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Chandigarh News: सीएफएसएल जांच से खुलेगा घोटाले का राज
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चंडीगढ़। साल 2022 में चंडीगढ़ दमकल विभाग में 273 फायरमैन की भर्ती में हुए फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस हरकत में आई है। पुलिस ने नगर निगम से भर्ती सभी 273 फायरमैन का मेडिकल रिकॉर्ड मांगा है।
पुलिस मेडिकल रिकॉर्ड और ओएमआर शीट की जांच के लिए सीएफएसएल भेजेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि परीक्षा देने वाला उम्मीदवार और भर्ती होने वाला उम्मीदवार एक ही था या नहीं। मेडिकल रिकॉर्ड में असली उम्मीदवार के हस्ताक्षर, फिंगरप्रिंट और लिखावट होगी, जिसका मिलान ओएमआर शीट से किया जाएगा। इसके साथ परीक्षा के दौरान हुई वीडियोग्राफी से भी उम्मीदवारों की पहचान की जाएगी।
60 फायरमैन भर्ती का हुआ था खुलासा
पुलिस ने फायरमैन के रूप में कार्यरत दीपक, बृजेंद्र और नवीन को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने पूछताछ में 60 लोगों को फायरमैन भर्ती करवाने की बात कबूली है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। इस घोटाले में एक फायरमैन की भर्ती के लिए 10 लाख रुपये लिए गए थे। पुलिस अभी तक परीक्षा देने वाले डमी उम्मीदवारों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। सूत्रों के अनुसार, फर्जी तरीके से भर्ती हुए फायरमैन की संख्या 100 से अधिक हो सकती है।
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हरियाणा पुलिस में भी फर्जी तरीके से लगवाया सिपाही
एएसआई भर्ती में पकड़े गए सतीश ने हरियाणा पुलिस में भी फर्जी तरीके से सिपाही भर्ती करवाने का खुलासा किया है। इसके अलावा कई अलग-अलग विभागों में नौकरियां लगवाने की बात कही है। सूत्रों ने बताया कि एक उम्मीदवार हरियाणा की नामी यूनिवर्सिटी में नौकरी कर रहा है। एक उम्मीदवार दिल्ली के उच्च विभाग में कार्यरत है, जबकि अन्य आरोपी अलग-अलग जगह सरकारी नौकरियां कर रहे हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने पंचकूला हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन को दो बार नोटिस भेजकर सतीश से पूछताछ में बताए गए हरियाणा पुलिस में तैनात सिपाही जयदीप का रिकॉर्ड मंगवाया था। इसमें बैच नंबर और बेल्ट नंबर भी लिखा था, लेकिन हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन की तरफ से चंडीगढ़ को कोई जवाब नहीं दिया गया।
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पुलिस मेडिकल रिकॉर्ड और ओएमआर शीट की जांच के लिए सीएफएसएल भेजेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि परीक्षा देने वाला उम्मीदवार और भर्ती होने वाला उम्मीदवार एक ही था या नहीं। मेडिकल रिकॉर्ड में असली उम्मीदवार के हस्ताक्षर, फिंगरप्रिंट और लिखावट होगी, जिसका मिलान ओएमआर शीट से किया जाएगा। इसके साथ परीक्षा के दौरान हुई वीडियोग्राफी से भी उम्मीदवारों की पहचान की जाएगी।
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60 फायरमैन भर्ती का हुआ था खुलासा
पुलिस ने फायरमैन के रूप में कार्यरत दीपक, बृजेंद्र और नवीन को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने पूछताछ में 60 लोगों को फायरमैन भर्ती करवाने की बात कबूली है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। इस घोटाले में एक फायरमैन की भर्ती के लिए 10 लाख रुपये लिए गए थे। पुलिस अभी तक परीक्षा देने वाले डमी उम्मीदवारों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। सूत्रों के अनुसार, फर्जी तरीके से भर्ती हुए फायरमैन की संख्या 100 से अधिक हो सकती है।
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हरियाणा पुलिस में भी फर्जी तरीके से लगवाया सिपाही
एएसआई भर्ती में पकड़े गए सतीश ने हरियाणा पुलिस में भी फर्जी तरीके से सिपाही भर्ती करवाने का खुलासा किया है। इसके अलावा कई अलग-अलग विभागों में नौकरियां लगवाने की बात कही है। सूत्रों ने बताया कि एक उम्मीदवार हरियाणा की नामी यूनिवर्सिटी में नौकरी कर रहा है। एक उम्मीदवार दिल्ली के उच्च विभाग में कार्यरत है, जबकि अन्य आरोपी अलग-अलग जगह सरकारी नौकरियां कर रहे हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने पंचकूला हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन को दो बार नोटिस भेजकर सतीश से पूछताछ में बताए गए हरियाणा पुलिस में तैनात सिपाही जयदीप का रिकॉर्ड मंगवाया था। इसमें बैच नंबर और बेल्ट नंबर भी लिखा था, लेकिन हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन की तरफ से चंडीगढ़ को कोई जवाब नहीं दिया गया।