखता हूं।
2-सवाल: आपके सामने दो अनुभवी नेता हैं और आप युवा हैं। आपकी नजर में चुनावी चुनौतियां क्या हैं ?
जवाब-बेशक मेरा सामना दो अनुभवी नेताओं से है, लेकिन मैं युवा हूं, यह मेरे के लिए एक प्लस पॉइंट हैं। मैं युवाओं और बुजुर्गों से बेहतर तरह से जुड़ सकता हूं और जमीनी स्तर पर जाकर लोगों के काम कर सकता हूं। मेरी नजर में चुनावी चुनौती यही है कि जिस तरह मेरे परिवार ने हलके की सेवा की, इस विश्वास को लोगों के बीच मुझे कायम रखना है।
3-सवाल: चुनाव जीतने पर हलके के लिए आप क्या काम कराएंगे, जो आपकी नजर में अहम हैं और लोगों की क्या समस्याएं हैं, जिन्हें आप दूर करेंगे ?
जवाब-कंडी क्षेत्र यानी पहाड़ी इलाका होने के नाते यहां कई चीजों की आवश्यकता है। जैसे युवाओं को रोजगार, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और इंडस्ट्री की सबसे बड़ी मांग है। अगर मैं चुनाव जीतता हूं तो क्षेत्र में उद्योग लाऊंगा, जिससे क्षेत्र का विकास और युवाओं को रोजगार मिल सके। एक डॉक्टर होने के नाते यहां के अस्पतालों को अपग्रेड कर नए सरकारी अस्पताल का प्रोजेक्ट लाऊंगा, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
भाजपा-सोहन सिंह ठंडल
1-सवाल: आप चार बार विधायक और सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। इस उपचुनाव को आप किस तरह देखते हैं ?जवाब-2012 में मैं चब्बेवाल सीट से विधायक रहा हूं, लेकिन 2017 और 2022 में चुनाव हार गया। उसका सबसे बड़ा कारण था कि तब मैं शिअद में था और उस समय शिअद पर बेअदबी और अन्य आरोपों की वजह से पार्टी को बहुत नुकसान हुआ था। बीते 7 वर्षों में चब्बेवाल हलके का विकास पिछड़ गया है, इसलिए मैं अपनी जिम्मेदारी समझकर भाजपा से चुनाव लड़ रहा हूं।
2-सवाल: शिअद छोड़कर भाजपा में शामिल होने के पीछे क्या कारण थे? दल-बदल की राजनीति से आपको फायदा होगा या नुकसान ?
जवाब-शिअद छोड़ने के पीछे मेरा सिर्फ एक ही कारण था कि पार्टी ने उपचुनाव लड़ने का फैसला नहीं लिया, जोकि गलत था। दूसरा मैं इस हलके के लिए विधायक के रूप में काम कर चुका हूं। शिअद छोड़ने का नुकसान होगा या नहीं, मैं नहीं जानता, लेकिन जिन भी लोगों के साथ मैंने काम किया है, वह मेरा साथ जरूर देंगे। मैं झूठ के सहारे नहीं अपने काम के बलबूते लोगों के बीच जाकर वोट मांग रहा हूं।
3-सवाल: चुनाव जीतने पर आप हलके की किन समस्याओं को दूर करेंगे ?
जवाब-यह एक कंडी क्षेत्र है, जिसके चलते यहां उद्योगों को बढ़ावा देने बहुत जरूरी है, जिससे लोगों को रोजगार मिल सके। इसके अलावा क्षेत्र की पंजाब के बड़े शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी और केंद्र में भाजपा की सरकार होने का लाभ उठाते हुए यहां के किसानों के लिए खेती के नए विकल्प और उनकी आय को बढ़ाने के लिए नई योजनाओं के साथ उन्हें जोड़ने का प्रयास करूंगा। हलके में स्मॉल स्केल इंडस्ट्री लाऊंगा और गिरते भूजल की स्थिति सुधारने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
कांग्रेस-रंजीत कुमार
1 सवाल: लोकसभा चुनाव के बाद अब आप इस उपचुनाव को किस तरह देखते हैं? चुनाव में आपके लिए क्या चुनौतियां हैं ?जवाब-मैंने बसपा से होशियारपुर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन मैं असफल रहा। उपचुनाव में उतरने का मेरा एक ही मकसद है कि मैं इस हलके के लोगों की सेवा कर सकूं, जोकि पिछड़ता जा रहा है। आज जनता सरकार से असंतुष्ट है, कर्मचारी परेशान हैं और प्रदेश की कर्ज की चपेट में आ गया है। यही कारण है कि मैं कांग्रेस से मैदान में उतरा हूं।
2 सवाल: चुनाव के दौरान आपके सामने वे कौन सी चुनौतियां और समस्याएं हैं, जिन्हें आप चुनाव जीतने के बाद दूर करना चाहेंगे ?
जवाब-मेरे लिए हलके की सबसे बड़ी चुनौती यहां के युवाओं को रोजगार मुहैया कराना है। कंडी क्षेत्र होने के नाते युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर जाना पड़ता है। दूसरा यहां कोई उद्योग नहीं होने के कारण क्षेत्र का विकास नहीं हो रहा है, इसके लिए नए उद्योग लाने का प्रयास करूंगा। प्रदेश में ड्रग्स की समस्या जिस तरह बढ़ती जा रही है, उसे दूर करने के लिए हलके में ईमानदार अफसरों की जरूरत है।
3 सवाल: आप कांग्रेस में आने से पहले बसपा और शिअद गठबंधन का भी हिस्सा रहे हैं। आपको क्या लगता है कि दोनों पार्टी का वोट बैंक आपको मिलेगा ?
जवाब-मैं बसपा और शिअद गठबंधन के दौरान होशियारपुर में कई अहम जिम्मेदारी निभा चुका हूं। मैंने जिन लोगों के साथ काम किया है, वे मेरे कार्यों को देखते हुए जरूर वोट करेंगे। मैं क्षेत्र के विकास के लिए चुनाव लड़ रहा हूं, ताकि लोगों की समस्याओं को दूर कर सकूं।